return to news
  1. NEET पेपरलीक के चलते बैन हुई टलीग्राम ऐप अब गूगल प्लेस्टोर पर लौटी, ऐप्पल से अभी भी गायब

ट्रेंडिंग न्यूज़

NEET पेपरलीक के चलते बैन हुई टलीग्राम ऐप अब गूगल प्लेस्टोर पर लौटी, ऐप्पल से अभी भी गायब

भारत की सबसे बड़ी हिंदी समाचार एजेंसियों में से एक।

2 min read | अपडेटेड June 23, 2026, 12:19 IST

सारांश

सरकार का अस्थायी प्रतिबंध 22 जून की मिडनाइट को खत्म होने के बाद उसने यह कदम उठाया है। गूगल द्वारा बहाली से पहले ही यह प्लैटफॉर्म कुछ मौजूदा यूजर्स के लिए चालू हो गया था।

टेलीग्राम

गूगल ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम को प्ले स्टोर पर किया बहाल

मल्टीनेशनल टेक कंपनी गूगल ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम को अपने प्ले स्टोर पर आज सुबह बहाल कर दिया। सरकार का अस्थायी प्रतिबंध 22 जून की मिडनाइट को खत्म होने के बाद उसने यह कदम उठाया है। गूगल द्वारा बहाली से पहले ही यह प्लैटफॉर्म कुछ मौजूदा यूजर्स के लिए चालू हो गया था। हालांकि, ऐप सुबह करीब 10 बजे तक एप्पल के ऐप स्टोर पर उपलब्ध नहीं थी। इस बारे में एप्पल को भेजे गए ईमेल का तत्काल कोई जवाब नहीं मिला। सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) की पुनर्परीक्षा का पर्चा लीक होने से रोकने के उद्देश्य से गूगल और एप्पल को 22 जून तक टेलीग्राम ऐप को अपने ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिया था। यह परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा देशभर के ग्रैजुएट मेडिकल इंस्टीट्यूशनों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। एजेंसी ने 3 मई को हुई पिछली परीक्षा के पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया था।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

इसके अलावा, अलग निर्देश में टेलीग्राम से 30 जून तक भारत में पहले से भेजे गए मैसेजों की एडिटिंग की सुविधा बंद करने को कहा गया है ताकि ‘पेपर लीक’ से जुड़े मामलों में साक्ष्यों (Evidence) के दुरुपयोग को रोका जा सके। प्रतिबंध लगाने से पहले 3 जून को सरकारी अधिकारियों ने टेलीग्राम के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी, जहां इन चिंताओं को उठाया गया था। नीट की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की गई थी और अब तक किसी भी धोखाधड़ी की कोई खबर नहीं मिली है।

टेलीग्राम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पावेल ड्यूरोव ने भारत के आईटी मंत्रालय द्वारा एक सप्ताह के लिए टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने की आलोचना की थी और कहा था कि यह प्रतिबंध प्रश्न पत्र को लीक होने से नहीं रोकेगा। ड्यूरोव ने साथ ही आरोप लगाया कि रिलायंस समूह ने व्हाट्सऐप के साथ मिलकर भारत में ऐप पर प्रतिबंध के लिए शायद पैरवी की है। मेटा प्लेटफॉर्म्स की रिलायंस में आंशिक हिस्सेदारी है।

अगला लेख