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4 min read | अपडेटेड August 07, 2026, 13:01 IST
सारांश
भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 सीरीज XI के समय से पहले रिडेम्पशन की कीमत तय कर दी है। निवेशक 7 अगस्त 2026 को 14,564 रुपये प्रति यूनिट के भाव पर बॉन्ड भुना सकते हैं। इसमें निवेशकों को लगभग 197% का शानदार मुनाफा मिल रहा है, हालांकि नए टैक्स नियम भी लागू होंगे।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड धारकों के पास समय से पहले बॉन्ड भुनाकर 197% तक मुनाफा कमाने का मौका है। | Image: Shutterstock
अगर आपने साल 2021 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में पैसा लगाया था, तो आपके लिए बहुत बड़ी खबर आई है। भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 की सीरीज XI के समय से पहले रिडेम्पशन की कीमत तय कर दी है। निवेशक 7 अगस्त 2026 को अपने बॉन्ड समय से पहले भुना सकते हैं। आरबीआई ने इसके लिए 14,564 रुपये प्रति यूनिट का भाव तय किया है। जिन लोगों ने इस बॉन्ड में निवेश किया था, उन्हें अब करीब तीन गुना यानी 197% का भारी-भरकम रिटर्न मिल रहा है।
आरबीआई ने यह गोल्ड बॉन्ड 9 फरवरी 2021 को जारी किया था। उस समय इसका इश्यू प्राइस 4,912 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया था। जिन निवेशकों ने ऑनलाइन अप्लाई किया था और डिजिटल पेमेंट किया था, उन्हें 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट मिली थी। ऐसे निवेशकों के लिए इश्यू प्राइस 4,862 रुपये प्रति ग्राम पड़ा था। अब 7 अगस्त 2026 को निवेशक इसे 14,564 रुपये में भुना सकते हैं। 8 और 9 अगस्त को छुट्टी होने की वजह से इस ट्रेंच के लिए रिडेम्पशन की तारीख 7 अगस्त रखी गई है।
आरबीआई ने बताया कि इस प्री-मैच्योर रिडेम्पशन प्राइस की गिनती 999 शुद्धता वाले सोने के क्लोजिंग प्राइस के आधार पर की गई है। इसके लिए इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन यानी आईबीजेए द्वारा जारी किए गए 4, 5 और 6 अगस्त 2026 के सिंपल एवरेज भाव को आधार बनाया गया है। इसी औसत के हिसाब से 14,564 रुपये की कीमत तय की गई है।
मुनाफे की बात करें तो जिन निवेशकों ने 4,912 रुपये प्रति ग्राम के रेगुलर प्राइस पर बॉन्ड खरीदा था, उन्हें अब 14,564 रुपये प्रति ग्राम मिलेंगे। इस हिसाब से उन्हें प्रति ग्राम 9,652 रुपये का सीधा कैपिटल गेन हुआ है, जो कि इश्यू प्राइस पर लगभग 197% का रिटर्न है। वहीं, जिन निवेशकों ने डिजिटल पेमेंट करके 4,862 रुपये के डिस्काउंटेड भाव पर इसे खरीदा था, उन्हें प्रति ग्राम 9,702 रुपये का फायदा हुआ है। इसके अलावा, निवेशकों को उनके मूल निवेश पर 2.5% का सालाना ब्याज भी मिलता रहा है, जिसका भुगतान हर छह महीने में किया जाता है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कुल अवधि आठ साल की होती है। हालांकि, निवेशकों को जारी होने की तारीख से पांच साल पूरे होने के बाद इसे समय से पहले भुनाने यानी प्री-मैच्योर रिडेम्पशन का ऑप्शन दिया जाता है। इस सीरीज के पांच साल पूरे होने के बाद अब निवेशक इसका फायदा उठा सकते हैं।
इस बार बॉन्ड भुनाने वाले निवेशकों को टैक्स नियमों का विशेष ध्यान रखना होगा। बजट 2026 के बाद सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स के नियम बदल गए हैं। पहले मैच्योरिटी और प्री-मैच्योर रिडेम्पशन दोनों पर मिलने वाले कैपिटल गेन्स पर पूरी तरह से टैक्स छूट मिलती थी। लेकिन 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए नए नियमों के तहत टैक्स छूट सिर्फ उन्हीं निवेशकों को मिलेगी, जिन्होंने शुरुआत में बॉन्ड सब्सक्राइब किया था और उसे मैच्योरिटी तक होल्ड करके रखा। इसका मतलब है कि जो निवेशक अब प्री-मैच्योर रिडेम्पशन चुन रहे हैं, उन्हें नए नियमों के तहत कैपिटल गेन्स टैक्स में छूट नहीं मिलेगी। साथ ही, सेकेंडरी मार्केट से बॉन्ड खरीदने वाले निवेशक भी इस टैक्स छूट के हकदार नहीं होंगे।
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