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अमेरिका ने दवाओं पर टैरिफ को लेकर लिया बड़ा फैसला, भारत समेत 20 देशों को राहत

Upstox

2 min read | अपडेटेड September 29, 2026, 09:42 IST

सारांश

अमेरिकी वाणिज्य विभाग (US Department of Commerce) ने फेडरल रजिस्टर में इन देशों की लिस्ट पब्लिश की है। विभाग 29 सितंबर से कुछ पेटेंट प्राप्त दवा आयात और उनसे जुड़े कंपोनेंट्स पर 100% टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है।

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भारत को बड़ी राहत, अमेरिका 20 देशों की कुछ खास दवाओं पर नहीं लगाएगा टैरिफ (Photo: Shutterstock)

भारत सहित 20 देशों से आयात की जाने वाली दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं और उनसे जुड़े कंपोनेंट्स पर अमेरिका कोई वैल्यू वाइज टैरिफ नहीं लगाएगा। विश्व सीमा शुल्क संगठन (वर्ल्ड कस्टम्स ऑर्गेनाइजेशन, WCO) के मुताबिक वैल्यू वाइज टैरिफ, टैक्सेबल चीजों की मॉनेटरी वैल्यू का एक निश्चित प्रतिशत होता है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग (US Department of Commerce) ने फेडरल रजिस्टर में इन देशों की लिस्ट पब्लिश की है। विभाग 29 सितंबर से कुछ पेटेंट प्राप्त दवा आयात और उनसे जुड़े कंपोनेंट्स पर 100% टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है।

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घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को पेटेंट प्राप्त दवाओं, बायोलाजिक्स और उनसे संबंधित कंपोनेंट्स के आयात पर टैरिफ लगाने के संबंध में एक घोषणापत्र जारी किया था। शून्य प्रतिशत शुल्क दर के लिए पात्र उत्पादों में दुर्लभ बीमारियों की सभी दवाएं, बांझपन उपचार, सेल थेरेपी, जीन थेरेपी, एंटीबॉडी-ड्रग कंजुगेट्स (एडीसी) और पशु औषधियां शामिल हैं। इन दवाओं में इस्तेमाल होने वाले अवयव भी शून्य प्रतिशत शुल्क दर के दायरे में आएंगे।

भारत के अलावा शून्य शुल्क दर वाली श्रेणी में शामिल अन्य देश अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कंबोडिया, इक्वाडोर, अल साल्वाडोर, यूरोपीय संघ, ग्वाटेमाला, इंडोनेशिया, जापान, जॉर्डन, मलेशिया, उत्तरी मैसेडोनिया, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन, ताइवान, थाईलैंड, ब्रिटेन और वियतनाम हैं। नोटिस में कहा गया कि इन देशों से आने वाले पात्र उत्पादों को शून्य प्रतिशत शुल्क का लाभ इसलिए मिल सकता है क्योंकि अमेरिका के साथ उनका इस समय व्यापार और सुरक्षा ढांचा समझौता है या आने वाले दिनों में यह समझौता हो सकता है।

यह छूट व्यापार विस्तार अधिनियम की धारा 232 के तहत दवाओं और दवा अवयवों के आयात पर दी जा रही है। एक परिशिष्ट में नामित कंपनियों के लिए यह शुल्क 31 जुलाई से लागू हो चुका है और अन्य दायरे में आने वाली कंपनियों पर यह 29 सितंबर से लागू होगा। वाणिज्य विभाग के नोटिस के अनुसार, जेनेरिक दवा उत्पाद और उनसे जुड़े अवयव धारा 232 के तहत लगने वाले दवा शुल्क के दायरे में नहीं आते हैं।

PTI इनपुट के साथ

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