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  1. लोन दिलाने में मदद करने वाली कंपनी मनीव्यू लेकर आ रही है ₹1,091.68 करोड़ का IPO, हर डीटेल यहां

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लोन दिलाने में मदद करने वाली कंपनी मनीव्यू लेकर आ रही है ₹1,091.68 करोड़ का IPO, हर डीटेल यहां

Namita Shukla

4 min read | अपडेटेड September 21, 2026, 14:34 IST

सारांश

मनीव्यू आईपीओ NSE और BSE पर लिस्ट होगा और इसकी संभावित लिस्टिंग डेट 1 अक्टूबर, 2026 तय की गई है। मनीव्यू आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 32 से 34 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।

मनीव्यू

मनीव्यू आईपीओ की डीटेल्स (Photo: Shutterstock)

डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म मनीव्यू लिमिटेड अपना आईपीओ लेकर आ रहा है। मनीव्यू आईपीओ 1,091.68 करोड़ रुपये का बुक-बिल्ड इश्यू है। इस इश्यू में 750 करोड़ रुपये के 22.06 करोड़ नए शेयरों का इश्यू और 341.68 करोड़ रुपये के 10.05 करोड़ शेयरों की बिक्री का ऑफर (OFS) शामिल है। मनीव्यू आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 24 सितंबर, 2026 को खुलेगा और 28 सितंबर, 2026 को बंद होगा। मनीव्यू आईपीओ के लिए शेयरों का अलॉटमेंट 29 सितंबर, 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है। मनीव्यू आईपीओ NSE और BSE पर लिस्ट होगा और इसकी संभावित लिस्टिंग डेट 1 अक्टूबर, 2026 तय की गई है। मनीव्यू आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 32 से 34 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। एप्लीकेशन के लिए लॉट साइज 441 शेयर है। एक व्यक्तिगत निवेशक (रिटेल) के लिए जरूरी न्यूनतम निवेश राशि 14,994 रुपये (441 शेयर) है।

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क्या करती है मनीव्यू लिमिटेड कंपनी?

मनीव्यू एक डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म है, जिसका मुख्य कारोबार पर्सनल लोन दिलाने में मदद करने से जुड़ा है। कंपनी खुद को एक लोन सर्विस प्रोवाइडर (LSP) के रूप में ऑपरेट करती है। बैंकों और अन्य रेगुलेटेड फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनों के साथ मिलकर ग्राहकों को लोन उपलब्ध कराने में मदद करती है।

कंपनी का प्लेटफॉर्म कस्टमर एक्विजिशन, ऑनबोर्डिंग, लोन इवैलुएशन, सर्विसिंग और कलेक्शन्स जैसे पूरे लाइफसाइकल में काम करता है। पर्सनल लोन के अलावा कंपनी ने Earned wage access, होम लोन/LAP, क्रेडिट कार्ड्स, इंश्योरेंस, डिजिटल गोल्ड, फिक्स्ड डिपॉजिट्स और UPI जैसे नए प्रोडक्ट्स भी शुरू किए हैं, हालांकि RHP के मुताबिक इनका रेवेन्यू कंट्रीब्यूशन अभी शुरुआती स्तर पर है।

कंपनी कमाई कैसे करती है?

मनीव्यू की कमाई मुख्य रूप से फीस और कमीशन इनकम से होती है। पर्सनल लोन के मामले में कंपनी यूजर एक्विजिशन और ऑनबोर्डिंग के लिए ओरिजिनेशन फीस और लोन के पीरियड के दौरान सर्विसिंग फीस कमाती है। इसके अलावा उसकी NBFC सब्सिडियरी Whizdm Finance Private Limited (WFPL) के बैलेंस शीट पर मौजूद लोन से इंटरेस्ट इनकम और कुछ लोन्स को थर्ड पार्टीज को ट्रांसफर करने पर फायदा भी होता है।

IPO से जुटाए पैसे का इस्तेमाल कहां होगा?

RHP के मुताबिक IPO से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से तीन कामों के लिए प्रस्तावित है-

325 करोड़ रुपये- डीएलजी एग्रीमेंट्स के तहत लोन डिस्बर्सल बढ़ाने के लिए निवेश
250 करोड़ रुपये- WFPL की कैपिटल बेस मजबूत करने के लिए
बाकी फंड- सामान्य कार्पोरेट उद्देश्यों के लिए

यानी आईपीओ का पैसा मुख्य रूप से कंपनी के लेंडिंग बिजनेस को बढ़ाने और उसकी सब्सिडियरी की कैपिटल पोजिशन मजबूत करने में लगाया जाना है।

मनीव्यू आईपीओ के रिस्क फैक्टर्स

1- क्रेडिट रिस्क बढ़ने का असरः मनीव्यू अपने फाइनेंशियल पार्टनर्स के साथ डिफॉल्ट लॉस गारंटी (DLG) अरेंजमेंट्स में भी हिस्सा लेती है। कंपनी आम तौर पर लोन पोर्टफोलियों के अधिकतम 5% तक DLG देती है। अगर बॉरोअर्स के डिफॉल्ट्स बढ़ते हैं, तो DLG एक्सपेंस बढ़ सकता है, जिसका असर प्रॉफिट, कैश फ्लो और फाइनेंशियल कंडीशन पर पड़ सकता है।
2- लोन इम्पेयरमेंट में बढ़ोतरीः कंपनी के फाइनेंशियल इंस्ट्रुमेंट्स के इम्पेयरमेंट का एवरेज मैनेज्ड AUM के मुकाबले अनुपात FY2024 के 2.46% से बढ़कर FY2025 में 4.51% और FY2026 में 5.16% हुआ। यह लेंडिंग बिजनेस में क्रेडिट कॉस्ट पर नजर रखना महत्वपूर्ण बनाता है।
3- रेगुलेटरी रिस्कः मनीव्यू का बिजनेस बैंक और NBFCs जैसे रेगुलेटेड संस्थाओं के साथ जुड़ा है। डिजिटल लेंडिंग और DLG से संबंधित RBI के नियमों में बदलाव होने पर कंपनी के बिजनेस मॉडल, कॉस्ट्स या ऑपरेशन्स पर असर पड़ सकता है।
4- फंडिंग और कैपिटल कॉस्टः कंपनी का बिजनेस फाइनेंशियल पार्टनर्स और फंडिंग अरेंजमेंट्स पर निर्भर करता है। ब्याज दरों, फंडिंग अवेलबिलिटी या कैपिटल कॉस्ट में बदलाव से प्रॉफिटिबिलिटी प्रभावित हो सकती है।
5- प्रतिस्पर्धाः डिजिटल लेंडिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज मार्केट में कई फिनटेक कंपनियां, बैंक्स और NBFCs मौजूद हैं। ऐसे में कस्टमर एक्विजिशन, प्राइसिंग, टेक्नोलॉजी और क्रेडिट क्वॉलिटी को बनाए रखना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है।

कंपनी की ताकत क्या है?

मनीव्यू के RHP में कंपनी ने अपने डेटा-ड्रिवेन क्रेडिट एसेसमेंट, टेक्नोलॉजी और AI कैपेबिलिटीज को प्रतिस्पर्धी ताकतों के तौर पर बताया है। इसके इन-हाउस AI/ML मॉडल्स 100,000 से ज्यादा डेटा वेरिएबल्स पर ट्रेन्ड हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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