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  1. Bank of Maharashtra से PNB और SBI तक, सरकारी बैंकों के शेयर 5% तक चढ़े, क्या है वजह?

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Bank of Maharashtra से PNB और SBI तक, सरकारी बैंकों के शेयर 5% तक चढ़े, क्या है वजह?

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड August 26, 2026, 13:49 IST

सारांश

आज के कारोबार में निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में शामिल सभी शेयर हरे निशान पर ट्रेड करते नजर आए। सबसे ज्यादा तेजी Bank of Maharashtra में रही और यह स्टॉक 5 फीसदी से ज्यादा उछल गया। इसके अलावा Indian Bank, Bank of India, Punjab & Sind Bank और Bank of Baroda के शेयर भी करीब 1 फीसदी तक उछल गए।

Nifty psu bank

PSU बैंक शेयरों में तेजी का सबसे बड़ा कारण जून तिमाही (Q1FY27) के मजबूत नतीजे हैं।

आज 26 अगस्त को पब्लिक सेक्टर बैंकों के शेयरों में जमकर खरीदारी हो रही है। इसके चलते आज निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स करीब 1.80 फीसदी तक उछल गया। NSE के आंकड़ों के मुताबिक आज यह इंडेक्स 8762 अंक के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। यह लगातार दूसरा कारोबारी दिन है जब निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में तेजी आई है। पिछले एक महीने में यह इंडेक्स करीब 3.80 फीसदी उछल चुका है। दरअसल, FY26 की जून तिमाही के मजबूत नतीजों का असर इन शेयरों पर दिख रहा है।

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किन शेयरों में है तेजी

आज के कारोबार में निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में शामिल सभी शेयर हरे निशान पर ट्रेड करते नजर आए। सबसे ज्यादा तेजी Bank of Maharashtra में रही और यह स्टॉक 5 फीसदी से ज्यादा उछल गया। इसके अलावा Indian Bank, Bank of India, Punjab & Sind Bank और Bank of Baroda के शेयर भी करीब 1 फीसदी तक उछल गए। इसके साथ ही SBIN, PNB, Union Bank of India, IOB और UCO Bank जैसे शेयर भी हरे निशान पर ट्रेड करते दिखे।

क्या है इन शेयरों में तेजी की वजह?

PSU बैंक शेयरों में तेजी का सबसे बड़ा कारण जून तिमाही (Q1FY27) के मजबूत नतीजे हैं। इस दौरान कई सरकारी बैंकों की एसेट क्वालिटी उम्मीद से बेहतर रही और खराब कर्ज यानी स्लिपेज में साल-दर-साल कमी देखने को मिली। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मजबूत तिमाही नतीजे, बेहतर मार्जिन, आकर्षक वैल्यूएशन और कर्ज व जमा में मजबूत बढ़ोतरी जैसे कई कारणों से इन शेयरों को मजबूती मिल रही है।

फिलहाल PSU बैंकों के लिए मार्जिन का माहौल भी बेहतर दिखाई दे रहा है। निजी बैंकों पर NIM यानी नेट इंटरेस्ट मार्जिन में गिरावट का दबाव ज्यादा है। इसका कारण यह है कि उनके लोन की ब्याज दरें जमा की दरों की तुलना में तेजी से कम हो रही हैं।

इसके मुकाबले PSU बैंकों के पास ज्यादा CASA जमा और फिक्स्ड रेट वाले लोन का बड़ा हिस्सा है। इसके कारण मौजूदा स्थिति में उन पर मार्जिन का दबाव अपेक्षाकृत कम है। इससे आने वाले समय में इन बैंकों की कमाई में मामूली सुधार की उम्मीद है। PSU बैंकों के शेयर अभी भी अपने बुक वैल्यू के मुकाबले कई निजी बैंकों की तुलना में डिस्काउंट पर कारोबार कर रहे हैं। वहीं, इनके ग्रॉस NPA कई साल के निचले स्तर पर हैं। ऐसे में लगातार बेहतर होती एसेट क्वालिटी से निवेशकों के बीच PSU बैंकों को लेकर पुरानी चिंताएं कम हो रही हैं।

बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों का असर

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भी बाजार को सपोर्ट मिला है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत घटकर 85 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। कच्चे तेल की कीमत कम होने से महंगाई का दबाव घट सकता है और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंता भी कम हो सकती है।

इसके अलावा, बॉन्ड यील्ड में नरमी से सरकारी बॉन्ड में निवेश करने वाले बैंकों को ट्रेजरी गेन का फायदा मिल सकता है। PSU बैंकों के पास सरकारी सिक्योरिटीज की बड़ी हिस्सेदारी होती है, इसलिए स्थिर या कम तेल कीमतें और नरम बॉन्ड यील्ड इनके लिए फायदेमंद हो सकती हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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