पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड November 02, 2026, 17:19 IST
सारांश
दिवाली पर पटाखों से होने वाले हादसों और नुकसान से बचने के लिए अलग से नया इंश्योरेंस खरीदने की आवश्यकता नहीं है। आपकी मौजूदा हेल्थ, पर्सनल एक्सीडेंट और होम इंश्योरेंस पॉलिसियां ही इलाज, विकलांगता और आग से घर के नुकसान को कवर कर सकती हैं।

दिवाली पर पटाखों से होने वाले हादसों और नुकसान में मौजूदा इंश्योरेंस पॉलिसियां वित्तीय राहत दे सकती हैं।
दिवाली खुशियों, मिठाइयों और आतिशबाजी का पावन त्योहार है। लेकिन कई बार चंद पलों का उत्साह गंभीर मेडिकल इमरजेंसी में बदल जाता है। कोई आवारा रॉकेट किसी को घायल कर सकता है, चिंगारी से गाड़ी को नुकसान पहुंच सकता है या पटाखों से घर में आग लग सकती है। ऐसे हादसों में शारीरिक चोट के साथ-साथ अचानक आने वाले भारी मेडिकल बिल और प्रॉपर्टी का नुकसान पूरे परिवार का बजट बिगाड़ देते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आपका मौजूदा इंश्योरेंस पटाखों से होने वाले हादसों को कवर करता है।
दिवाली आते ही कई लोग पटाखों के नुकसान से बचने के लिए अलग से स्पेशल इंश्योरेंस तलाशने लगते हैं। लेकिन इसके लिए हर बार नया कवर खरीदने की आवश्यकता नहीं होती है। आपकी मौजूदा हेल्थ, पर्सनल एक्सीडेंट और होम इंश्योरेंस पॉलिसियां ही अपनी शर्तों के आधार पर सुरक्षा दे सकती हैं। प्रोबस के डायरेक्टर राकेश गोयल ने बताया कि लोगों को नया मौसमी कवर लेने की दौड़ में पड़ने के बजाय अपनी पुरानी पॉलिसियों की जांच करनी चाहिए। दिवाली के हादसों में अस्पताल भर्ती, स्थायी विकलांगता या संपत्ति के नुकसान जैसे गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिए यह मानने के बजाय कि हर घटना पर अपने आप क्लेम मिलेगा, पॉलिसी के नियमों को समझना समझदारी है।
पटाखों से जलने, आंखों में चोट लगने या अन्य हादसों में तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है। गंभीर मामलों में मरीज को सर्जरी, आईसीयू और लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की नौबत आ सकती है। ऐसी स्थिति में हेल्थ इंश्योरेंस काम आता है। एक स्टैंडर्ड हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी दुर्घटना से लगी चोटों के इलाज और जरूरी अस्पताल खर्च को कवर करती है। इसमें रूम रेंट, ऑपरेशन, दवाइयां और डॉक्टरों की फीस शामिल होती है। हालांकि यदि चोट मामूली है और केवल ओपीडी में मरहम-पट्टी की जरूरत है, तो जब तक पॉलिसी में ओपीडी बेनिफिट न हो, यह खर्च आपको खुद उठाना होगा। इसलिए सम इंश्योर्ड और नियम जरूर जांचें।
हेल्थ इंश्योरेंस केवल अस्पताल के मेडिकल खर्चों को संभालता है, लेकिन तब क्या होगा जब पटाखों के हादसे में कोई स्थायी रूप से विकलांग हो जाए या किसी की मौत हो जाए। ऐसे हालात में पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस अतिरिक्त सुरक्षा देता है। यह पॉलिसी मेडिकल बिलों के बजाय तय परिणामों पर वित्तीय लाभ देती है, जिसमें आकस्मिक मृत्यु, स्थायी पूर्ण विकलांगता और स्थायी आंशिक विकलांगता शामिल हैं। मिलने वाली एकमुश्त रकम से परिवार अपने दैनिक खर्चे चला सकता है और आमदनी रुकने की भरपाई कर सकता है। राकेश गोयल का कहना है कि यह सहायता विशेष रूप से उन परिवारों के लिए बेहद अहम है जो केवल एक कमाने वाले सदस्य पर निर्भर हैं।
पटाखों का खतरा सिर्फ शारीरिक चोट तक सीमित नहीं रहता है। कई बार कोई रॉकेट या जलती चिंगारी बालकनी, खिड़की, फर्नीचर या बिजली के उपकरणों में आग लगा देती है। ऐसी स्थिति में हेल्थ इंश्योरेंस काम नहीं आता, बल्कि होम इंश्योरेंस सहारा देता है। अगर आपके पास बिल्डिंग कवर करने वाली होम इंश्योरेंस पॉलिसी है, तो वह आग से मकान के ढांचे को पहुंचे नुकसान की भरपाई करती है। इसके अलावा कंटेंट्स इंश्योरेंस घर के अंदर रखे फर्नीचर, टीवी, फ्रिज और अन्य सामानों के नुकसान को कवर करता है। इसलिए अपनी मौजूदा पॉलिसियों को समझकर आप बिना अतिरिक्त खर्च के त्योहार को सुरक्षित बना सकते हैं।
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