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Hindustan Zinc ने किया डिविडेंड का धमाका, हर शेयर पर मिलेंगे ₹11, मुनाफे में भी जबरदस्त उछाल

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड April 24, 2026, 15:04 IST

सारांश

वेदांता ग्रुप की कंपनी हिंदुस्तान जिंक ने अपनी चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹11 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।

Hindustan Zinc

हिंदुस्तान जिंक ने नतीजों के साथ शेयरधारकों को दिया शानदार अंतरिम डिविडेंड का तोहफा।

हिंदुस्तान जिंक के निवेशकों के लिए आज का दिन खुशियों भरा रहा है। वेदांता ग्रुप की इस दिग्गज कंपनी ने अपने चौथी तिमाही के नतीजों के साथ एक बड़ा धमाका किया है। कंपनी के बोर्ड ने आज हुई मीटिंग में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पहले अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने ऐलान किया है कि वह अपने शेयरधारकों को हर इक्विटी शेयर पर ₹11 का अंतरिम डिविडेंड देगी।

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अगर फेस वैल्यू के हिसाब से देखें तो यह 550 पर्सेंट बैठता है। इस डिविडेंड भुगतान पर कंपनी कुल ₹4,648 करोड़ खर्च करने वाली है। इसके लिए कंपनी ने रिकॉर्ड डेट 30 अप्रैल 2026 तय की है। इसका मतलब है कि जिन लोगों के पास इस तारीख तक कंपनी के शेयर होंगे, उन्हें इस शानदार डिविडेंड का लाभ मिलेगा। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि कानून के हिसाब से तय समय के अंदर इस पैसे का भुगतान कर दिया जाएगा।

मुनाफे और रेवेन्यू में जोरदार बढ़त

चौथी तिमाही में हिंदुस्तान जिंक का परफॉर्मेंस काफी असरदार रहा है। जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही के दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹5,033 करोड़ दर्ज किया गया है। वहीं कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹13,544 करोड़ रहा है। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो कंपनी ने ₹40,844 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है और कुल नेट प्रॉफिट ₹13,832 करोड़ रहा है।

कंपनी के अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट में भी अच्छी तेजी देखी गई है। जिंक और लीड सेगमेंट से होने वाली कमाई में बढ़त जारी है। सिल्वर यानी चांदी के बिजनेस ने भी कंपनी की बैलेंस शीट को काफी मजबूती दी है। आंकड़ों के अनुसार, पूरे साल में जिंक और लीड से कंपनी को ₹29,216 करोड़ का रेवेन्यू मिला है जबकि सिल्वर सेगमेंट ने ₹9,841 करोड़ का योगदान दिया है। इसके अलावा कंपनी विंड एनर्जी सेक्टर में भी सक्रिय है जिससे उसे ₹135 करोड़ का रेवेन्यू हासिल हुआ है। कंपनी का माइनिंग रॉयल्टी पर खर्च भी पिछले साल के मुकाबले बढ़ा है।

मैनेजमेंट ने आगे के लिए क्या कहा?

कंपनी के मैनेजमेंट ने उन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जो एक शॉर्ट सेलर द्वारा लगाए गए थे। कंपनी का कहना है कि ये सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और कंपनी के सभी ट्रांजेक्शन कानूनी प्रक्रियाओं के तहत किए गए हैं। इसके अलावा कंपनी ने राजस्थान सरकार द्वारा लगाए गए एनवायरनमेंट और हेल्थ सेस के पुराने प्रोविजन को भी रिवर्स कर दिया है क्योंकि अब इसकी जरूरत नहीं है। नए लेबर कोड्स के चलते भी कंपनी के खर्चों पर लगभग ₹31 करोड़ का असर पड़ा है जिसे कंपनी ने एक्सेप्शनल आइटम के तौर पर दिखाया है। कंपनी भविष्य की ग्रोथ को लेकर काफी आश्वस्त नजर आ रही है और रिन्यूएबल पावर की सप्लाई के लिए भी बड़े समझौते किए गए हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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