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Paytm Block Deal: रेजिलिएंट एसेट बेचेगी 4.98% हिस्सेदारी, क्या हैं इसके मायने, शेयरों में हलचल की उम्मीद

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड August 18, 2026, 07:31 IST

सारांश

पेटीएम के मुताबिक रेजिलिएंट ने 2023 में एंटफिन से कंपनी की करीब 10.20% इक्विटी हिस्सेदारी हासिल की थी। इसके बदले एंटफिन को OCDs जारी किए गए थे। हालांकि, इस व्यवस्था के तहत आर्थिक हित एंटफिन के पास ही बना रहा।

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पेटीएम से जुड़ी इस खबर का क्या होगा शेयरों पर असर? (Photo: Shutterstock)

डिजिटल पेमेंट और फिनटेक कंपनी पेटीएम से जुड़ी एक अहम खबर है, जिसका असर आज शेयरों पर देखने को मिल सकता है। पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशन्स ने 17 अगस्त 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया कि रेजिलिएंट एसेट मैनेजमेंट बी.वी. ने पेटीएम में अपनी 4.98% तक हिस्सेदारी ब्लॉक मार्केट ट्रेड के जरिए बेचने का प्रस्ताव रखा है। यह बिक्री मौजूदा ऑप्शनली कनवर्टिबल डिबेंचर यानी OCD समझौते के तहत होगी। हालांकि, इस ब्लॉक डील से मिलने वाला फंड रेजिलिएंट के बजाय एंटफिन के पास रहेगा। इस खबर के बाद आज पेटीएम के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। 17 अगस्त को पेटीएम के शेयर बीएसई पर 1.31% यानी कि 21 रुपये गिरकर 1,583 रुपये प्रति शेयर पर क्लोज हुए थे।

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ब्लॉक डील की पूरी डीटेल्स

कंपनी के मुताबिक रेजिलिएंट ने 2023 में एंटफिन से पेटीएम की करीब 10.20% इक्विटी हिस्सेदारी हासिल की थी। इसके बदले एंटफिन को OCDs जारी किए गए थे। हालांकि, इस व्यवस्था के तहत आर्थिक हित एंटफिन के पास ही बना रहा। अब रेजिलिएंट पेटीएम में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा ब्लॉक मार्केट ट्रेड के जरिए बेचने की तैयारी में है।

यहां निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पेटीएम खुद इस ट्रांजैक्शन की पार्टी नहीं है। कंपनी ने साफ किया है कि इस सौदे से पेटीएम के कारोबारी संचालन में सीधे तौर पर कोई लेनदेन नहीं हो रहा है। साथ ही, फाउंडर की डायरेक्ट हिस्सेदारी में भी कोई बदलाव नहीं होगा।

पेटीएम शेयरों पर क्या पड़ सकता है असर?

हिस्सेदारी बिक्री के यह प्रोसेस मुख्य रूप से शेयरहोल्डिंग से जुड़ा है। इसलिए इसे पेटीएम के रोजमर्रा के कारोबार या कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन में बदलाव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। पेटीएम डिजिटल पेमेंट, फाइनेंशियल सर्विसेज और ऑनलाइन कॉमर्स से जुड़े कारोबार में एक्टिव है। कंपनी के लिए आगे की चुनौती अपने यूजर बेस को बनाए रखते हुए कारोबार की ग्रोथ और मुनाफे को मजबूत करना है।

निवेशकों के लिए क्या मायने?

किसी बड़े शेयरधारक की हिस्सेदारी बिक्री बाजार में अतिरिक्त शेयरों की उपलब्धता बढ़ा सकती है। ऐसी स्थिति में शेयर की कीमत पर शॉर्ट टर्म में दबाव बन सकता है, हालांकि वास्तविक असर बिक्री की कीमत, ट्रेडिंग वॉल्यूम और मार्केट सेंटिमेंट्स पर निर्भर करेगा।

दूसरी ओर, केवल हिस्सेदारी बिक्री की खबर को कंपनी के फंडामेंटल में कमजोरी का सीधा संकेत मानना भी सही नहीं होगा। यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि आर्थिक हित एंटफिन के पास बने रहने की बात कंपनी ने अपने डिस्क्लोजर में क्लियर की है।

पेटीएम में रेजिलिएंट एसेट मैनेजमेंट द्वारा 4.98% तक हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण कॉरपोरेट अपडेट है। लेकिन इसे कंपनी के कारोबार में बदलाव के बजाय शेयरहोल्डिंग से जुड़ी गतिविधि के रूप में देखना चाहिए। आने वाले समय में निवेशकों की नजर ब्लॉक डील की वास्तविक कीमत, बिक्री की अंतिम मात्रा और पेटीएम के कारोबारी प्रदर्शन पर रहेगी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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