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  1. पेटीएम ने Q1 FY27 में दर्ज किया ₹203 करोड़ का रिकॉर्ड EBITDA, रेवेन्यू 28% उछला

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पेटीएम ने Q1 FY27 में दर्ज किया ₹203 करोड़ का रिकॉर्ड EBITDA, रेवेन्यू 28% उछला

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड July 21, 2026, 11:50 IST

सारांश

पेटीएम ने जून 2026 तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने अब तक का सबसे ज्यादा 203 करोड़ रुपये का EBITDA दर्ज किया है। इस दौरान पेटीएम का ऑपरेशन से रेवेन्यू 28% बढ़कर 2,448 करोड़ रुपये हो गया।

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पेटीएम के तिमाही नतीजे हुए जारी।

पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने जून 2026 में खत्म हुई तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। इस बार कंपनी ने अपना अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही EBITDA हासिल करके नया रिकॉर्ड बनाया है। मर्चेंट और कंज्यूमर बिजनेस में आई तेजी, EBITDA मार्जिन में विस्तार और AI आधारित ऑपरेशंस के कारण कंपनी को यह बड़ी सफलता मिली है। जून 2026 तिमाही के दौरान पेटीएम की कमाई में जबर्दस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे इन्वेस्टर्स का भरोसा काफी मजबूत हुआ है।

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EBITDA और रेवेन्यू में रिकॉर्ड तोड़ बढ़त

Q1 FY27 में पेटीएम का ऑपरेशन से रेवेन्यू 28% बढ़कर 2,448 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसके साथ ही कंपनी का EBITDA 182% बढ़कर 203 करोड़ रुपये के ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया। इस दौरान EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 8% हो गया है। अगर बात नेट प्रॉफिट की करें तो टैक्स चुकाने के बाद कंपनी का प्रॉफिट 79% बढ़कर 220 करोड़ रुपये रहा। पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (PIDF) इंसेंटिव को हटाकर तुलना करें तो ऑपरेशन से रेवेन्यू में 31% की ग्रोथ दर्ज की गई है।

मर्चेंट बिजनेस और डिवाइस की बढ़ती मांग

मर्चेंट बिजनेस के मोर्चे पर भी पेटीएम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। मर्चेंट GMV 31% बढ़कर 7.1 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस मिलने के बाद ऑनलाइन मर्चेंट बिजनेस में तेजी आई है। इसके अलावा साउंडबॉक्स और दूसरे डिवाइसेज का इस्तेमाल करने वाले मर्चेंट्स की संख्या बढ़कर 1.57 करोड़ हो गई है। नेट पेमेंट रेवेन्यू 25% बढ़कर 601 करोड़ रुपये हो गया है। पेमेंट प्रोसेसिंग मार्जिन भी 4 bps से ऊपर बना हुआ है, जो बिजनेस की मजबूती को दिखाता है।

फाइनेंशियल सर्विसेज और लोन डिस्ट्रीब्यूशन का कमाल

फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन से होने वाला रेवेन्यू 45% बढ़कर 814 करोड़ रुपये हो गया है। मर्चेंट लोन डिस्ट्रीब्यूशन में लगातार हो रही ग्रोथ और कंज्यूमर लोंस में मिले सपोर्ट की वजह से यह बढ़त हासिल हुई है। मर्चेंट बेस बढ़ने और लेंडिंग पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने से कंपनी को काफी फायदा हुआ है। मर्चेंट लोन में आधे से ज्यादा लोन दोबारा कर्ज लेने वाले ग्राहकों को बांटे गए हैं। इक्विटी ब्रोकिंग, मार्जिन ट्रेड फंडिंग और पेटीएम गोल्ड जैसे वेल्थ प्रॉडक्ट्स से भी कमाई में अच्छा सुधार हुआ है।

UPI मार्केट शेयर और मजबूत कैश बैलेंस

पेटीएम कंज्यूमर UPI ने लगातार पांच तिमाहियों से अपने मार्केट शेयर में इजाफा किया है। कंज्यूमर UPI GTV 45% बढ़कर 5.9 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पूरी इंडस्ट्री की ग्रोथ रेट से 2.2 गुना ज्यादा है। मंथली ट्रांजैक्टिंग यूजर्स (MTU) की संख्या में 60 लाख की बढ़ोतरी हुई है और अब यह आंकड़ा 8 करोड़ पर पहुंच गया है। AI तकनीक की मदद से यूजर्स और मर्चेंट्स दोनों का अनुभव बेहतर हुआ है। जून 2026 तक कंपनी के पास 13,529 करोड़ रुपये का कैश बैलेंस मौजूद है, जो फ्यूचर में बिजनेस विस्तार में मदद करेगा।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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