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4 min read | अपडेटेड November 02, 2026, 15:00 IST
सारांश
जियो प्लेटफॉर्म्स ने दूसरी तिमाही में 8,387 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट और 40,475 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया है। नतीजों के साथ कंपनी ने 2031 तक का प्लान पेश किया, जिसके तहत डिजिटल इकोनॉमी 1.4 ट्रिलियन डॉलर पहुंचेगी।
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जियो प्लेटफॉर्म्स ने दूसरी तिमाही के नतीजों के साथ साल 2031 तक का डिजिटल रोडमैप पेश किया।
जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने अपनी सफल शेयर बाजार लिस्टिंग के बाद दूसरी तिमाही यानी Q2 FY27 के दमदार नतीजे पेश कर दिए हैं। इसके साथ ही कंपनी ने निवेशकों के सामने अपनी इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन में साल 2031 तक का बड़ा ग्रोथ रोडमैप भी सामने रखा है। इस प्रेजेंटेशन में जियो ने बताया है कि उसका ऑपरेशन से रेवेन्यू 40,475 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है और उसका 5G यूजर बेस 30 करोड़ के पार निकल चुका है। इसके अलावा जियो ने यह भी साफ किया है कि वह केवल एक नेटवर्क ऑपरेटर नहीं, बल्कि गहरी इंजीनियरिंग और अपनी प्रोप्राइटरी आईपी यानी पेटेंटेड टेक्नोलॉजी से लैस एक फुल-स्टैक टेक कंपनी है। कंपनी ने देश के डिजिटल फ्यूचर और विदेशी बाजारों में विस्तार की पूरी रणनीति साझा की है।
कंसोलिडेटेड नतीजों के अनुसार, दूसरी तिमाही में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 11.4% बढ़कर 40,475 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का EBITDA 16.6% बढ़कर 21,879 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि इसका EBITDA मार्जिन 54.1% दर्ज किया गया। वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट 13.7% की बढ़त के साथ 8,387 करोड़ रुपये दर्ज हुआ। पूंजीगत खर्च में कमी और मजबूत कैश फ्लो से कंपनी का नेट कर्ज 78.6% घटकर 8,822 करोड़ रुपये रह गया है। इसके साथ ही कंपनी का प्रति यूजर औसत रेवेन्यू यानी एआरपीयू भी बढ़कर 218.8 रुपये प्रति माह हो गया है।
इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन में कंपनी ने साल 2031 तक भारतीय डिजिटल बाजार का खाका पेश किया है। जियो के अनुसार, साल 2031 तक देश में मोबाइल ग्राहक बढ़कर 136.7 करोड़ हो जाएंगे और मोबाइल ब्रॉडबैंड की पहुंच 98% तक पहुंच जाएगी। वहीं होम ब्रॉडबैंड का दायरा 6.4 करोड़ घरों से बढ़कर 15 करोड़ घरों तक पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था 2026 के करीब 0.6 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 2031 तक 1.4 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच जाएगी, जो भारत के कुल जीवीए का लगभग 22% होगा। जियो इस पूरी ग्रोथ में मुख्य भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है।
प्रेजेंटेशन में जियो ने अपनी प्रोप्राइटरी टेक्नोलॉजी और आईपी की ताकत को बताया है। कंपनी नेटवर्क टेक्नोलॉजी, डिवाइसेज, ऑपरेटिंग सिस्टम और डिजिटल एप्लिकेशंस के लिए किसी बाहरी वेंडर पर निर्भर नहीं है, बल्कि उसने खुद का इन-हाउस सिस्टम तैयार किया है। जियो का यूबीआर सॉल्यूशन पॉइंट-टू-मल्टीपॉइंट एक्सेस से लैस है, जिसने होम ब्रॉडबैंड और जियो एयरफाइबर की ग्रोथ को प्रतिद्वंद्वियों से दोगुना तेज कर दिया है। इसके अलावा कंपनी ने जियो पीसी जैसा क्लाउड डेस्कटॉप और एंटरप्राइज के लिए प्राइवेट 5G जैसे उत्पाद अपनी खुद की टेक्नोलॉजी पर तैयार किए हैं।
जियो ने साफ किया है कि वह भारत में परखी गई अपनी इन-हाउस टेक्नोलॉजी और आईपी को अब ग्लोबल मार्केट्स में भी मोनेटाइज करेगी। इसके लिए कंपनी एसेट-लाइट मॉडल के जरिए विदेशी साझेदारों को तकनीक और मैनेज्ड सर्विसेज मुहैया कराएगी। घरेलू बाजार में जियो ने गूगल जेमिनी, जियोहॉटस्टार, जियो ब्लैकरॉक और कैनवा जैसे दिग्गजों के साथ रणनीतिक पार्टनरशिप की है। वर्तमान में जियो के पास 54.24 करोड़ से अधिक कुल ग्राहक और 30 करोड़ 5G यूजर्स हैं, जो चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा 5G नेटवर्क है। कंपनी का यह मजबूत ढांचा उसे फ्यूचर में भी आगे रखेगा।
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