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  1. पेटीएम बोनस शेयर प्रस्ताव क्यों टला, स्टॉक्स कितने लुढ़के, जून तिमाही नतीजों में क्या कुछ रहा खास?

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पेटीएम बोनस शेयर प्रस्ताव क्यों टला, स्टॉक्स कितने लुढ़के, जून तिमाही नतीजों में क्या कुछ रहा खास?

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड July 21, 2026, 11:57 IST

सारांश

पेटीएम ने सोमवार को देर रात जून तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी ने जारी बयान में कहा कि पहली (अप्रैल-जून) तिमाही में ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 28% बढ़कर 2,448 करोड़ रुपये हो गया। वहीं कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) 182% बढ़कर रिकॉर्ड 203 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।

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पेटीएम बोनस शेयर प्रस्ताव क्यों टाला? (Photo: Shutterstock)

डिजिटल पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विसेज प्लैटफॉर्म पेटीएम की मूल कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड का फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के पहले क्वार्टर में नेट प्रॉफिट 79% बढ़कर 220 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी ने 203 करोड़ रुपये की अब तक की सबसे ज्यादा कर पूर्व आय (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization, EBITDA) दर्ज की। इसके अलावा कंपनी ने बोनस शेयर प्रस्ताव फिलहाल टाल दिया है। आज इसके बाद से पेटीएम के शेयरों में जबर्दस्त हलचल देखने को मिली है। एक समय पेटीएम के शेयरों में 2% से ज्यादा की तेजी देखी गई थी, लेकिन फिर प्रॉफिट बुकिंग के चलते शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 11:30 बजे के करीब पेटीएम के शेयर 2% यानी कि प्रति शेयर करीब 26 रुपये गिरकर 1,321 रुपये के आस-पास ट्रेड होते दिखे।

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पेटीएम ने सोमवार को देर रात जून तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी ने जारी बयान में कहा कि पहली (अप्रैल-जून) तिमाही में ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 28% बढ़कर 2,448 करोड़ रुपये हो गया। वहीं कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) 182% बढ़कर रिकॉर्ड 203 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इस दौरान ईबीआईटीडीए मार्जिन बढ़कर 8% हो गया। कंपनी का नेट प्रॉफिट 79% बढ़कर 220 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने इसका श्रेय व्यापारियों और उपभोक्ता कारोबार में तेज वृद्धि, ईबीआईटीडीए मार्जिन में विस्तार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित ऑपरेटिंग दक्षता को दिया है।

वहीं पेटीएम का उपभोक्ता यूपीआई कारोबार लगातार पांचवीं तिमाही में बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में सफल रहा। उपभोक्ता यूपीआई सकल लेनदेन मूल्य (जीटीवी) 45% बढ़कर 5.9 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो उद्योग की वृद्धि दर का 2.2 गुना है। मंथली ट्रांजैक्शन करने वाले यूजर्स की संख्या भी 60 लाख बढ़कर आठ करोड़ हो गई। कंपनी का नकद शेष जून, 2026 के अंत तक बढ़कर 13,529 करोड़ रुपये हो गया, जिससे कारोबार के विस्तार के लिए पर्याप्त वित्तीय मजबूती उपलब्ध है। बयान के मुताबिक रेवेन्यू ग्रोथ, ईबीआईटीडीए मार्जिन में विस्तार, बड़े संभावित बाजार और एआई आधारित ऑपरेटिंग दक्षता में तेजी से लॉन्ग-टर्म टिकाऊ प्रॉफिट वृद्धि की पर्याप्त संभावना है।

क्यों बोनस शेयर का प्रस्ताव टाला?

इस बीच, वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने फिलहाल बोनस शेयर जारी करने के प्रस्ताव पर आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि वह शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजन के उद्देश्य से वृद्धि और लाभप्रदता को और मजबूत करने पर फोकस करेगी। यह फैसला 30 जून, 2026 को खत्म तिमाही के वित्तीय परिणामों के साथ लिया गया। पेटीएम ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, ‘लॉन्ग-टर्म शेयरहोल्डर्स के वैल्यू क्रिएशन के दृष्टिकोण से प्रस्ताव का मूल्यांकन और विस्तृत विचार-विमर्श करने के बाद बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का मानना था कि कंपनी को शेयरधारकों के लिए वैल्यू क्रिएशन के उद्देश्य से वृद्धि और लाभप्रदता को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इसलिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने फिलहाल इस प्रस्ताव पर आगे नहीं बढ़ने का फैसला लिया है।’

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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