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3 min read | अपडेटेड May 27, 2026, 13:37 IST
सारांश
इन्फ्रास्ट्रक्चर और ईपीसी सेक्टर की दिग्गज कंपनी ट्रांसरेल लाइटिंग लिमिटेड के बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के शानदार कंसोलिडेटेड नतीजे जारी किए हैं। पूरे साल के दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर 403.59 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसके साथ ही शेयरहोल्डर्स के लिए 2 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की गई है।

चौथी तिमाही के शानदार नतीजों के बाद ट्रांसरेल लाइटिंग के बोर्ड ने किया डिविडेंड का एलान।
शेयर बाजार में ईपीसी यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की बड़ी कंपनी ट्रांसरेल लाइटिंग लिमिटेड ने मंगलवार को अपने सालाना नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की चौथी तिमाही और पूरे साल के कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी गई। इस पूरे साल के दौरान कंपनी ने ऑपरेशनल परफॉर्मेंस के मोर्चे पर बहुत ही दमदार प्रदर्शन किया है, जिसकी वजह से इसके रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट दोनों में बहुत बड़ी बढ़त दर्ज की गई है।
इन शानदार नतीजों से खुश होकर कंपनी के बोर्ड ने अपने शेयरहोल्डर्स को एक बड़ा तोहफा देने का एलान किया है। बोर्ड ने हर इक्विटी शेयर पर 2 रुपये यानी 100 पर्सेंट के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। इस डिविडेंड को आगामी सालाना आम बैठक यानी AGM में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलने के बाद 30 दिनों के भीतर चुका दिया जाएगा।
कंपनी ने अपने बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और फ्यूचर की संभावनाओं का पूरा फायदा उठाने के लिए एक बड़ा इंप्लीमेंटेशन प्लान तैयार किया है। बोर्ड ने इसके तहत लगभग 203 करोड़ रुपये के नए कैपिक्स प्लान को अपनी मंजूरी दे दी है। इस भारी-भरकम निवेश के जरिए कंपनी मुख्य रूप से अपनी टावर और कंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में आ रही रुकावटों को दूर करेगी। इसके साथ ही पुरानी और मौजूद मशीनों को अपग्रेड किया जाएगा ताकि प्रोडक्शन कैपेसिटी को 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष तक बढ़ाया जा सके। कंपनी ने पहले ही अपनी टावर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाकर 1,92,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष और कंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को 49,200 किलोमीटर प्रति वर्ष करने का काम शुरू कर दिया है। यह नया निवेश कंपनी की ऑर्डर बुक की बढ़ती जरूरतों को समय पर पूरा करने में मदद करेगा।
कंपनी ने अपने बिजनेस ऑपरेशन्स को सुचारू रूप से चलाने और फंड की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी कई बड़े फैसले लिए हैं। बोर्ड ने कुल 100 करोड़ रुपये तक के कमर्शियल पेपर्स और 100 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स जारी करने की मंजूरी दी है। यह फंड कंपनी की तय उधार सीमाओं के भीतर ही जुटाया जाएगा। इसके साथ ही विदेशी बाजारों में अपनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए कंपनी ने यूएई में मौजूद अपनी दो पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरीज ट्रांसरेल ट्रेडिंग LLC और ट्रांसरेल इंटरनेशनल FZE में बड़ा निवेश करने का फैसला किया है। इसके तहत ट्रांसरेल ट्रेडिंग में 1.25 करोड़ AED (लगभग 32.42 करोड़ रुपये) और ट्रांसरेल इंटरनेशनल में 1.88 करोड़ AED (लगभग 48.75 करोड़ रुपये) का निवेश किया जाएगा। दूसरी तरफ मलेशिया में मौजूद अपनी एक ऐसी सब्सिडियरी को स्वैच्छिक रूप से बंद करने की मंजूरी दी गई है जिसमें कोई बिजनेस ऑपरेशन नहीं चल रहा था।
सालाना नतीजों के साथ ही कंपनी मैनेजमेंट ने मार्च 2026 के दौरान इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा की गई सर्च और सीजर की कार्रवाई पर भी स्थिति को पूरी तरह साफ कर दिया है। कंपनी ने बताया कि 24 मार्च से 28 मार्च 2026 तक चली इस जांच के दौरान कंपनी के सभी अधिकारियों और एग्जीक्यूटिव्स ने विभाग का पूरा सहयोग किया था। इस कार्रवाई के दौरान कंपनी की किसी भी संपत्ति को अटैच नहीं किया गया है और न ही किसी तरह की अघोषित राशि को सरेंडर किया गया है। कंपनी को इनकम टैक्स विभाग से अभी तक कोई डिमांड नोटिस भी नहीं मिला है। मैनेजमेंट का कहना है कि इस कार्रवाई का कंपनी के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा है और बिजनेस से जुड़ी सभी एक्टिविटीज पहले की तरह सामान्य रूप से चल रही हैं।
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