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SEBI का बड़ा प्रस्ताव: F&O सेटलमेंट, मार्केट टाइमिंग और ऑर्डर कैंसिलेशन के बदल सकते हैं नियम

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 12, 2026, 14:11 IST

सारांश

SEBI ने CAS के समय को लेकर भी दो विकल्प दिए हैं। Option A में CAS वाले शेयरों में सामान्य ट्रेडिंग दोपहर 3:30 बजे तक चलेगी। इसके बाद करीब एक मिनट का ट्रांजिशन पीरियड होगा और 3:31 से 3:40 बजे तक CAS चलेगा। F&O कारोबार 3:45 बजे तक जारी रहेगा।

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SEBI ने CAS के दौरान Indicative Index Value दिखाना बंद करने का भी प्रस्ताव दिया है।

भारतीय शेयर बाजार में दिन खत्म होने के समय होने वाली Closing Auction Session (CAS) को लेकर SEBI ने कुछ नए बदलावों का प्रस्ताव दिया है। इन बदलावों का असर खासकर उन शेयरों और डेरिवेटिव्स यानी F&O कारोबार पर पड़ सकता है, जिनमें दिन के आखिरी समय में कीमत तय करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। SEBI का मकसद ऑक्शन के दौरान कीमतों को ज्यादा पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।

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F&O की सेटलमेंट कीमत कैसे तय होगी?

SEBI ने F&O कॉन्ट्रैक्ट की सेटलमेंट कीमत तय करने के लिए दो विकल्प सुझाए हैं। पहला Blended VWAP है। इसमें लगातार होने वाली ट्रेडिंग के आखिरी 30 मिनट और CAS के 10 मिनट के कारोबार को मिलाकर औसत कीमत निकाली जाएगी। दोनों अवधि में जितना वास्तविक कारोबार हुआ है, उसके आधार पर उनका योगदान तय होगा।

दूसरा विकल्प CTS VWAP है। इसमें केवल लगातार ट्रेडिंग के आखिरी 30 मिनट के कारोबार को सेटलमेंट कीमत के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। SEBI के मुताबिक इसे शुरुआती तौर पर अपनाया जा सकता है और कम से कम एक साल के अनुभव के बाद Blended VWAP पर जाने पर विचार किया जा सकता है।

शेयर बाजार के समय में भी बदलाव का प्रस्ताव

SEBI ने CAS के समय को लेकर भी दो विकल्प दिए हैं। Option A में CAS वाले शेयरों में सामान्य ट्रेडिंग दोपहर 3:30 बजे तक चलेगी। इसके बाद करीब एक मिनट का ट्रांजिशन पीरियड होगा और 3:31 से 3:40 बजे तक CAS चलेगा। F&O कारोबार 3:45 बजे तक जारी रहेगा।

वहीं Option B में सामान्य ट्रेडिंग 3:15 बजे खत्म होगी और उसी समय से 3:25 बजे तक CAS चलेगा। इसके बाद डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग 3:30 बजे तक चलेगी। यानी अंतिम समय में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए बाजार का टाइमिंग स्ट्रक्चर बदल सकता है।

CAS में लाइव इंडेक्स वैल्यू नहीं दिखेगी

SEBI ने CAS के दौरान Indicative Index Value दिखाना बंद करने का भी प्रस्ताव दिया है। हालांकि, अलग-अलग शेयरों के Indicative Equilibrium Prices (IEPs) की जानकारी मिलती रहेगी। आम निवेशकों के लिए इसका मतलब है कि ऑक्शन के दौरान इंडेक्स की लाइव अनुमानित वैल्यू पहले जैसी उपलब्ध नहीं होगी।

ऑर्डर कैंसिल करने के नियम होंगे सख्त

CAS में शेयर की कीमत के लिए मौजूदा ±3% प्राइस बैंड बरकरार रहेगा। रेफरेंस प्राइस से 1% के दायरे में दिए गए ऑर्डर को कैंसिल किया जा सकेगा। लेकिन 1% से ज्यादा और 3% तक के दायरे में दिए गए ऑर्डर को कैंसिल करने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, निवेशक कीमत को बेहतर करने के लिए ऑर्डर में बदलाव कर सकेंगे।

Iceberg ऑर्डर भी CAS में जा सकते हैं

अगर कोई Iceberg Order सामान्य ट्रेडिंग के दौरान पूरा नहीं होता है, तो उसका बचा हुआ हिस्सा CAS में भेजा जा सकता है। वहां इसे सामान्य लिमिट ऑर्डर में बदल दिया जाएगा और बची हुई पूरी मात्रा ऑर्डर बुक में दिखाई देगी। इससे ऑक्शन के दौरान उपलब्ध ऑर्डर की जानकारी ज्यादा स्पष्ट हो सकती है। SEBI ने इन प्रस्तावों पर जनता से सुझाव मांगे हैं। इच्छुक लोग 3 अक्टूबर 2026 तक अपनी टिप्पणियां भेज सकते हैं।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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