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  1. ₹5,000 करोड़ के क्यूब हाइवेज ट्रस्ट आईपीओ में आज से बोली लगाने का मौका, क्या हैं रिस्क फैक्टर्स?

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₹5,000 करोड़ के क्यूब हाइवेज ट्रस्ट आईपीओ में आज से बोली लगाने का मौका, क्या हैं रिस्क फैक्टर्स?

Namita Shukla

4 min read | अपडेटेड July 22, 2026, 08:29 IST

सारांश

मार्च 2022 में बनी, क्यूब हाइवेज ट्रस्ट एक भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) है जिसे क्यूब हाइवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर V Pte. Ltd. ने स्पॉन्सर किया है। इसे पूरे भारत में सड़क और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स को खरीदने, उनका मालिक बनने, उन्हें चलाने और मैनेज करने के लिए बनाया गया था।

क्यूब हाइवेज ट्रस्ट आईपीओ

क्यूब हाइवेज ट्रस्ट आईपीओ का सब्सक्रिप्शन विंडो आज से खुल रहा है (Photo: Shutterstock)

क्यूब हाईवेज ट्रस्ट InvIT आईपीओ का सब्सक्रिप्शन विंडो आज यानी कि 22 जुलाई से खुल रहा है और 24 जुलाई को बोली लगाने का आखिरी मौका होगा। 5,000 करोड़ रुपये के इस बुकबिल्ड इश्यू की क्या खास बातें हैं, इसके रिस्क फैक्टर्स क्या हैं और कंपनी क्या करती है, इसका बिजनेस कितना बड़ा है, चलिए इन सारी डीटेल्स पर एक नजर डालते हैं। इस आईपीओ में कोई फ्रेश इश्यू शामिल नहीं है, जबकि 5,000 करोड़ रुपये के कुल 32.89 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) पर हैं। इस आईपीओ का अलॉटमेंट स्टेटस 29 जुलाई को फाइनलाइज होने की उम्मीद है, जबकि लिस्टिंग की संभावित डेट 3 अगस्त तय की गई है। इसके शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट होंगे।

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प्राइस बैंड और लॉट साइज

प्राइस बैंडः 151 से 152 रुपये प्रति शेयर
लॉट साइजः एक लॉट में 95 शेयर

कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड इस इश्यू की बुक रनिंग लीड मैनेजर है और केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड इसकी रजिस्ट्रार है।

निवेशकों के लिए अहम जानकारियां

क्यूब हाइवेज एक इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) है।

यह निजी सूचीबद्ध InvIT से पब्लिक InvIT में परिवर्तित हो रहा है।

पोर्टफोलियो में 27 ऑपरेशनल हाईवे प्रोजेक्ट शामिल हैं।

करीब 8,754 लेन-किलोमीटर सड़क नेटवर्क।

12 राज्यों में उपस्थिति।

औसत शेष कंसेशन पीरियड लगभग 18 साल है, जिससे लॉन्ग-टर्म नकदी प्रवाह की संभावना रहती है।

कंपनी का बिजनेस कितना बड़ा?

कंपनी के मुताबिक फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कुल इनकम में 26.23% की वृद्धि हुई है। EBITDA में 29.95% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी ने घाटे से निकलकर 216.72 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया।

क्या हैं रिस्क फैक्टर्स?

आरएचपी के मुताबिक निवेशकों को इन प्रमुख जोखिमों पर ध्यान देना चाहिए-

1- टोल कलेक्शन पर उच्च निर्भरता, जिससे ट्रैफिक कम होने पर इनकम प्रभावित हो सकती है।
2- उच्च कर्ज (Debt) और ब्याज दरों में बढ़ोतरी का जोखिम।
3- लगभग 75% कर्ज फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट पर है।
4- कुछ प्रमुख हाईवे और क्षेत्रों पर राजस्व का अधिक केंद्रित होना।
5- सरकारी नीतियों, टोल नियमों और कंसेशन एग्रीमेंट में बदलाव का जोखिम।
6- सड़क परियोजनाओं के संचालन, रखरखाव और अधिग्रहण से जुड़े नियामकीय एवं परिचालन जोखिम।
7- प्राकृतिक आपदाओं, यातायात में कमी या आर्थिक सुस्ती का असर नकदी प्रवाह पर पड़ सकता है।

क्या करती है कंपनी?

मार्च 2022 में बनी, क्यूब हाइवेज ट्रस्ट एक भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) है जिसे क्यूब हाइवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर V Pte. Ltd. ने स्पॉन्सर किया है। इसे पूरे भारत में सड़क और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स को खरीदने, उनका मालिक बनने, उन्हें चलाने और मैनेज करने के लिए बनाया गया था। यह ट्रस्ट हाईवे एसेट्स का एक विविध पोर्टफोलियो चलाता है जिसमें टोल और एन्युइटी-आधारित प्रोजेक्ट्स शामिल हैं, जो लंबे समय के कंसेशन एग्रीमेंट्स के जरिए स्थिर कैश फ्लो पैदा करते हैं। 31 मार्च 2026 तक, इसके पोर्टफोलियो में 27 रोड एसेट्स शामिल थे, जो 12 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 8,754 लेन-किलोमीटर तक फैले हुए थे, जिससे यह भारत के प्रमुख हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर InvITs में से एक बन गया है।

यह ट्रस्ट ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स को खरीदने पर फोकस करता है, जो पहले से स्थापित हैं और कैश कमा रहे हैं। साथ ही, यह एडवांस्ड एसेट मैनेजमेंट, मेंटेनेंस की विशेषज्ञता और अनुशासित कैपिटल एलोकेशन के जरिए ऑपरेशनल दक्षता को भी बढ़ाता है। क्यूब ग्रुप का समर्थन होने के कारण, इसे मजबूत इंस्टीट्यूशनल स्पॉन्सरशिप, साबित हो चुकी M&A क्षमताओं और कमिटेड व 'राइट-ऑफ-फर्स्ट-ऑफर' (ROFO) एसेट्स की मजबूत पाइपलाइन का फायदा मिलता है, जो लंबे समय में पोर्टफोलियो के विस्तार और वैल्यू क्रिएशन में मदद करते हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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