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  1. RIL के शेयरों में शुरुआती गिरावट के बाद रिकवरी, Q4 नतीजों पर निवेशकों का मिला-जुला रिस्पॉन्स

मार्केट न्यूज़

RIL के शेयरों में शुरुआती गिरावट के बाद रिकवरी, Q4 नतीजों पर निवेशकों का मिला-जुला रिस्पॉन्स

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड April 27, 2026, 10:22 IST

सारांश

RIL के जनवरी–मार्च तिमाही (Q4) के नतीजे उम्मीद से थोड़े कमजोर रहे। कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 13% घट गया, जिससे चलते शुरुआती कारोबार में शेयरों में दबाव दिखा। कंपनी का शुद्ध मुनाफा मार्च तिमाही में घटकर ₹16,971 करोड़ रह गया।

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RIL के मुनाफे में गिरावट की बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रहीं।

RIL Share: रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयरों में आज 27 अप्रैल को तेजी नजर आ रही है। रिपोर्ट लिखे जाने के समय इसके शेयरों में 1.05 फीसदी की बढ़त थी और यह 1341.60 रुपये प्रति शेयर के भाव पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी ने हाल ही में FY26 की आखिरी तिमाही के नतीजों का ऐलान किया है। आज की तेजी के साथ इसका मार्केट कैप बढ़कर 18.13 लाख करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी के शेयर शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे, लेकिन बाद में इसमें खरीदारी देखी गई, जिसके चलते यह हरे निशान पर आ गया।
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कैसे रहे मार्च तिमाही के नतीजे

RIL के जनवरी–मार्च तिमाही (Q4) के नतीजे उम्मीद से थोड़े कमजोर रहे। कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 13% घट गया, जिससे चलते शुरुआती कारोबार में शेयरों में दबाव दिखा। कंपनी का शुद्ध मुनाफा मार्च तिमाही में घटकर ₹16,971 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹19,407 करोड़ था। यानी कंपनी ने कमाई तो की, लेकिन पिछले साल के मुकाबले मुनाफा कम रहा।

क्यों घटा RIL का मुनाफा?

RIL के मुनाफे में गिरावट की बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में सप्लाई चेन की दिक्कतें रहीं। तेल महंगा होने से कंपनी की लागत बढ़ गई। बता दें कि रिलायंस का बड़ा कारोबार ऑयल और पेट्रोकेमिकल्स से जुड़ा है।

इसके अलावा कंपनी की इनपुट कॉस्ट यानी उत्पादन पर होने वाला खर्च 20% बढ़कर ₹1.28 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया, जो पिछले साल इसी समय ₹1.07 लाख करोड़ था। खर्च बढ़ने से मुनाफे पर सीधा असर पड़ा।

रेवेन्यू बढ़ने से निवेशकों का भरोसा बरकरार

अच्छी बात यह रही कि RIL की मुख्य कारोबार से होने वाली आय (Revenue) 13% बढ़कर ₹2.98 लाख करोड़ पहुंच गई, जो पिछले साल ₹2.65 लाख करोड़ थी। यानी बिजनेस की बिक्री और कमाई बढ़ी, लेकिन बढ़ती लागत ने मुनाफा कम कर दिया।

अलग-अलग बिजनेस का कैसा रहा प्रदर्शन?

RIL के Oil-to-Chemicals (O2C) बिजनेस में रेवेन्यू बढ़कर 1.85 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछली तिमाही में 1.62 लाख करोड़ रुपये और पिछले साल 1.65 लाख करोड़ रुपये था। हालांकि, इस सेगमेंट का EBITDA घटकर 14,520 करोड़ रुपये रह गया। पिछली तिमाही में यह 16,507 करोड़ रुपये था। इसका प्रॉफिट मार्जिन घटकर 7.9% रह गया।

Retail बिजनेस ने मजबूती दिखाई। इस सेगमेंट का रेवेन्यू 98,457 करोड़ रुपये रहा और EBITDA 6,921 करोड़ रुपये रहा। मार्जिन लगभग 7% पर स्थिर बना रहा, जिससे साफ है कि रिटेल कारोबार ने अच्छा प्रदर्शन किया।

रिलायंस जिओ प्लेटफार्म ने इस तिमाही में जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है। जिओ का रेवेन्यू 12.7 पर्सेंट बढ़कर 44,928 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं इसका EBITDA 17.9 पर्सेंट बढ़कर 20,060 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 13 पर्सेंट की उछाल के साथ 7,935 करोड़ रुपये हो गया है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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