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Stock Market: क्रूड ऑयल में उछाल, FII सेलिंग, इन 5 फैक्टर्स से फिर लुढ़का बाजार

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड April 23, 2026, 10:48 IST

सारांश

Stock Market: सीजफायर के बावजूद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज अभी भी बंद है। इसके चलते आज क्रूड ऑयल के भाव में एक बार फिर तेजी नजर आ रही है। रिपोर्ट लिखे जाने के समय ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 1.28 फीसदी उछलकर 103.21 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है।

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Stock Market: विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया है।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में आज 23 अप्रैल को भारी गिरावट नजर आ रही है। आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 820 अंकों की कमजोरी देखी गई और यह 77693.06 के स्तर पर आ गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी करीब 240 अंक टूटकर 24,134.80 के लेवल पर आ गया। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसका असर आज क्रूड ऑयल पर भी दिख रहा है। यहां हम समझेंगे कि आज बाजार में गिरावट की क्या वजहें हैं।
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US-Iran के बीच तनाव जारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर की डेडलाइन अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दी है। हालांकि इसके बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। ईरान और अमेरिका दोनों ने ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज का रास्ता बंद किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने हॉर्मुज में दो मालवाहक जहाजों को जब्त कर लिया है और एक तीसरे पर फायरिंग की है।

क्रूड ऑयल में उछाल

सीजफायर के बावजूद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज अभी भी बंद है। इसके चलते आज क्रूड ऑयल के भाव में एक बार फिर तेजी नजर आ रही है। रिपोर्ट लिखे जाने के समय ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 1.28 फीसदी उछलकर 103.21 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में क्रूड ऑयल का भाव बढ़ने से भारत को नुकसान होता है।

FII की बिकवाली

विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया है। FII ने पिछले सेशन में 2,078.36 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। जब बड़े निवेशक बाजार से पैसा निकालते हैं, तो बाजार पर दबाव बढ़ता है और इंडेक्स नीचे आ जाते हैं।

ग्लोबल मार्केट में कमजोरी

आज वैश्विक बाजारों का माहौल भी कमजोर रहा। एशियाई बाजारों में करीब 1% की गिरावट आई, और अमेरिका के बाजार (वॉल स्ट्रीट) के फ्यूचर्स भी नीचे दिखे। जब दुनिया भर के बाजार गिरते हैं, तो उसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ता है।

रुपये में कमजोरी

आज भारतीय रुपये में भी कमजोरी आई है। रुपया 94 के स्तर के पार चला गया और डॉलर के मुकाबले 94.12 तक गिर गया। इसका कारण यह है कि तेल महंगा होने से डॉलर की मांग बढ़ जाती है और विदेशी निवेशक भी भारत से पैसा निकाल रहे हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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