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  1. Strait of Hormuz पर फिर बढ़ा तनाव, क्रूड ऑयल में उछाल समेत इन फैक्टर्स से लुढ़का बाजार

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Strait of Hormuz पर फिर बढ़ा तनाव, क्रूड ऑयल में उछाल समेत इन फैक्टर्स से लुढ़का बाजार

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड August 07, 2026, 11:07 IST

सारांश

Stock Market: आज क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आने का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है। दरअसल यमन के हूती विद्रोहियों ने यमन में बड़े हमले की जिम्मेदारी ली और सऊदी अरब के एक तेल टैंकर को निशाना बनाने का दावा किया है।

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स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में तनाव बढ़ने का सीधा असर क्रूड ऑयल के भाव पर दिख रहा है।

भारतीय शेयर बाजार में आज 07 अगस्त को बिकवाली का जबरदस्त दबाव है। आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 500 अंकों की गिरावट देखी गई और यह 78451 के स्तर तक लुढ़क गया। इसके साथ ही Nifty 50 भी करीब 107 अंकों की कमजोरी के साथ 24529.20 के लेवल पर ट्रेड करता दिखा। हालांकि, बाद में बाजार ने कुछ रिकवरी भी दिखाई। पश्चिम एशिया में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज को लेकर तनाव बना हुआ है। इस बीच आज क्रूड ऑयल के भाव में तेजी नजर आ रही है। यहां हम समझेंगे कि बाजार में आज की तेजी के लिए कौन से फैक्टर्स जिम्मेदार हैं।

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मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

आज क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आने का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है। दरअसल यमन के हूती विद्रोहियों ने यमन में बड़े हमले की जिम्मेदारी ली और सऊदी अरब के एक तेल टैंकर को निशाना बनाने का दावा किया है।

दूसरी तरफ रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने Strait of Hormuz को पूरी तरह खोलने के लिए अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की शर्त रखी है। ईरान की संसद एक ऐसे बिल की समीक्षा कर रही है, जिसके तहत अमेरिकी और इजरायली जहाजों पर रोक लगे और कुछ देशों से अतिरिक्त शुल्क लिया जाए।

क्रूड ऑयल में उछाल

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में तनाव बढ़ने का सीधा असर क्रूड ऑयल के भाव पर दिख रहा है। आज ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 1.75 फीसदी उछलकर करीब 84 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। भारत अपनी ज्यादातर तेल जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है। ऐसे में क्रूड ऑयल का भाव बढ़ने से भारत का आयात बिल बढ़ जाता है।

रुपये में कमजोरी

आज डॉलर के मुकाबले रुपये की वैल्यू में भी कमजोरी नजर आ रही है। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में डॉलर के मजबूत होने और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के कारण रुपया सीमित दायरे में रहा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6 पैसे गिरकर 95.28 पर आ गया। रुपये में गिरावट से भी निवेशकों का बाजार पर भरोसा कमजोर हुआ।

बैंकिंग फार्मा समेत कई इंडेक्स लुढ़के

आज NSE पर कई सेक्टर्स में बिकवाली नजर आ रही है। निफ्टी बैंक की बात करें तो यह करीब 0.40 फीसदी लुढ़क गया है। वहीं निफ्टी प्राइवेट बैंक में भी 0.50 फीसदी की कमजोरी है। इसके अलावा निफ्टी मेटल, फार्मा, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑयल एंड गैस, केमिकल्स और निफ्टी सीमेंट जैसे इंडेक्स भी लाल निशान पर ट्रेड करते दिखे। इन सभी सेक्टर्स ने बाजार पर दबाव बनाया है।

आज Sensex के 30 में से ज्यादातर शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। Bajaj Finance और Bajaj Finserv दोनों में करीब 5 फीसदी तक की गिरावट है। ICICI Bank, Bharti Airtel, HDFC Bank, Axis Bank, Asian Paints, RIL, IndiGo और NTPC समेत कई शेयरों में बिकवाली का दबाव है। दिग्गज शेयरों में गिरावट ने भी बाजार का सेंटीमेंट खराब किया है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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