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  1. Tata Chemicals समेत कई शेयर 20% तक चढ़े, RBI के इस फैसले से बढ़ी Tata Sons की लिस्टिंग की उम्मीद

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Tata Chemicals समेत कई शेयर 20% तक चढ़े, RBI के इस फैसले से बढ़ी Tata Sons की लिस्टिंग की उम्मीद

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड September 15, 2026, 12:25 IST

सारांश

Tata Chemicals के अलावा आज ग्रुप के ज्यादातर शेयर हरे निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। रिपोर्ट लिखे जाने के समय TCS में 5 फीसदी और Tata Motors Passenger Vehicle में 3 फीसदी की तेजी थी। Tata Power, Tata Consumer Products और Indian Hotels Company के शेयर भी 1 फीसदी तक उछल गए।

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RBI ने Tata Sons की Core Investment Company (CIC) रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अर्जी खारिज कर दी है।

बाजार में गिरावट के बावजूद टाटा ग्रुप की कई कंपनियों के शेयरों में आज 15 सितंबर को जोरदार खरीदारी देखने को मिल रही है। Tata Chemicals का शेयर 20 फीसदी उछलकर 734.50 रुपये के भाव पर पहुंच गया है। इसके अलावा ग्रुप के अन्य शेयरों में भी शानदार तेजी है। दरअसल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Tata Sons की कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) रजिस्ट्रेशन को सरेंडर करने की अर्जी खारिज कर दी है। इससे Tata Sons की बाजार में लिस्टिंग की उम्मीद बढ़ गई है। इस खबर के बाद आज ग्रुप के कई शेयरों में शानदार रैली नजर आई।

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किसमें-कितनी तेजी

Tata Chemicals के अलावा आज ग्रुप के ज्यादातर शेयर हरे निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। रिपोर्ट लिखे जाने के समय TCS में 5 फीसदी और Tata Motors Passenger Vehicle में 3 फीसदी की तेजी थी। Tata Power, Tata Consumer Products और Indian Hotels Company के शेयर भी 1 फीसदी तक उछल गए। Tata Steel में भी मामूली बढ़त थी, जबकि Voltas और Trent के शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहे थे।

RBI के फैसले से बढ़ी लिस्टिंग की उम्मीद

समाचार एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि RBI ने Tata Sons की Core Investment Company (CIC) रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अर्जी खारिज कर दी है। इसका मतलब है कि Tata Sons के लिए NBFC रेगुलेशन से बाहर निकलने का रास्ता बंद होता दिख रहा है। इससे अब उसके शेयर बाजार में लिस्ट होने की संभावना मजबूत हो गई है।

RBI ने दाखिल की कैविएट पेटिशन?

इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक खबर यह भी आ रही है कि RBI ने बॉम्बे हाई कोर्ट में में पहले से ही एक 'कैविएट पेटिशन' दाखिल कर दी है। दरअसल, टाटा संस या उससे जुड़ा कोई व्यक्ति इस फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट जा सकता है और फैसले पर रोक लगाने की मांग कर सकता है। ऐसे में RBI ने पहले ही कोर्ट में कैविएट पेटिशन दाखिल कर दी है।

कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?

अक्टूबर 2021 में RBI ने NBFCs के लिए स्केल-बेस्ड रेगुलेशन फ्रेमवर्क लागू किया था। सितंबर 2022 में Tata Sons को अपर लेयर NBFC की कैटेगरी में रखा गया। इस कैटेगरी में आने वाली कंपनियों के लिए शेयर बाजार में लिस्ट होना जरूरी है और इसके लिए तीन साल की समयसीमा तय की गई थी।

Tata Sons ने इस नियम से बचने के लिए अपनी CIC रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की कोशिश की। कंपनी ने 2024 में ₹21,000 करोड़ से ज्यादा का कर्ज भी चुकाया और खुद को डेट-फ्री कर लिया। लेकिन RBI ने अब इसकी अर्जी खारिज कर दी है। टाटा संस पूरे टाटा ग्रुप की मुख्य मालिक कंपनी है। RBI के नियमों के मुताबिक इतनी बड़ी कंपनी को बाजार में लिस्ट होना जरूरी था। हालांकि, अब टाटा संस को आज नहीं तो कल शेयर बाजार में आना ही पड़ेगा।

Tata Sons की लिस्टिंग पर मतभेद

Tata Sons में Tata Trusts की 65% से ज्यादा हिस्सेदारी है। Noel Tata की अगुवाई वाले Tata Trusts ने लिस्टिंग को लेकर चिंता जताई है। वहीं करीब 18% हिस्सेदारी रखने वाला Shapoorji Pallonji Group लंबे समय से Tata Sons की लिस्टिंग के पक्ष में रहा है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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