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SBI Mutual Fund IPO: 6 फीसदी के प्रीमियम पर लिस्ट हुआ आईपीओ, यहां जानें इसके बारे में तीन बातें

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड July 21, 2026, 09:57 IST

सारांश

एसबीआई म्यूचुअल फंड की मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड का आईपीओ 6 फीसदी के प्रीमियम पर लिस्ट हुआ है। 9,812.91 करोड़ रुपये का यह आईपीओ कुल 42 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

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एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड के शेयर आज शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रहे हैं।| Image: Shutterstock

एसबीआई म्यूचुअल फंड को मैनेज करने वाली कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड के शेयरों की आज 6 फीसदी के प्रीमियम पर लिस्टिंग हो गई है। यह आईपीओ 6.85% की तेजी के साथ 613.30 रुपये पर लिस्ट हुआ है। बता दें कि कंपनी के 9,812.91 करोड़ रुपये के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ को निवेशकों का जबर्दस्त समर्थन मिला है। यह आईपीओ कुल मिलाकर लगभग 42 गुना यानी 41.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

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निवेशकों से मिला धमाकेदार रिस्पांस

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के डेटा के मुताबिक, कंपनी ने आईपीओ में 12.45 करोड़ से ज्यादा शेयर्स ऑफर पर रखे थे, जिसके मुकाबले निवेशकों ने 5.18 अरब से भी ज्यादा शेयर्स के लिए बोलियां लगाईं। इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्युआईबी का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा। QIB के लिए रिजर्व हिस्से को 140.11 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसके अलावा नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का कोटा 22.51 गुना भरा। रिटेल इन्वेस्टर्स की बात करें तो उनके लिए रिजर्व रखे गए हिस्से को 3.60 गुना सब्सक्राइब किया गया। निवेशकों के अलॉटमेंट की स्थिति 18 जुलाई को तय हो गई थी, जबकि शेयर्स 20 जुलाई को उनके डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए गए थे और नॉन अलॉटीज को रिफंड शुरू कर दिया गया था।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल यानी OFS पर आधारित था। इसके तहत कुल 17.10 करोड़ शेयर्स बेचे गए हैं। इसमें प्रमोटर्स स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और अमुंडी इंडिया होल्डिंग ने अपने शेयर्स बेचे हैं। इस आईपीओ में कोई भी नया शेयर जारी नहीं किया गया था। इसका मतलब है कि आईपीओ से जुटाया गया पूरा पैसा कंपनी के पास न जाकर शेयर्स बेचने वाले प्रमोटर्स के पास जाएगा। रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, कंपनी को उम्मीद है कि शेयर बाजार में लिस्ट होने से उसकी विजिबिलिटी और ब्रांड इमेज काफी मजबूत होगी और भारत में शेयर्स के लिए एक पब्लिक मार्केट उपलब्ध होगा।

कंपनी के फाइनेंशियल आंकड़े क्या बता रहे?

कंपनी के फाइनेंशियल प्रदर्शन पर नजर डालें तो इसमें लगातार बड़ी ग्रोथ देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का रेवेन्यू 2,690.5 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 3,597.7 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2026 में 4,389.4 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस दौरान कंपनी के नेट प्रॉफिट में भी बड़ा उछाल आया है। वित्त वर्ष 2024 में नेट प्रॉफिट 2,072.7 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में 2,540.1 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 3,067.3 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

कंपनी के एबिटा की बात करें तो यह वित्त वर्ष 2024 के 2,718.8 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 3,412.9 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2026 में 4,058.4 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की कुल एसेट्स 6,420.4 करोड़ रुपये रही हैं, जो वित्त वर्ष 2025 में 8,771.8 करोड़ रुपये थीं। कंपनी का 3 साल का रेवेन्यू सीएजीआर 27.73 पर्सेंट दर्ज किया गया है। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का मार्केट कैप 1,16,913 करोड़ रुपये है और इसका प्राइस टू अर्निंग रेशियो 38.06 है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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