मार्केट न्यूज़
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4 min read | अपडेटेड May 28, 2026, 12:33 IST
सारांश
शेयर बाजार की सुस्ती के बीच विप्रो, बजाज ऑटो और जायडस लाइफसाइंसेज जैसी बड़ी कंपनियों ने शेयर बायबैक का ऐलान किया है। फाइनेंस एक्ट 2026 के तहत टैक्स नियमों में हुए बदलाव और कंपनियों के पास मौजूद कैश रिजर्व के कारण कंपनियां निवेशकों को प्रीमियम प्राइस पर शेयर वापस खरीदने का मौका दे रही हैं।

विप्रो ने 15,000 करोड़ और बजाज ऑटो ने 5,633 करोड़ रुपये के बड़े बायबैक की घोषणा की है। | Image: Shutterstock
शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और कमजोरी के बीच देश की कई बड़ी कंपनियों ने अपने निवेशकों को खुश करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विप्रो, बजाज ऑटो और जायडस लाइफसाइंसेज जैसी दिग्गज कंपनियों ने अपने मार्च तिमाही के नतीजों के साथ शेयर बायबैक का बड़ा ऐलान किया है। साल 2026 में सप्लाई चेन की दिक्कतों और वेस्ट एशिया संकट के कारण भारतीय शेयर बाजार का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी50 करीब 8.56 पर्सेंट तक गिर चुका है। ऐसे कमजोर बाजार में जिन कंपनियों के पास अच्छा-खासा कैश रिजर्व बचा है, वे अपने शेयर होल्डर्स को फायदा पहुंचाने के लिए बायबैक का रास्ता चुन रही हैं। कंपनियां बाजार भाव से काफी अधिक प्रीमियम प्राइस पर निवेशकों से उनके शेयर वापस खरीद रही हैं ताकि उन्हें इस मंदी में भी बेहतर वैल्यू मिल सके।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस समय कंपनियां ऊंचे स्तरों के बजाय कम शेयर प्राइस पर बायबैक करना ज्यादा बेहतर समझ रही हैं। जब बाजार में गिरावट के कारण शेयरों के दाम कम होते हैं, तब जिन कंपनियों के पास भारी कैश मौजूद होता है और उनके पास तुरंत कैपेक्स या किसी अन्य कंपनी को खरीदने का कोई बड़ा प्लान नहीं होता, वे इस कैश का इस्तेमाल अपने ही शेयर खरीदने में करती हैं। इससे कंपनियों को किसी बाहरी जगह निवेश करने के मुकाबले बेहतर आरओआई यानी रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट मिलने की उम्मीद रहती है। इसके अलावा, बायबैक से मार्केट में यह मैसेज भी जाता है कि कंपनी का मैनेजमेंट अपने बिजनेस को लेकर पूरा भरोसा रखता है और उसे लगता है कि बाजार में उसके शेयर की असली कीमत कम आंकी गई है।
कंपनियों द्वारा इस समय बायबैक लाने की एक बड़ी वजह टैक्स नियमों में हुआ नया बदलाव भी है। नए फाइनेंस एक्ट 2026 के तहत, जो कि 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है, बायबैक से होने वाली कमाई पर टैक्स देनदारी में बड़ा बदलाव आया है। अब बायबैक से मिलने वाले पैसे को डिविडेंड इनकम नहीं माना जाएगा। इससे पहले निवेशकों को बिना ओरिजिनल खरीद लागत घटाए पूरी रकम पर टैक्स देना पड़ता था। लेकिन अब नए नियमों के बाद शेयर बायबैक को सामान्य शेयर बिक्री की तरह कैपिटल गेन्स इनकम माना जाएगा। इसका मतलब है कि निवेशकों को अब कैपिटल गेन्स, ब्रोकरेज और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी एसटीटी जैसी चीजों को ध्यान में रखकर अपने नेट प्रॉफिट का हिसाब लगाना होगा।
इस समय बाजार में कई बड़े बायबैक पाइपलाइन में हैं। आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनी विप्रो ने अब तक का अपना सबसे बड़ा 15,000 करोड़ रुपये का बायबैक ऑफर पेश किया है। विप्रो 250 रुपये प्रति शेयर के दाम पर 60 करोड़ शेयर वापस खरीदेगी, जो इसके क्लोजिंग प्राइस से करीब 24 पर्सेंट प्रीमियम पर है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 5 जून 2026 तय की गई है। वहीं, टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी बजाज ऑटो ने 5,633 करोड़ रुपये के बायबैक का ऐलान किया है, जिसमें 12,000 रुपये प्रति शेयर का ऑफर प्राइस दिया गया है, जो करंट मार्केट प्राइस से 11 पर्सेंट अधिक है और यह कंपनी के कुल पेड-अप शेयर कैपिटल का लगभग 1.68 पर्सेंट है।
फार्मा सेक्टर की जायडस लाइफसाइंसेज ने अपने बायबैक ऑफर प्राइस को बढ़ाकर 1,260 रुपये प्रति शेयर कर दिया है, जो 16 पर्सेंट के प्रीमियम पर है और इसकी कुल वैल्यू 1,100 करोड़ रुपये है। इसके तहत कंपनी 87,30,158 शेयर वापस खरीदेगी। इसके अलावा धनुका एग्रीटेक ने 70 करोड़ रुपये का बायबैक प्लान पेश किया है, जिसका ऑफर प्राइस 1,400 रुपये प्रति शेयर है और यह 18 पर्सेंट के प्रीमियम पर मिल रहा है। साइबरटेक सिस्टम्स ने भी 170 रुपये प्रति शेयर के दाम पर 14.45 करोड़ रुपये का बायबैक घोषित किया है जो कि 12 पर्सेंट प्रीमियम पर है। जायडस, धनुका और साइबरटेक तीनों के लिए रिकॉर्ड डेट 29 मई तय की गई है। जो निवेशक इन बायबैक का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें रिकॉर्ड डेट से एक दिन पहले तक इन कंपनियों के शेयर में निवेश करना होगा।
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