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  1. कोल इंडिया की BCCL के तिमाही नतीजे रहे कमजोर, आज बाजार खुलते ही शेयर में आई गिरावट

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कोल इंडिया की BCCL के तिमाही नतीजे रहे कमजोर, आज बाजार खुलते ही शेयर में आई गिरावट

Upstox

3 min read | अपडेटेड April 23, 2026, 09:41 IST

सारांश

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने वित्त वर्ष 2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का सालाना नेट प्रॉफिट 128.28 करोड़ रुपये रहा है। बोर्ड ने वाश्ड कोकिंग कोल की कीमतों में बदलाव और बिजली उपभोक्ताओं को 10 पर्सेंट तक की छूट देने का बड़ा फैसला किया है।

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बीसीसीएल ने कोयले की नई कीमतों और सालाना नतीजों की घोषणा की है।

कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने 22 अप्रैल 2026 को हुई अपनी बोर्ड मीटिंग में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। कंपनी ने अपने वित्त वर्ष 2025-26 के सालाना और चौथी तिमाही के ऑडिटेड नतीजों का एलान कर दिया है। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस साल कंपनी के मुनाफे और रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले कमी देखी गई है। इसका असर आज कंपनी के शेयर पर भी देखने को मिल रहा है, वे लाल निशान में ट्रेड कर रहे हैं।

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बीसीसीएल का सालाना परफॉर्मेंस और नेट प्रॉफिट

कंपनी के स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजों को देखें तो वित्त वर्ष 2025-26 में ऑपरेशन से रेवेन्यू 13,644.78 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 15,917.21 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट भी घटकर 128.28 करोड़ रुपये रह गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 1,240.19 करोड़ रुपये के ऊंचे स्तर पर था। अगर सिर्फ चौथी तिमाही की बात करें, तो कंपनी ने 27.28 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी का कुल खर्च इस पूरे वित्त वर्ष में 14,775.08 करोड़ रुपये रहा है।

बीसीसीएल के बोर्ड ने वाश्ड कोकिंग कोल की कीमतों को रिवाइज करने की मंजूरी दे दी है। यह नई कीमतें 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएंगी। अब वाश्ड प्राइम कोकिंग कोल की बेसिक कीमत 13,403 रुपये प्रति मीट्रिक टन तय की गई है। वहीं, वाश्ड मीडियम कोकिंग कोल के लिए ग्राहकों को 10,937 रुपये प्रति मीट्रिक टन का भुगतान करना होगा। कंपनी ने साफ किया है कि इन कीमतों के ऊपर अन्य चार्ज और टैक्स अलग से लागू होंगे। इसके अलावा वॉशरी प्रोडक्ट्स के इवेक्यूएशन चार्ज में भी बदलाव किया गया है।

पावर सेक्टर के ग्राहकों को मिलेगी बड़ी छूट

बिजली उत्पादन करने वाली कंपनियों के लिए बोर्ड ने एक राहत भरा फैसला लिया है। बीसीसीएल ने पावर कंज्यूमर्स के लिए परफॉर्मेंस इंसेंटिव को माफ करने का एलान किया है। इसके साथ ही, अगर कोई पावर कंज्यूमर अपनी एनुअल कॉन्ट्रैक्टेड क्वांटिटी से 100 पर्सेंट ज्यादा कोयला उठाता है, तो उसे अलग-अलग स्लैब में 10 पर्सेंट तक का डिस्काउंट दिया जाएगा। कंपनी को उम्मीद है कि इस कदम से कोयले के उठाव में तेजी आएगी और पावर सेक्टर को भी फायदा होगा।

कंपनी के प्रोडक्शन और ऑफटेक यानी उठाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2025-26 में कुल कोयला उत्पादन 35.52 मिलियन टन रहा है। पिछले साल यह उत्पादन 40.50 मिलियन टन था। वहीं कोयले का कुल उठाव इस साल 33.05 मिलियन टन दर्ज किया गया है। ऑडिट रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कंपनी ने झारखंड मिनरल बेयरिंग लैंड सेस के रूप में 168.67 करोड़ रुपये की वसूली करने और उसे रेवेन्यू के रूप में दिखाने का फैसला किया है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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