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  1. पोस्ट ऑफिस ग्राहकों के लिए जरूरी खबर: 1 सितंबर से मोबाइल लिंक नहीं तो ट्रांजैक्शन बंद

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पोस्ट ऑफिस ग्राहकों के लिए जरूरी खबर: 1 सितंबर से मोबाइल लिंक नहीं तो ट्रांजैक्शन बंद

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड June 25, 2026, 14:18 IST

सारांश

डाक विभाग ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं को अधिक डिजिटल और सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसी कड़ी में शाखा डाकघरों में DREAM मोबाइल ऐप के जरिए आधार आधारित बायोमेट्रिक बैंकिंग सेवाएं शुरू की गई हैं।

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India Post: ग्राहकों को जल्द से जल्द अपना मोबाइल नंबर खाते से लिंक कराना होगा।

डाक विभाग ने पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक (POSB) खाताधारकों के लिए नया नियम लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत जिन खातों में मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नहीं होगा, वे 1 सितंबर 2026 के बाद DREAM ऐप के जरिए बैंकिंग लेनदेन नहीं कर पाएंगे। यानी ग्राहकों को जल्द से जल्द अपना मोबाइल नंबर खाते से लिंक कराना होगा।

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आधार आधारिक बैंकिंग सेवाएं

डाक विभाग ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं को अधिक डिजिटल और सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसी कड़ी में शाखा डाकघरों में DREAM मोबाइल ऐप के जरिए आधार आधारित बायोमेट्रिक बैंकिंग सेवाएं शुरू की गई हैं। इससे ग्राहक फिंगरप्रिंट के जरिए कई बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे और कागजी प्रक्रिया कम होगी।

डिपॉजिट और निकासी की नई सुविधा

नए सिस्टम के तहत ग्राहक आधार सत्यापन के जरिए बचत खाते, आरडी (Recurring Deposit) और Sukanya Samriddhi Yojana खातों में 50,000 रुपये तक जमा कर सकेंगे। इसके अलावा बचत खाते से 20,000 रुपये तक की निकासी बिना किसी विड्रॉल स्लिप के की जा सकेगी। साथ ही पुराने खातों को भी आधार आधारित e-KYC प्रोफाइल में बदला जाएगा।

डाक विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल ये सुविधाएं केवल एकल खातों (Single Holder Accounts) के लिए उपलब्ध होंगी। संयुक्त खाते (Joint Accounts) और नाबालिगों के खाते अभी इस व्यवस्था के तहत शामिल नहीं किए गए हैं।

किसी भी शाखा डाकघर से लेनदेन की सुविधा

ग्राहकों को एक और बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। अब तक लोग केवल उसी शाखा डाकघर में लेनदेन कर सकते थे, जहां उनका खाता था। लेकिन नए "BO Inter-operability" सिस्टम के तहत आधार प्रमाणीकरण के बाद ग्राहक देश के किसी भी शाखा डाकघर से लेनदेन कर सकेंगे। इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत मिलेगी।

नई e-KYC प्रक्रिया में ग्राहक की जानकारी सीधे Unique Identification Authority of India (UIDAI) के आधार रिकॉर्ड से ली जाएगी। इसमें नाम, पता, जन्मतिथि और अन्य विवरण शामिल होंगे। डाकघर कर्मचारी इन जानकारियों में बदलाव नहीं कर सकेंगे। यदि आधार और खाते की जानकारी मेल नहीं खाती है, तो पहले आधार रिकॉर्ड को ठीक कराना होगा, तभी e-KYC पूरी हो सकेगी।

क्यों किया गया यह बदलाव

डाक विभाग का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुरक्षित बनाना, ग्राहकों तक लेनदेन की जानकारी तुरंत पहुंचाना और धोखाधड़ी की संभावना को कम करना है। इसलिए जिन लोगों का मोबाइल नंबर अभी तक उनके POSB खाते से लिंक नहीं है, उन्हें 1 सितंबर 2026 से पहले यह काम पूरा कर लेना चाहिए, ताकि भविष्य में लेनदेन करने में कोई परेशानी न आए।

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