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  1. गर्मी का पारा चढ़ने के साथ-साथ चढ़े Voltas शेयरों के भाव भी, वीकेंड की इस खबर से आई रैली

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गर्मी का पारा चढ़ने के साथ-साथ चढ़े Voltas शेयरों के भाव भी, वीकेंड की इस खबर से आई रैली

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड June 22, 2026, 10:40 IST

सारांश

वोल्टास ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के पहले तीन महीनों के अंदर ही 10 लाख रूम एसी की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। टाटा ग्रुप की कंपनी का दावा है कि उसने यह उपलब्धि अब तक के सबसे कम समय में हासिल की है, जिससे भारतीय एयर कंडीशनर मार्केट में उसकी टॉप स्थिति और मजबूत हुई है।

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वोल्टास एसी

वोल्टास एसी के शेयरों में एकदम से क्यों दिखी तेजी? (Photo: Shutterstock)

Voltas Shares: देश की टॉप रूम एयर कंडीशनर (RAC) कंपनी वोल्टास के शेयरों में आज काफी तेजी देखने को मिली। शेयर मार्केट खुलने के बाद वोल्टास के शेयर 5% तक रैली करके 1,411.90 रुपये प्रति शेयर तक पहुंच गए थे। 10:30 बजे के करीब वोल्टास के शेयर 1.34% यानी कि 18 रुपये चढ़कर 1,360 रुपये प्रति शेयर के आस-पास ट्रेड हो रहे थे। चलिए समझते हैं कि क्यों वोल्टास के शेयरों में ये तेजी देखने को मिल रही है। वीकेंड पर क्या ऐसा अपडेट आया, जिससे सोमवार को मार्केट खुलते ही वोल्टास के शेयरों में दमदार रैली देखने को मिली?

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क्यों चढ़े वोल्टास शेयरों के भाव?

वोल्टास ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के पहले तीन महीनों के अंदर ही 10 लाख रूम एसी की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। टाटा ग्रुप की कंपनी का दावा है कि उसने यह उपलब्धि अब तक के सबसे कम समय में हासिल की है, जिससे भारतीय एयर कंडीशनर मार्केट में उसकी टॉप स्थिति और मजबूत हुई है। वोल्टास ने इससे पहले फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में 20 लाख रूम एसी बेचे थे। इंडस्ट्री में पहली बार यह आंकड़ा हासिल हुआ था। इससे पहले अप्रैल, 2026 में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने भी कैलेंडर ईयर 2026 की पहली तिमाही में 10 लाख एयर कंडीशनर बिक्री का आंकड़ा पार करने की घोषणा की थी, जो देश में एयर कंडीशनर की मजबूत मांग को दर्शाता है।

देश में कितना बड़ा है RAC मार्केट?

भारत का रूम एयर कंडीशनर मार्केट मौजूदा समय में लगभग 1.25 करोड़ से 1.4 करोड़ यूनिट सालाना का है। कंपनी के अनुसार, इस उपलब्धि के पीछे पिछले एक साल में उठाए गए कई स्ट्रैटजिक कदम हैं। इनमें प्रीमियम, मीडियम सीरीज और प्राइस सेगमेंट में नए और अलग प्रोडक्ट्स की पेशकश, ब्रॉड कंज्यूमर बेस तक पहुंच और अलग-अलग प्राइस कैटेगरी में मजबूत उपस्थिति शामिल है। वोल्टास के प्रबंध निदेशक मुकुंदन मेनन ने कहा कि फाइनेंशियल ईयर के पहले तीन महीनों में 10 लाख यूनिट की बिक्री का आंकड़ा पार करना कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह ग्राहकों के भरोसे, मजबूत ब्रांड पहचान और देशभर में कंपनी की टीमों और चैनल भागीदारों के प्रभावी एग्जिक्यूशन का नतीजा है।

AI का कितना रोल?

कंपनी ने बताया कि उसने एआई-पॉवर्ड एयर कंडीशनर प्रोडक्ट्स के प्रचार के लिए विभिन्न मार्केटिंग कैंपेन के जरिए कंज्यूमर्स से जुड़ाव भी बढ़ाया है। इसके अलावा, देशभर में फैले डिस्ट्रीब्यूशन और सर्विस नेटवर्क ने भी बिक्री वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वोल्टास का कहना है कि देश के कई हिस्सों में अब भी गर्मी बनी हुई है और कंपनी कंज्यूमर्स की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ एयर कंडीशनर कैटेगरी में अगले चरण की वृद्धि पर फोकस कर रही है।

RAC में और किन कंपनियों का दबदबा?

भारतीय रूम एसी बाजार में वोल्टास के अलावा एलजी, डायकिन, ब्लू स्टार, हिटाची, पैनासोनिक और लॉयड जैसे प्रमुख ब्रांड का दबदबा है। इंडस्ट्री को उम्मीद है कि 2026 में बिक्री बेहतर रहेगी, क्योंकि 2025 में बेमौसम बारिश और अन्य कारणों से मांग प्रभावित हुई थी। वहीं, 2024 में देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू के कारण एयर कंडीशनर की बिक्री में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई थी।

PTI इनपुट के साथ
(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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