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  1. NSE IPO: आज निवेश का आखिरी मौका, लेकिन अब तक नहीं भर सका रिटेल पोर्शन, अप्लाई करने से पहले जानें जरूरी बातें

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NSE IPO: आज निवेश का आखिरी मौका, लेकिन अब तक नहीं भर सका रिटेल पोर्शन, अप्लाई करने से पहले जानें जरूरी बातें

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड September 21, 2026, 08:57 IST

सारांश

NSE IPO: अब तक के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) ने दिखाई है। इसके बाद QIBs और एम्प्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्से को दूसरे दिन तक 1.53 गुने का बराबर सब्सक्रिप्शन मिला है। दूसरी तरफ रिटेल निवेशकों को हिस्सा अब तक पूरी तरह नहीं भर सका है।

NSE

NSE ने IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा है।

अगर आप नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO में निवेश करना चाहते हैं तो आज इसके लिए आखिरी मौका है। यह पब्लिक इश्यू 17 सितंबर को खुला था और आज 21 सितंबर को बंद हो रहा है। दो दिनों के सब्सक्रिप्शन के बाद यह आईपीओ अब तक 1.16 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। इसे कुल 10,28,43,656 शेयरों के लिए बोलियां मिली है, जबकि ऑफर पर 8,86,42,911 शेयर हैं। कंपनी आईपीओ के जरिए 22,561.57 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। अगर आप आज आखिरी दिन इस आईपीओ में निवेश करना चाहते हैं तो यहां इससे जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है।

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सब्सक्रिप्शन आंकड़े

  • क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs)- 1.53 गुना
  • नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs)- 1.68 गुना
  • रिटेल इनवेस्टर्स- 0.72 गुना
  • एम्प्लॉयीज रिजर्व्ड- 1.53 गुना
  • टोटल- 1.16 गुना
  • (21 Sep 2026 | 09:00:00 AM)

अब तक नहीं भरा रिटेल निवेशकों का हिस्सा

सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों के मुताबिक अब तक इस आईपीओ में निवेशकों का मिला-जुला रुझान दिखा है। अब तक के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) ने दिखाई है। इसके बाद QIBs और एम्प्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्से को दूसरे दिन तक 1.53 गुने का बराबर सब्सक्रिप्शन मिला है। दूसरी तरफ रिटेल निवेशकों को हिस्सा अब तक पूरी तरह नहीं भर सका है।

NSE IPO के बारे में

NSE ने IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा है। इसके एक लॉट में 8 शेयर हैं। यानी ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹14,280 और निचले प्राइस बैंड पर ₹13,600 लगाने होंगे। यह पूरा IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानी IPO से मिलने वाला पैसा NSE को नहीं, बल्कि मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगा।

OFS के तहत मौजूदा शेयरधारक कुल 12,64,36,650 शेयर बेच रहे हैं। इनमें SBI, Canada Pension Plan Investment Board, Aranda Investments, New India Assurance, Bank of Baroda और अन्य शेयरधारक शामिल हैं। NSE के शेयर 24 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं।

NSE का कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन

NSE ने 1994 में काम शुरू किया था और यह इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग शुरू करने वाला भारत का पहला एक्सचेंज था। FY26 में कैश मार्केट टर्नओवर में इसकी हिस्सेदारी 92.99% और इक्विटी फ्यूचर्स में 99.79% थी। जून 2026 तिमाही में ऑपरेशन्स से इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 13.1% बढ़कर 4,560 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 4,032 करोड़ रुपये था। नेट प्रॉफ़िट एक साल पहले के ₹2,811 करोड़ से बढ़कर ₹3,121 करोड़ हो गया। यह सुधार FY26 के कमजोर प्रदर्शन के बाद आया है। FY24 और FY26 के बीच रेवेन्यू 5.99% की CAGR से बढ़कर ₹16,601.31 करोड़ हो गया, लेकिन FY26 में इसमें साल-दर-साल 3.15% की गिरावट आई।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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