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3 min read | अपडेटेड August 06, 2026, 13:12 IST
सारांश
Shiprocket IPO: निवेशक इस आईपीओ में कम से कम 154 इक्विटी शेयरों और उसके बाद उसी के मल्टीपल में बोली लगा सकेंगे। इस आईपीओ में ₹885.5 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि ₹731.9 करोड़ के शेयर मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचेंगे।

Shiprocket ने अपने IPO का आकार पहले की योजना की तुलना में घटा दिया है।
ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म Shiprocket ने अपने IPO के लिए प्राइस बैंड का ऐलान किया है। कंपनी ने ₹92-97 प्रति शेयर का प्राइस तय किया है। कंपनी इस IPO के जरिए कुल ₹1617.5 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। यह IPO निवेशकों के लिए 12 अगस्त को खुलेगा और 14 अगस्त को बंद होगा। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए बोली 11 अगस्त को खुलेगी।
निवेशक इस आईपीओ में कम से कम 154 इक्विटी शेयरों और उसके बाद उसी के मल्टीपल में बोली लगा सकेंगे। इस आईपीओ में ₹885.5 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि ₹731.9 करोड़ के शेयर मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचेंगे।
Shiprocket ने अपने IPO का आकार पहले की योजना की तुलना में घटा दिया है। दिसंबर 2025 में दाखिल किए गए अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में कंपनी ने ₹2,342.3 करोड़ का IPO लाने की योजना बनाई थी। उस समय ₹1,100 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹1,242.3 करोड़ का OFS प्रस्तावित था। कंपनी ने कॉन्फिडेंशियल प्रक्रिया के तहत IPO दस्तावेज दाखिल किए थे और नवंबर 2025 में उसे SEBI से मंजूरी मिल गई थी।
OFS के तहत Lightrock, Tribe Capital, Moore Strategic Ventures, Agility International Investment समेत कई निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इसके अलावा कंपनी के को-फाउंडर Gautam Kapoor, Saahil Goel और Vishesh Khurana भी कुछ शेयर बेचेंगे।
Shiprocket ने अपने कर्मचारियों के लिए भी IPO में विशेष प्रावधान किया है। कंपनी ने पात्र कर्मचारियों के लिए ₹1 करोड़ तक के शेयर आरक्षित किए हैं। कर्मचारियों को अंतिम इश्यू प्राइस पर छूट भी मिल सकती है।
शेयरहोल्डिंग की बात करें तो Bertelsmann कंपनी का सबसे बड़ा निवेशक है, जिसके पास 21.32% हिस्सेदारी है। इसके बाद Tribe Capital (14.14%), Eternal (6.85%), KDT Venture Holdings (5.49%) और Temasek समर्थित MacRitchie Investments (5.29%) का हिस्सा है।
Shiprocket MSMEs और बड़े रिटेल कारोबारियों को लॉजिस्टिक्स, पेमेंट, चेकआउट, फाइनेंसिंग, फुलफिलमेंट और क्रॉस-बॉर्डर कॉमर्स जैसी सेवाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि में से ₹365.6 करोड़ अपने मुख्य और नए बिजनेस प्लेटफॉर्म के विस्तार पर खर्च करेगी। इसके अलावा ₹210 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में किया जाएगा। 10 जुलाई 2026 तक कंपनी पर ₹244.5 करोड़ का कर्ज था। बची हुई राशि का उपयोग अधिग्रहण (Inorganic Growth) के अवसरों और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो FY26 में Shiprocket का शुद्ध घाटा ₹79.2 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹74.4 करोड़ था। हालांकि, FY24 में कंपनी का घाटा ₹595.1 करोड़ था, इसलिए पिछले दो वर्षों में घाटे में बड़ी कमी आई है। दूसरी ओर, कंपनी का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। FY26 में उसका रेवेन्यू 24% बढ़कर ₹2,024.1 करोड़ पहुंच गया, जो FY25 में भी 24% की दर से बढ़ा था।
इस IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर Axis Capital, BofA Securities India, JM Financial और Kotak Mahindra Capital Company हैं। शेयरों का अलॉटमेंट 17 अगस्त को फाइनल हो सकता है, जबकि इसके शेयरों की बाजार में लिस्टिंग 19 अगस्त को होने की संभावना है।
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