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4 min read | अपडेटेड November 03, 2026, 09:53 IST
सारांश
SFC Environmental Technologies का IPO कुल ₹667.53 करोड़ का था। इसमें ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए, जबकि ₹517.53 करोड़ के शेयर कंपनी के प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशकों ने बेचे। यानी IPO से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा कंपनी को मिलेगा और दूसरा हिस्सा पुराने शेयरधारकों को जाएगा।

SFC Environmental Technologies मुंबई की कंपनी है, जिसकी शुरुआत साल 2005 में हुई थी।
अगर आपने SFC Environmental Technologies के IPO में निवेश किया है तो आज का दिन आपके लिए खास है। दरअसल इसके शेयरों की आज BSE और NSE पर लिस्टिंग हो गई है। इसने अपने निवेशकों को लिस्टिंग पर ठीक-ठाक रिटर्न दिया है। यह IPO 27 से 29 अक्तूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इसके निवेशकों को शेयरों का अलॉटमेंट 30 अक्तूबर को कर दिया गया है। बता दें कि SFC Environmental अपने IPO के जरिए 667.53 करोड़ रुपये जुटा रही है। यहां कंपनी की लिस्टिंग से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है।
SFC Environmental Tech के शेयर आज 7.29 फीसदी प्रीमियम के साथ लिस्ट हो गए हैं। इसके स्टॉक BSE पर 354.05 रुपये के भाव पर खुला, जबकि इसका ऑफर प्राइस ₹313-₹330 प्रति शेयर रखा गया था। इस तरह निवेशकों को हर शेयर पर करीब 24 रुपये का मुनाफा हुआ। दूसरी तरफ NSE पर 355.10 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खुले।
इसे निवेशकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली और यह कुल 9.47 गुना सब्सक्राइब हो गया। इसके तहत क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) का हिस्सा 18.81 गुना सब्सक्राइब हो गया। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) के हिस्से को 12.81 गुना और रिटेल निवेशकों के हिस्से को 2.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
SFC Environmental Technologies का IPO कुल ₹667.53 करोड़ का था। इसमें ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए, जबकि ₹517.53 करोड़ के शेयर कंपनी के प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशकों ने बेचे। यानी IPO से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा कंपनी को मिलेगा और दूसरा हिस्सा पुराने शेयरधारकों को जाएगा।
कंपनी इस IPO से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल अपना कर्ज चुकाने और कारोबार के लिए जरूरी पैसों की व्यवस्था करने में करेगी। कंपनी ने नए शेयरों से मिलने वाली रकम में से ₹42.2 करोड़ कर्ज चुकाने और ₹74.9 करोड़ वर्किंग कैपिटल यानी रोजमर्रा के कारोबार के खर्चों के लिए रखने की योजना बनाई है। बची हुई रकम का इस्तेमाल सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए किया जाएगा।
SFC Environmental Technologies की शुरुआत साल 2005 में हुई थी। यह मुंबई की कंपनी है, जो गंदे पानी को साफ करने, पानी को दोबारा इस्तेमाल लायक बनाने और ठोस कचरे के ट्रीटमेंट का काम करती है। कंपनी अपनी खास तकनीक का इस्तेमाल करती है, जिसमें C-Tech तकनीक भी शामिल है। इसके ग्राहकों में SMC Infrastructures, Rajkamal Builders Infrastructure, Ramky Infrastructure, EMS और Enviro Infra Engineers जैसी कंपनियां शामिल हैं।
अगस्त 2026 तक कंपनी के पास कुल ₹1,656.5 करोड़ के ऑर्डर थे। इसमें ₹641 करोड़ के ऑर्डर गंदे पानी के ट्रीटमेंट, ₹561 करोड़ के पानी को दोबारा इस्तेमाल लायक बनाने और ₹454.5 करोड़ के ठोस कचरे के ट्रीटमेंट से जुड़े थे। इसका मतलब है कि कंपनी के पास आने वाले समय में काम करने के लिए अच्छे ऑर्डर मौजूद हैं।
SFC Environmental Tech के वित्तीय नतीजों की बात करें तो जून 2026 की तिमाही में इसे ₹1.5 करोड़ का मुनाफा हुआ, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹1.3 करोड़ का घाटा हुआ था। वहीं, कंपनी की कमाई लगभग दोगुनी होकर ₹133.9 करोड़ पहुंच गई, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹67.8 करोड़ थी। इससे पता चलता है कि कंपनी की कमाई और मुनाफे में सुधार हुआ है। जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹253.1 करोड़ का कर्ज था। कंपनी IPO से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल इस कर्ज को कम करने के लिए भी करेगी।
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