मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड August 24, 2026, 12:03 IST
सारांश
चीनी की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं। जमाखोरी रोकने के लिए डीलरों और बड़े ग्राहकों पर स्टॉक लिमिट लगा दी गई है। इस बीच सरकार के आश्वासनों और कीमतों में तेजी की वजह से शेयर बाजार में बजाज हिंदुस्थान और श्री रेनुका सुगर्स समेत तमाम सुगर स्टॉक्स में जोरदार तेजी देखने को मिली है।

चीनी की कीमतों में तेजी और सरकारी फैसलों के बीच शेयर बाजार में सुगर स्टॉक्स में तेजी। Image: Shutterstock.
देश में चीनी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। हाल के हफ्तों में चीनी के दाम 20 जुलाई के 48 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 19 अगस्त को लगभग 55 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं। इसके बाद सरकार ने बाजार में चीनी की सप्लाई को सुचारू बनाए रखने और ग्राहकों के लिए कीमतें स्थिर रखने के लिए कई उपाय शुरू किए हैं। सरकार का कहना है कि उत्पादन अनुमान से कम रहने के बावजूद देश में चीनी की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
मंत्रालय ने उन खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि एथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी का इस्तेमाल बढ़ने की वजह से दाम चढ़े हैं। आंकड़ों के मुताबिक एथेनॉल के लिए डाइवर्ट की जाने वाली चीनी का हिस्सा वित्त वर्ष 2022-23 के 12% से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 9% रह गया है। देश में बनने वाले कुल एथेनॉल का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा अब अनाज, खासतौर पर मक्के से तैयार किया जा रहा है। सरकार के अनुसार चीनी के दाम बढ़ने के पीछे मुख्य वजह उत्पादन में कमी, त्योहारों से पहले मांग में बढ़ोतरी, मौसम से गन्ने की फसल को नुकसान, वैश्विक स्तर पर चीनी की कम सप्लाई और कुछ मिलों व व्यापारियों द्वारा की जा रही सट्टेबाजी और जमाखोरी है।
सट्टेबाजी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। देशभर के चीनी डीलरों पर 1 अगस्त से 30 नवंबर तक के लिए 400 टन की स्टॉक लिमिट लागू कर दी गई है। इसके अलावा 1 सितंबर से बड़े ग्राहकों को भी 15 दिनों से ज्यादा की खपत का चीनी स्टॉक रखने की इजाजत नहीं होगी। सरकार ने चीनी मिलों और राज्यों को 15 अक्टूबर से पेराई शुरू करने की सलाह दी है। इससे अक्टूबर महीने में चीनी का उत्पादन सामान्य 3 से 4 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक होने की उम्मीद है, जिससे त्योहारों के दौरान उपलब्धता और बेहतर हो जाएगी। मौजूदा सीजन में चीनी का उत्पादन 306 लाख टन रहने का अनुमान है, जो शुरुआती अनुमान 343 लाख टन से कम है।
सरकार की ओर से चीनी सेक्टर पर दी गई इस बड़ी जानकारी के बीच शेयर बाजार में सुगर कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। निवेशकों की भारी खरीदारी की बदौलत बजाज हिंदुस्थान सुगर का शेयर 11.15% चढ़कर 25.71 रुपये पर पहुंच गया। वहीं उत्तम सुगर मिल्स का शेयर 7.84% की बढ़त के साथ 348.66 रुपये पर बंद हुआ। इसके अलावा श्री रेनुका सुगर्स के शेयर में 7.08% का उछाल दर्ज किया गया और यह 26.92 रुपये पर पहुंच गया।
बाजार में बाकी सुगर स्टॉक्स ने भी तेजी का रुख दिखाया। धामपुर सुगर मिल्स का शेयर 6.69% की तेजी के साथ 197.63 रुपये पर कारोबार कर रहा था। अवध सुगर एंड एनर्जी का शेयर 4.22% बढ़कर 870.00 रुपये पर पहुंच गया। ईआईडी-पैरी इंडिया का शेयर 2.91% उछलकर 820.50 रुपये और डालमिया भारत इंडस्ट्रीज का शेयर 2.72% चढ़कर 511.50 रुपये पर आ गया। इसके अलावा त्रिवेणी इंजीनियरिंग 2.02% की बढ़त के साथ 301.25 रुपये, गोदावरी बायोरिफाइन 0.90% की बढ़त के साथ 246.45 रुपये और बलरामपुर चीनी मिल 0.32% बढ़कर 731.70 रुपये पर देखा गया। वहीं बन्नारी अम्मान सुगर्स का शेयर 4,074.80 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में

अगला लेख