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  1. फार्मा कंपनियों पर 200% टैरिफ, क्रूड ऑयल में उछाल समेत इन फैक्टर्स से टूटा शेयर बाजार

मार्केट न्यूज़

फार्मा कंपनियों पर 200% टैरिफ, क्रूड ऑयल में उछाल समेत इन फैक्टर्स से टूटा शेयर बाजार

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड July 22, 2026, 11:10 IST

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेनरिक दवाओं पर टैरिफ का ऐलान किया है। ट्रंप ने बताया, "1 अगस्त 2026 से अमेरिका में लाई जाने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर दो साल तक जीरो परसेंट टैरिफ लागू रहेगा, जिसके बाद एक साल के लिए टैरिफ 100 परसेंट और उसके बाद 200 परसेंट कर दिया जाएगा।"

Stock Market

Stock Market: लगातार 11वीं रात अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है।

भारतीय शेयर बाजार में आज 22 जुलाई को लगातार तीसरे कारोबारी दिन बिकवाली का जबरदस्त दबाव है। आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 620 अंकों की गिरावट देखी गई और यह 76851 के स्तर तक लुढ़क गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी करीब 180 अंक लुढ़ककर 24008 के लेवल पर ट्रेड करता दिखा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेनरिक दवाओं पर टैरिफ का ऐलान किया है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है। यहां हम समझेंगे कि बाजार में आज गिरावट क्यों आई है।

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फार्मा कंपनियों पर टैरिफ का खतरा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेनरिक दवाओं पर टैरिफ का ऐलान किया है। ट्रंप ने बताया, "1 अगस्त 2026 से अमेरिका में लाई जाने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर दो साल तक जीरो परसेंट टैरिफ लागू रहेगा, जिसके बाद एक साल के लिए टैरिफ 100 परसेंट और उसके बाद 200 परसेंट कर दिया जाएगा।"

इस प्रस्ताव का मकसद दवा कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग US में शिफ्ट करने के लिए बढ़ावा देना है। इस खबर के बीच फार्मा कंपनियों के शेयरों में आज जमकर बिकवाली हो रही है। इसके चलते निफ्टी फार्मा इंडेक्स आज करीब 2 फीसदी तक लुढ़क गया है। रिपोर्ट लिखे जाने के समय इंडेक्स में शामिल सभी शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहे थे।

US-Iran युद्ध

लगातार 11वीं रात अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान बातचीत करना चाहता है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक तेहरान "अर्थपूर्ण" बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तब तक वाशिंगटन को बातचीत में कोई दिलचस्पी नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका पिकएक्स माउंटेन के पास के इलाकों को निशाना बनाएगा, जो ईरान की मुख्य परमाणु सुविधाओं में से एक के पास स्थित एक भूमिगत ठिकाना है। दूसरी तरफ ईरान के मिलिट्री प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका देश के न्यूक्लियर साइट्स पर हमला करता है, तो इसका "खौफनाक" जवाब दिया जाएगा। अमेरिका और ईरान के बीच जारी इस तनाव ने बाजार का सेंटीमेंट खराब किया है।

क्रूड ऑयल में उछाल

जियो पॉलिटिकल टेंशन का असर क्रूड ऑयल की कीमत पर भी दिख रहा है। आज 22 जुलाई को ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 1.36 फीसदी बढ़कर 92.25 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत अपनी ज्यादातर तेल जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है। ऐसे में तेल की बढ़ती कीमत भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है।

रुपये में कमजोरी

बुधवार, 22 जुलाई को भारतीय रुपया गिरावट के साथ खुला। अमेरिका-ईरान के बीच नए हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डाला। इसके चलते रुपया 96.34 प्रति अमेरिकी डॉलर पर खुला, जबकि मंगलवार को यह 96.24/$ पर बंद हुआ था। यानी इसमें 10 पैसे की गिरावट आई।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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