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Pharma Stocks: Piramal Pharma, Cipla समेत कई शेयरों में रैली, US FDA ने भारतीय कंपनियों से मांगी कैंसर दवा

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड June 23, 2026, 12:31 IST

सारांश

Pharma Stocks: रुपये की डॉलर के मुकाबले कमजोरी भी भारतीय फार्मा कंपनियों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। पिछले एक महीने में रुपया लगभग 1% कमजोर हुआ है। चूंकि फार्मा कंपनियां बड़ी मात्रा में निर्यात करती हैं, इसलिए डॉलर में मिलने वाली आय बढ़ने से उनके मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

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Pharma Stocks

Pharma Stocks: निफ्टी फार्मा इंडेक्स 2% से ज्यादा चढ़कर 25294 अंक तक पहुंच गया था।

Pharma Stocks: फार्मा सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में आज जोरदार खरीदारी हो रही है। रिपोर्ट लिखे जाने के समय निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1.25 फीसदी बढ़कर 25074 के स्तर पर था। सबसे ज्यादा तेजी Piramal Pharma, Gland Pharma, Cipla, Alkem और Zydus जैसे शेयरों में नजर आई। Piramal Pharma का शेयर तो करीब 7.75 फीसदी तक उछल गया। इसकी वजह यह खबर रही कि अमेरिकी दवा नियामक संस्था US FDA ने भारतीय दवा कंपनियों से कैंसर की दवा की आपूर्ति को लेकर संपर्क किया है। एक समय पर निफ्टी फार्मा इंडेक्स 2% से ज्यादा चढ़कर 25294 अंक तक पहुंच गया था।
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क्या है इस रैली की वजह

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एक अहम दवा इफोस्फामाइड की कमी हो गई है। यह दवा मुख्य रूप से टेस्टिकुलर, ब्लैडर और फेफड़ों के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होती है। इसी कमी को पूरा करने के लिए US FDA ने इंडियन ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (IDMA) से उन भारतीय कंपनियों की जानकारी मांगी है जो इस दवा का उत्पादन कर सकती हैं।

अमेरिका में इस दवा की कमी की बड़ी वजह बैक्सटर इंटरनेशनल के एक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में आई तकनीकी समस्या बताई जा रही है। बैक्सटर इस दवा का प्रमुख सप्लायर है। कंपनी का कहना है कि उत्पादन क्षमता पर असर 2026 तक धीरे-धीरे कम होगा, लेकिन फिलहाल सप्लाई की चुनौती बनी हुई है।

खास बात यह है कि रिपोर्ट के अनुसार US FDA उन भारतीय कंपनियों से भी दवा खरीदने को तैयार है जो FDA में रजिस्टर्ड नहीं हैं, बशर्ते वे दूसरे देशों में मंजूर उत्पाद बना रही हों। इससे भारतीय दवा कंपनियों के लिए नए निर्यात अवसर खुल सकते हैं।

रुपये में कमजोरी भी एक वजह

रुपये की डॉलर के मुकाबले कमजोरी भी भारतीय फार्मा कंपनियों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। पिछले एक महीने में रुपया लगभग 1% कमजोर हुआ है। चूंकि फार्मा कंपनियां बड़ी मात्रा में निर्यात करती हैं, इसलिए डॉलर में मिलने वाली आय बढ़ने से उनके मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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