return to news
  1. धूत ट्रांसमिशन की लिस्टिंग पर प्रति शेयर कितना प्रॉफिट? निवेशकों की हो गई बल्ले-बल्ले

मार्केट न्यूज़

धूत ट्रांसमिशन की लिस्टिंग पर प्रति शेयर कितना प्रॉफिट? निवेशकों की हो गई बल्ले-बल्ले

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड August 17, 2026, 09:56 IST

सारांश

अप्रैल 1998 में बनी, धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड भारत की प्रमुख इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स (E&E) कंपनियों में से एक है। यह कंपनी ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव इस्तेमाल के लिए वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई का काम करती है।

धूत ट्रांसमिशन

धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड के शेयरों का मार्केड डेब्यू (Photo: Shutterstock)

धूत ट्रांसमिशन आईपीओ का सब्सक्रिप्शन विंडो 10 अगस्त को खुला था और बोली लगाने की आखिरी डेट 12 अगस्त थी। 13 अगस्त को इसके शेयरों का अलॉटमेंट फाइनलाइज हो गया था और आज इसके शेयर एनएसई और बीएसई पर लिस्ट हो गए हैं। धूत ट्रांसमिशन आईपीओ का फाइनल इश्यू प्राइस 871 प्रति शेयर तय किया गया था, जिसके जवाब में इसके शेयर 1,200 रुपये पर लिस्ट हुए हैं। करीब 38% प्रीमियम के साथ धूत ट्रांसमिशन के शेयरों की लिस्टिंग हुई है। एनएसई पर जहां शेयर 1,200 रुपये पर लिस्ट हुए, वहीं बीएसई पर 1,193.80 रुपये यानी कि 37.06% के प्रीमियम पर लिस्ट हुए। इस तरह से प्रति शेयर निवेशकों को 329 रुपये का दमदार मुनाफा मिला है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

कैसा रहा था सब्सक्रिप्शन

धूत ट्रांसमिशन आईपीओ को 75.06 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। 12 अगस्त, 2026 को शाम 6:54:38 बजे (तीसरे दिन) तक, इस पब्लिक इश्यू को रिटेल कैटेगरी में 8.32 गुना, QIB (एंकर को छोड़कर) कैटेगरी में 209.02 गुना और NII कैटेगरी में 53.13 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। सब्सक्रिप्शन स्टेटस देखकर समझ आता है कि निवेशकों की इस कंपनी में रुचि भी है और काफी हद तक भरोसा भी।

कंपनी का रेवेन्यू डेटा

कंपनी के परिचालन राजस्व में पिछले तीन सालों में लगातार और मजबूत वृद्धि (27.18% CAGR) देखी गई है-

फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26): ₹45,249.55 मिलियन

वित्त वर्ष 2025 (FY25): ₹34,448.63 मिलियन

वित्त वर्ष 2024 (FY24): ₹27,977.26 मिलियन

कंपनी अपने कुल रेवेन्यू का 77.08% हिस्सा केवल वायरिंग हार्नेस की बिक्री से कमाती है। सेक्टर के आधार पर, 65.47% रेवेन्यू भारतीय दो-पहिया (2W) वाहन उद्योग से और 12.86% रेवेन्यू तीन-पहिया (3W) वाहन उद्योग से आता है। कंपनी का 3W सेगमेंट में 70% से अधिक मार्केट शेयर है।

धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड के बारे में

अप्रैल 1998 में बनी, धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड भारत की प्रमुख इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स (E&E) कंपनियों में से एक है। यह कंपनी ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव इस्तेमाल के लिए वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैनुफैक्चरिंग और सप्लाई का काम करती है। कंपनी के पास कई तरह के प्रोडक्ट्स हैं, जिनमें वायरिंग हार्नेस, बैटरी पैक, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर, ऑटोमोटिव स्विच, टर्मिनल, कनेक्टर और पावर सप्लाई कॉर्ड शामिल हैं। ये प्रोडक्ट्स इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) दोनों तरह के प्लेटफॉर्म के लिए हैं।

कंपनी भारत के टू-व्हीलर (2W) और थ्री-व्हीलर (3W) वायरिंग हार्नेस मार्केट में टॉप दो कंपनियों में से एक है, जिसका मार्केट शेयर 41% है। साथ ही, यह इलेक्ट्रिक 2W और 3W सेगमेंट में भी लीडर है, जहां इसका मार्केट शेयर लगभग 70% है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कमर्शियल व्हीकल, ऑफ-हाईवे व्हीकल, खेती के उपकरण और इंडस्ट्रियल कामों में भी होता है। इसके ऑटोमोटिव प्रोडक्ट्स का लगभग 95% हिस्सा EV-केंद्रित या पावरट्रेन-न्यूट्रल है, जिससे कंपनी को इलेक्ट्रिफिकेशन, प्रीमियम-क्वालिटी प्रोडक्ट्स, कनेक्टेड व्हीकल और ऑटोमेशन जैसे ट्रेंड्स से फायदा मिलने की उम्मीद है। धूत ट्रांसमिशन ने प्रमुख ऑटोमोटिव OEM के साथ लंबे समय के संबंध बनाए रखे हैं और साथ ही कई तरह के कस्टमर्स का बेस और मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस भी बनाए रखी है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

अगला लेख