मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड October 15, 2026, 12:49 IST
सारांश
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी Tech Mahindra और HCL Tech के शेयरों में है और ये दोनों 3 फीसदी से ज्यादा उछल गए हैं। TCS और Infosys में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी है। LTM और Wipro के शेयर भी 1 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए हैं। इसके अलावा Mphasis और Coforge जैसे शेयर भी हरे निशान पर ट्रेड करते दिखे।

HCLTech और TCS के बेहतर नतीजों से आईटी शेयरों को लेकर सेंटीमेंट बेहतर हुआ है।
आज 15 अक्टूबर को आईटी कंपनियों के शेयरों में शानदार तेजी नजर आ रही है। आज के कारोबार में निफ्टी IT इंडेक्स 2.15 फीसदी से ज्यादा उछलकर 31,038.15 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले 5 कारोबारी दिनों में निफ्टी IT में 11 फीसदी से ज्यादा की रैली आ चुकी है। ऐसे में निवेशकों के मन में यह सवाल है कि IT शेयरों में अचानक आई इस तेजी की वजह क्या है। दरअसल, इस तेजी के पीछे कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े कारोबार को लेकर बढ़ती उम्मीदें और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी जैसे कारण हैं।
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी Tech Mahindra और HCL Tech के शेयरों में है और ये दोनों 3 फीसदी से ज्यादा उछल गए हैं। TCS और Infosys में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी है। LTM और Wipro के शेयर भी 1 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए हैं। इसके अलावा Mphasis और Coforge जैसे शेयर भी हरे निशान पर ट्रेड करते दिखे।
HCLTech और TCS के बेहतर नतीजों से आईटी शेयरों को लेकर सेंटीमेंट बेहतर हुआ है। HCLTech का रेवेन्यू सालाना आधार पर 11.51% बढ़कर 35,620 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 21.18% बढ़कर 5,132 करोड़ रुपये पहुंच गया।
HCLTech की कुल डील बुकिंग 3.3 अरब डॉलर रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 27% ज्यादा है। इसके अलावा, कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 2.5% से 4% कर दिया है। पहले यह अनुमान 1% से 4% था।
TCS के सितंबर तिमाही के नतीजों ने भी आईटी सेक्टर में सकारात्मक माहौल बनाने में मदद की। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट करीब 15% बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, मुख्य कारोबार से रेवेन्यू में सालाना आधार पर 11.2% की बढ़ोतरी हुई।
तिमाही के दौरान TCS को 9.6 अरब डॉलर की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) वाली डील मिली। इसका मतलब है कि कंपनी ने इस अवधि में जितने नए कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए, उनकी कुल कीमत 9.6 अरब डॉलर रही। कंपनी ने AI से जुड़े कारोबार से 3.1 अरब डॉलर का रेवेन्यू भी दर्ज किया, जो कुल रेवेन्यू के 10% से ज्यादा है।
आईटी शेयरों में तेजी की एक बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी सेवाओं की बढ़ती मांग भी है। Infosys के सीईओ सलिल पारेख का अनुमान है कि अगले दो से तीन वर्षों में कंपनी के लगभग आधे काम में AI की भूमिका हो सकती है। इससे निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में AI आईटी कंपनियों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन सकता है।
अब निवेशकों की नजर दूसरी बड़ी आईटी कंपनियों के नतीजों और मैनेजमेंट की टिप्पणियों पर रहेगी। बाजार यह समझने की कोशिश करेगा कि HCLTech का बेहतर प्रदर्शन पूरे सेक्टर में मांग सुधरने का संकेत है या कंपनी से जुड़ा खास मामला। इसके अलावा, यह देखना भी जरूरी होगा कि AI से होने वाली कमाई वास्तव में कंपनियों के रेवेन्यू, नई डील और मुनाफे में कितनी बढ़ोतरी करती है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्लोबल AI शेयरों में गिरावट भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक हो सकती है। इसकी वजह यह है कि विदेशी निवेशक AI शेयरों में पैसा लगाने के लिए भारतीय शेयरों की बिकवाली कम कर सकते हैं या दोबारा भारतीय बाजार में निवेश कर सकते हैं।
हालांकि, अमेरिकी महंगाई बढ़ने से फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में कंपनियों के नतीजे, AI कारोबार की रफ्तार और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां तय करेंगी कि आईटी शेयरों की तेजी आगे कितनी टिकाऊ रहती है।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में

अगला लेख