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  1. $100 पर पहुंचा क्रूड ऑयल, FIIs ने लगातार तीसरे दिन की बिकवाली, आज इन वजहों से टूटा बाजार

मार्केट न्यूज़

$100 पर पहुंचा क्रूड ऑयल, FIIs ने लगातार तीसरे दिन की बिकवाली, आज इन वजहों से टूटा बाजार

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड September 29, 2026, 11:08 IST

सारांश

अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई प्रभावित होने की चिंता बनी हुई है। इसके चलते क्रूड ऑयल के भाव में लगातार दूसरे दिन बढ़ोतरी दिख रही है। ब्रेंट क्रूड करीब 2 फीसदी बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI 2% बढ़कर 94.42 डॉलर प्रति बैरल हो गया।

Stock Market

विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार का सेंटीमेंट खराब किया है।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में आज 29 सितंबर को लगातार दूसरे कारोबारी दिन बिकवाली का जबरदस्त दबाव है। आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 705 अंकों की गिरावट देखी गई और यह 72064 के स्तर तक लुढ़क गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी करीब 210 अंक टूटकर 22569.65 के लेवल पर आ गया। पिछले 4 कारोबारी दिनों में ही बाजार करीब 3.7 फीसदी टूट चुका है। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच क्रूड ऑयल के भाव में तेजी जारी है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपये में कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। यहां हम जानेंगे कि आज बाजार में गिरावट क्यों आई है।
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अमेरिका-ईरान तनाव

अमेरिका और ईरान के अधिकारियों ने मध्यस्थों के जरिए बातचीत फिर शुरू की है, जिसका मकसद करीब सात महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करना है। लेकिन ईरानी अधिकारियों ने संभावित समझौते को लेकर निराशा जताई है। इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थिति बिगड़ने और तेल सप्लाई प्रभावित होने की चिंता बनी हुई है।

बता दें कि इसके पहले ईरान ने अमेरिका के सामने युद्ध खत्म करने के लिए 7 दिनों का एक प्लान ऑफर किया था। ईरान ने कहा था कि अगर अमेरिका कुछ सैन्य दबाव कम करता है और बंदरगाहों पर लगी पाबंदियां हटाता है, तो ईरान 7 दिनों के अंत में Strait of Hormuz को फिर से खोल सकता है। हालांकि अमेरिका ने ईरान का यह प्रस्ताव ठुकरा दिया था।

क्रूड ऑयल में उछाल

अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई प्रभावित होने की चिंता बनी हुई है। इसके चलते क्रूड ऑयल के भाव में लगातार दूसरे दिन बढ़ोतरी दिख रही है। ब्रेंट क्रूड करीब 2 फीसदी बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI 2% बढ़कर 94.42 डॉलर प्रति बैरल हो गया। भारत अपनी ज्यादातर तेल जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है। ऐसे में क्रूड ऑयल महंगा होने से भारत का आयात बिल बढ़ता है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार का सेंटीमेंट खराब किया है। पिछले लगातार 3 कारोबारी दिनों से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से निकासी कर रहे हैं। 28 सितंबर को FIIs ने 5,353.22 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके अलावा 25 सितंबर को 3,693.93 करोड़ रुपये और 24 सितंबर को 5,027.36 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई थी। विदेशी निवेशकों के भारतीय बाजार पर भरोसा घटने से बाजार पर दबाव बढ़ा है।

रुपये में गिरावट

मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 16 पैसे गिरकर 96 प्रति डॉलर के अहम स्तर से नीचे आ गया। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 96.03 पर खुला और फिर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 96.13 पर आ गया, जो पिछले बंद भाव से 16 पैसे की गिरावट है। सोमवार को रुपया अमेरिकी करेंसी के मुकाबले 95.97 पर बंद हुआ था।

इसकी वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और लगातार विदेशी फंड की निकासी रही। फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि रुपया मुख्य रूप से तेल की मजबूत कीमतों और अमेरिका में नॉमिनल और रियल यील्ड (ब्याज दर) बढ़ने के दबाव में है। इन दोनों वजहों से भारत समेत उभरते बाजारों से पोर्टफोलियो निवेश बाहर जा रहा है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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