return to news
  1. Paytm को सेबी का कारण बताओ नोटिस, विजय शेखर शर्मा और सीएफओ से सवाल, जानें क्या है पूरा मामला?

मार्केट न्यूज़

Paytm को सेबी का कारण बताओ नोटिस, विजय शेखर शर्मा और सीएफओ से सवाल, जानें क्या है पूरा मामला?

Upstox

3 min read | अपडेटेड August 13, 2026, 12:25 IST

सारांश

पेटीएम की मूल कंपनी वन 97 कम्यूनिकेशंस को बाजार नियामक सेबी से कारण बताओ नोटिस मिला है। यह नोटिस दिसंबर 2023 में छोटे पर्सनल लोन कम करने की घोषणा के समय और जानकारी के वर्गीकरण को लेकर जारी किया गया है।

शेयर सूची

sebi-issues-show-cause-notice-to-paytm

पेटीएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सीएफओ को सेबी की तरफ से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

पेटीएम की मूल कंपनी वन 97 कम्यूनिकेशंस लिमिटेड को बाजार नियामक सेबी से बड़ा झटका लगा है। कंपनी ने बुधवार देर रात एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि उसके वरिष्ठ अधिकारियों को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी से कारण बताओ नोटिस प्राप्त हुआ है। यह नोटिस कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय शेखर शर्मा और मुख्य वित्तीय अधिकारी मधुर देवरा को मंगलवार को मिला है। नियामक ने कंपनी से 2023 में की गई एक बड़ी घोषणा के समय और उसे अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी के रूप में वर्गीकृत करने को लेकर सवाल उठाए हैं। पेटीएम के पास इस नोटिस का जवाब देने के लिए 14 दिनों की अवधि दी गई है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

कंपनी पर नहीं पड़ेगा कोई वित्तीय प्रभाव

शेयर बाजार को भेजी गई जानकारी में पेटीएम ने स्पष्ट किया है कि इस कारण बताओ नोटिस से कंपनी पर किसी भी तरह का वित्तीय प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है। यह नोटिस ऐसे समय में सामने आया है जब पेटीएम के शेयर बाजार में लगातार बढ़त दर्ज कर रहे हैं। यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट से जुड़े सरकारी फैसलों की उम्मीद और चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के मजबूत नतीजों के बल पर कंपनी के शेयर बीते एक महीने में लगभग 20% चढ़ चुके हैं। वहीं इस साल अब तक कंपनी के शेयरों में 24% की तेजी देखने को मिली है। ऐसे में सेबी का यह कदम निवेशकों का ध्यान खींच रहा है।

क्या था दिसंबर 2023 का पूरा मामला?

यह पूरा मामला 6 दिसंबर 2023 को पेटीएम द्वारा की गई एक मीडिया घोषणा से जुड़ा हुआ है। उस समय कंपनी ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा कंज्यूमर लेंडिंग के नियमों को कड़ा करने के बाद 50,000 रुपये से कम के छोटे पर्सनल लोन वितरण को घटाने का ऐलान किया था। कंपनी ने कहा था कि नियामक के दिशानिर्देशों के तहत वह अपने 50,000 रुपये से कम वाले लोन पोर्टफोलियो को छोटा करेगी, जिसमें मुख्य रूप से पोस्टपेड लोन उत्पाद शामिल थे। इस ऐलान के तुरंत बाद अगले ट्रेडिंग सेशन में पेटीएम के शेयरों में भारी गिरावट आई थी और शेयर लगभग 20% तक टूट गए थे।

घोषणा से पहले ही गिरने लगे थे शेयर

आरबीआई ने पेटीएम की घोषणा से करीब तीन हफ्ते पहले ही छोटे लोन में बढ़ोतरी की चिंताओं को देखते हुए कैपिटल रिक्वायरमेंट बढ़ा दी थी। शुरुआत में आरबीआई के इस कदम से पेटीएम के शेयर 1.9% गिरे थे, लेकिन बाद के सत्रों में संभाल गए थे। हालांकि रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, पेटीएम की 6 दिसंबर की औपचारिक घोषणा से पहले के आठ दिनों में ही कंपनी के शेयर लगभग 12% गिर चुके थे। सेबी का यह नोटिस किसी जांच में संबंधित पक्षों से स्पष्टीकरण मांगने के लिए जारी किया जाता है। अगर नियामक को नियमों का उल्लंघन मिलता है, तो वित्तीय जुर्माना या अन्य पाबंदियां लगाई जा सकती हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख