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4 min read | अपडेटेड April 24, 2026, 20:15 IST
सारांश
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 13 पर्सेंट घटकर 16,971 करोड़ रुपये रह गया है। हालांकि, इस दौरान जिओ और रिलायंस रिटेल का परफॉर्मेंस काफी शानदार रहा है। बोर्ड ने 6 रुपये के डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
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मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के Q4 नतीजे आ गए हैं।
मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस बार कंपनी के नेट प्रॉफिट में गिरावट देखने को मिली है। चौथी तिमाही में रिलायंस का नेट प्रॉफिट 12.55 पर्सेंट (करीब 13 पर्सेंट) घटकर 16,971 करोड़ रुपये रह गया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 19,407 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया था। हालांकि, मुनाफे में कमी के बावजूद कंपनी के रेवेन्यू में शानदार उछाल आया है। इस दौरान कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 12.86 पर्सेंट बढ़कर 2,98,621 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 2,64,573 करोड़ रुपये था। इसके साथ ही रिलायंस के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयर पर 6 रुपये का डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
रिलायंस जिओ प्लेटफार्म ने इस तिमाही में जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है। जिओ का रेवेन्यू 12.7 पर्सेंट बढ़कर 44,928 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं इसका EBITDA 17.9 पर्सेंट बढ़कर 20,060 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 13 पर्सेंट की उछाल के साथ 7,935 करोड़ रुपये हो गया है। ग्राहकों की बात करें तो जिओ के पास अब कुल 524 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं, जिनमें 268 मिलियन 5G यूजर्स शामिल हैं। इस साल 5G और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में शानदार बढ़त देखने को मिली है। इसके अलावा जिओ एयरफाइबर के करीब 13 मिलियन यूजर्स हो गए हैं। अच्छी बात यह है कि जिओ का ARPU 3.8 पर्सेंट बढ़कर 214 रुपये प्रति महीने हो गया है। डाटा ट्रैफिक में भी 35 पर्सेंट का इजाफा हुआ है और यह 66 एक्साबाइट तक पहुंच गया है।
ईशा अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड ने भी शानदार नतीजे दिए हैं। रिलायंस रिटेल का चौथी तिमाही का रेवेन्यू 11.1 पर्सेंट बढ़कर 87,344 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी का EBITDA 3.1 पर्सेंट बढ़कर 6,921 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 0.5 पर्सेंट बढ़कर 3,563 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी के पास 387 मिलियन रजिस्टर्ड ग्राहक हैं और इस दौरान 1.93 अरब लेनदेन हुए हैं। वित्त वर्ष 26 में रिलायंस रिटेल ने 1564 नए स्टोर खोले हैं। चौथी तिमाही में हाईपर लोकल डेली आर्डर में भी साल दर साल 300 पर्सेंट से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। ईशा अंबानी ने बताया कि वित्त वर्ष 26 रिलायंस रिटेल के लिए फायदे वाला साल रहा है। कंपनी का कुल रेवेन्यू 3.70 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है और हम फ्यूचर में शानदार ग्रोथ के लिए तैयार हैं।
नतीजों पर बात करते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि जियोपोलिटिकल टेंशन, एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल ट्रेड के बदलते पैटर्न के बावजूद भारत और रिलायंस ने अपनी ग्रोथ बनाए रखी है। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी जिओ प्लेटफार्म की लिस्टिंग की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। O2C बिजनेस के बारे में अंबानी ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर पड़ा है, लेकिन रिलायंस ने भारत में एनर्जी और जरूरी चीजों की कमी नहीं होने दी। O2C टीम ने एलपीजी (LPG) का प्रोडक्शन बढ़ाया है और जिओ बीपी (Jio-bp) ने पूरे देश में लगातार फ्यूल की सप्लाई की है। साथ ही केजी डी 6 (KG-D6) बेसिन की गैस को प्रायोरिटी वाले सेक्टर्स में भेजा गया है। कंपनी न्यू एनर्जी गीगा फैक्ट्रियों को चालू करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है, जो फ्यूचर में रिलायंस के लिए एक बड़ा ग्रोथ इंजन साबित होगा।
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