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4 min read | अपडेटेड August 14, 2026, 10:17 IST
सारांश
बिहारी लाल इंजीनियरिंग और शिपरॉकेट का आईपीओ आज 14 अगस्त को बंद हो रहा है। निवेशकों के पास इनमें दांव लगाने का आज आखिरी मौका है। दूसरे दिन यानी 13 अगस्त तक बिहारी लाल इंजीनियरिंग का आईपीओ 8.47 गुना और शिपरॉकेट का आईपीओ 3.26 गुना सब्सक्राइब हो चुका है।

आज बंद हो रहे बिहारी लाल इंजीनियरिंग और शिपरॉकेट आईपीओ में बोली लगाने का अंतिम दिन।
आज प्राइमरी शेयर बाजार में आज हलचल तेज रहने वाली है। दो कंपनियों बिहारी लाल इंजीनियरिंग और शिपरॉकेट के आईपीओ आज यानी 14 अगस्त को बंद हो रहे हैं। जिन निवेशकों ने अभी तक इन आईपीओ में दांव नहीं लगाया है, उनके पास आज बोली लगाने का आखिरी मौका है। दूसरे दिन यानी 13 अगस्त की शाम तक के सब्सक्रिप्शन आंकड़ों से पता चलता है कि दोनों ही आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। खासकर रिटेल और नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी एनआईआई की तरफ से काफी मजबूत डिमांड देखने को मिली है।
बिहारी लाल इंजीनियरिंग के आईपीओ को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। इश्यू के दूसरे दिन यानी 13 अगस्त 2026 की शाम 5 बजकर 6 मिनट तक यह आईपीओ कुल 8.47 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। इस आईपीओ में सबसे ज्यादा बोली एनआईआई कैटेगरी में लगी है। एनआईआई कैटेगरी में यह इश्यू 11.28 गुना सब्सक्राइब किया गया है। वहीं रिटेल इन्वेस्टर्स की बात करें तो रिटेल कैटेगरी में इसे 9.52 गुना बोली मिली है। इसके अलावा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी (एंकर को छोड़कर) कैटेगरी में यह आईपीओ 2.98 गुना सब्सक्राइब हुआ है। इन आंकड़ों से साफ है कि कंपनी के फ्यूचर को लेकर निवेशकों का भरोसा काफी मजबूत नजर आ रहा है।
बिजनेस की बात करें तो बिहारी लाल इंजीनियरिंग मेटल रोल्स और कस्टम इंजीनियरिंग सॉल्यूशन्स बनाने वाली देश की बड़ी कंपनियों में शामिल है। यह कंपनी आयरन और स्टील सेक्टर से जुड़े प्रोडक्ट्स तैयार करती है। फ्रेश इश्यू से मिलने वाले 93 करोड़ रुपये में से कंपनी करीब 63.04 करोड़ रुपये कैपेक्स यानी नई मशीनरी, इक्विपमेंट और सोलर पैनल लगाने में खर्च करेगी। इसके अलावा कुछ रकम का इस्तेमाल लोन चुकाने और जनरल कॉरपोरेट कामों में किया जाएगा।
दूसरी तरफ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट के आईपीओ को भी बाजार से अच्छा सपोर्ट मिल रहा है। दूसरे दिन यानी 13 अगस्त की शाम 5 बजकर 6 मिनट तक यह पब्लिक इश्यू कुल 3.26 गुना भरा है। शिपरॉकेट के आईपीओ में सबसे ज्यादा दिलचस्पी रिटेल निवेशकों ने दिखाई है। रिटेल कैटेगरी में इस आईपीओ को 10.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है, जो दिखाता है कि छोटे निवेशक इस कंपनी के बिजनेस मॉडल पर काफी भरोसा जता रहे हैं। NII कैटेगरी में इस इश्यू को 5.04 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल हुआ है। वहीं QIB (एंकर को छोड़कर) कैटेगरी में अभी तक केवल 0.03 गुना ही बोली प्राप्त हुई है।
बता दें कि शिपरॉकेट एक टेक प्लेटफार्म है जो एमएसएमई, डी2सी ब्रांड्स और बड़े रिटेलर्स को शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी सॉल्यूशन्स देती है। कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाए गए पैसों में से 365.60 करोड़ रुपये प्लेटफार्म ग्रोथ पर, 205.80 करोड़ रुपये मार्केटिंग पर और 159.80 करोड़ रुपये टेक्नोलॉजी मजबूत करने पर खर्च करेगी। इसके अलावा 210 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा।
आज 14 अगस्त को दोनों आईपीओ का सब्सक्रिप्शन पूरी तरह से बंद हो जाएगा। ऐसे में आज शाम तक QIB और NII कैटेगरी में और भी बोलियां देखने को मिल सकती हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले निवेशकों को कंपनी के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और उनके बिजनेस प्लान को ध्यान में रखना चाहिए। अगर आप भी आज इनमें से किसी आईपीओ में अप्लाई करने का मन बना रहे हैं तो शाम को बिडिंग बंद होने से पहले अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं।
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