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  1. कच्चा तेल, FII बिकवाली और US-Iran तनाव से बढ़ी चिंता, आज इन वजहों से टूटा बाजार

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कच्चा तेल, FII बिकवाली और US-Iran तनाव से बढ़ी चिंता, आज इन वजहों से टूटा बाजार

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड August 14, 2026, 11:44 IST

सारांश

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव से निवेशकों की चिंता बढ़ रही है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि उनका मकसद अमेरिकी लोगों के लिए ऊर्जा की कीमतों को स्थिर रखना, ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना और इस संघर्ष में अमेरिका की स्थिति को मजबूत करना है।

Stock Market

Stock Market: जियो पॉलिटिकल टेंशन की वजह से कच्चे तेल की कीमत अभी भी ऊंची बनी हुई है।

भारतीय शेयर बाजार में आज 14 अगस्त को एक बार फिर जमकर बिकवाली हो रही है। आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 395 अंकों की गिरावट देखी गई और यह 77684.37 के स्तर तक लुढ़क गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी करीब 99 अंकों की कमजोरी के साथ 24,296.80 के लेवल पर ट्रेड करता दिखा। जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच क्रूड ऑयल के भाव में अभी भी तेजी बनी हुई है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली ने भी बाजार का सेंटीमेंट खराब किया है। यहां हम जानेंगे बाजार में आज गिरावट क्यों आई है।

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अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव से निवेशकों की चिंता बढ़ रही है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि उनका मकसद अमेरिकी लोगों के लिए ऊर्जा की कीमतों को स्थिर रखना, ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना और इस संघर्ष में अमेरिका की स्थिति को मजबूत करना है।

इसके अलावा रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि अमेरिका ईरान की नाकेबंदी को अनिश्चित समय तक जारी रख सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका लंबे समय तक ईरान पर दबाव बनाए रख सकता है। अमेरिका ने यह भी कहा कि तेहरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ाया जा सकता है। वहीं, सीजफायर को लेकर बातचीत भी आगे नहीं बढ़ पाई है। इन वजहों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी

जियो पॉलिटिकल टेंशन की वजह से कच्चे तेल की कीमत अभी भी ऊंची बनी हुई है। आज ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 87.48 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। इस हफ्ते इसकी कीमत में करीब 4% की बढ़ोतरी हुई है। पश्चिम एशिया में शांति वार्ता अटकने के कारण तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव से कच्चा तेल महंगा रह सकता है। इससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों में महंगाई और रुपये में उतार-चढ़ाव का खतरा बढ़ सकता है।

कमजोर ग्लोबल संकेत

एशियाई शेयर बाजारों से भी भारतीय बाजार को खास सपोर्ट नहीं मिल रहा है। शंघाई का SSE Composite इंडेक्स और हांगकांग का Hang Seng इंडेक्स गिरावट में कारोबार कर रहे हैं। वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स भी लाल निशान में हैं, जिससे अमेरिका के बाजारों में सपाट शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।

FII की लगातार बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रही है। FII ने गुरुवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाला। उन्होंने करीब 510 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके अलावा बुधवार को भी FII ने 1002.50 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार में सेंटीमेंट कमजोर हुआ है।

लगभग सभी सेक्टर्स में गिरावट

आज के कारोबार में NSE पर लगभग सभी सेक्टर्स में गिरावट नजर आ रही है। सबसे ज्यादा बिकवाली निफ्टी मेटल और IT इंडेक्स में है और यह करीब 1 फीसदी लुढ़क गया है। इसके अलावा निफ्टी ऑटो, FMCG, मीडिया, फार्मा, PSU बैंक, प्राइवेट बैंक, रियल्टी, हेल्थकेयर इंडेक्स और ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी लाल निशान पर ट्रेड करते दिखे। इन सभी सेक्टर्स में गिरावट ने बाजार को लाल निशान पर धकेल दिया।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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