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4 min read | अपडेटेड September 11, 2026, 15:44 IST
सारांश
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल के 107 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से निवेशकों में चिंता रही। निफ्टी रियल्टी और मेटल सेक्टर्स में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई।

गिरावट के साथ बाजार ने बंद किया कारोबार। | Image: Shutterstock
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में सुस्ती और बिकवाली का माहौल देखने को मिला। बाजार में लगातार दबाव बना रहा और दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक 0.34% गिरकर 23,398.10 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 120 अंक यानी 0.16% की सुस्ती के साथ 74,781.76 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सुस्त संकेत और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को मुख्य वजह माना जा रहा है। इसके साथ ही भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 95.52 के स्तर पर पहुंच गया।
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आ रही तेजी से शेयर बाजार का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। सऊदी समर्थित सेना और यमन के हूथी विद्रोहियों के बीच बढ़ती जंग की वजह से एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अपने सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है। इस वजह से वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड का भाव भी 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया है। दोनों क्रूड ऑयल बेंचमार्क 19 मई के बाद से अपने सबसे ऊपरी क्लोजिंग लेवल पर पहुंच गए हैं। कच्चे तेल के दामों में आई इस बड़ी तेजी की वजह से निवेशकों के मन में महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ा है।
कारोबार के दौरान सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो रियल्टी और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 2.61% गिरकर 849.30 पर बंद हुआ, जो कि आज का सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला सेक्टर रहा। इसके साथ ही निफ्टी मेटल में भी 2.20% की बड़ी गिरावट आई और यह 13,011.80 के स्तर पर आ गया। निफ्टी ऑटो में 0.70%, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.58%, निफ्टी फार्मा में 0.07% और निफ्टी एफएमसीजी में 0.05% की सुस्ती दर्ज की गई। हालांकि इस गिरावट के बीच भी कुछ सेक्टर्स में हल्की खरीदारी दिखी। निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.53% बढ़कर 27,449.90 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी आईटी में 0.36%, निफ्टी मीडिया में 0.17% और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 25/50 में 0.14% की मजबूती रही।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोंस 300 अंक यानी 0.6% से ज्यादा टूटकर बंद हुआ था, जबकि S&P 500 में 0.6% और नैस्डैक कंपोजिट में 0.7% की कमजोरी रही थी। इस हफ्ते डाउ जोंस में कुल 2.5% की साप्ताहिक गिरावट देखी जा रही है, वहीं S&P 500 और नैस्डैक में 1.6% की गिरावट दर्ज की जा रही है। अमेरिकी वायदा बाजार में शुक्रवार सुबह डाउ फ्यूचर्स में 11 अंकों की गिरावट दिखी, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स में हल्की बढ़त और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में 0.1% से कम की मामूली तेजी रही। निवेशक अब अमेरिका के अगस्त कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी महंगाई के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
भारतीय करेंसी में भी आज गिरावट देखने को मिली है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 0.1% कमजोर होकर 95.52 के स्तर पर बंद हुआ, जो कि गुरुवार को 95.44 के स्तर पर था। डॉलर के मुकाबले रुपये में आई इस कमजोरी और कच्चे तेल के उछाल ने मिलकर घरेलू बाजार के मूड को बिगाड़ने का काम किया है।
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