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Technocraft Ventures IPO: ₹251 करोड़ का आईपीओ लॉन्च, जानें कहां होगा पैसों का इस्तेमाल?

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड August 07, 2026, 10:20 IST

सारांश

टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स का 251.88 करोड़ रुपये का आईपीओ 7 अगस्त 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। कंपनी ने इसके लिए 200 रुपये से 212 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशक इसमें 11 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं।

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टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स का 251.88 करोड़ रुपये का आईपीओ 7 अगस्त 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स लिमिटेड का आईपीओ आज यानी शुक्रवार 7 अगस्त 2026 से पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। निवेशक इस आईपीओ में मंगलवार 11 अगस्त 2026 तक बोली लगा सकते हैं। कंपनी इस आईपीओ के जरिए प्राइमरी मार्केट से 251.88 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। कंपनी ने अपने शेयर का प्राइस बैंड 200 रुपये से 212 रुपये प्रति शेयर तय किया है। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम 70 शेयरों का एक लॉट तय किया गया है, जिसके लिए अपर प्राइस बैंड पर 14,840 रुपये का निवेश करना होगा। कंपनी के शेयर 14 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार के दोनों प्रमुख एक्सचेंजों बीएसई और NSE पर लिस्ट होंगे।

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आईपीओ से जुटाए पैसों का कहां होगा इस्तेमाल?

टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स के 251.88 करोड़ रुपये के कुल इश्यू में 201.51 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू शामिल है, जबकि 50.37 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस रखा गया है। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली 201.51 करोड़ रुपये की राशि सीधे कंपनी के पास जाएगी। कंपनी ने बताया है कि फ्रेश इश्यू से मिलने वाले पैसों में से करीब 150 करोड़ रुपये का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। वहीं बची हुई राशि का इस्तेमाल इश्यू खर्चों को निपटाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। ओएफएस का पैसा सीधे प्रमोटर बेचने वाले शेयरधारकों के पास जाएगा।

कैसा है कंपनी का बिजनेस मॉडल?

साल 1998 में स्थापित टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स लिमिटेड मुख्य रूप से एक इंफ्रास्ट्रक्चर ईपीसी यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन कंपनी है। कंपनी मुख्य रूप से राज्य सरकारों और सरकारी एजेंसियों के लिए टर्नकी प्रोजेक्ट्स का निर्माण करती है। कंपनी वाटर सप्लाई स्कीम्स, सीवरेज नेटवर्क, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वेस्टवाटर मैनेजमेंट, सडकों और पावर डिस्ट्रीब्यूशन जैसे मुख्य पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में काम करती है। कंपनी का मुख्य बिजनेस उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और दिल्ली जैसे राज्यों में फैला हुआ है। कंपनी के पास 1,320.73 करोड़ रुपये की एक मजबूत ऑर्डर बुक मौजूद है, जिसमें 19 एक्टिव प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

कंपनी की कमाई और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स ने पिछले कुछ सालों में अपने ऑपरेशन से रेवेन्यू में काफी अच्छी बढ़त दर्ज की है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 279.56 करोड़ रुपये था, जो फाइनेंशियल ईयर 2026 में 23.5 पर्सेंट बढ़कर 344.99 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

कमाई के मामले में कंपनी के नेट प्रॉफिट में बड़ा उछाल देखने को मिला है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 28.20 करोड़ रुपये था, जो फाइनेंशियल ईयर 2026 में 53.6 पर्सेंट बढ़कर 43.32 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की नेट वर्थ भी बढ़कर 163.38 करोड़ रुपये हो गई है, जबकि कुल कर्ज 89.76 करोड़ रुपये के आसपास है।

इस आईपीओ में क्या हैं मुख्य रिस्क फैक्टर

निवेशकों को इस आईपीओ में दांव लगाने से पहले इसके रिस्क फैक्टर्स को भी समझ लेना चाहिए। कंपनी का बिजनेस काफी हद तक सरकारी प्रोजेक्ट्स और सरकारी बजट पर निर्भर करता है। अगर सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में अपना खर्च कम करती है या जल जीवन मिशन जैसी सरकारी योजनाओं में देरी होती है, तो इसका असर कंपनी के रेवेन्यू पर पड़ सकता है।

दूसरा बड़ा रिस्क प्रोजेक्ट हासिल करने की टेंडर प्रोसेस से जुड़ा है। कंपनी को कॉम्पिटिटिव टेंडर प्रोसेस के जरिए प्रोजेक्ट्स मिलते हैं। नए टेंडर न मिलने पर कंपनी की ऑर्डर बुक घट सकती है। इसके अलावा कंपनी का बिजनेस वर्किंग कैपिटल इंटेंसिव है और इसका अधिकांश काम कुछ खास उत्तरी राज्यों तक सीमित है, जो एक ज्योग्राफिक रिस्क भी दिखाता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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