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5 min read | अपडेटेड October 15, 2026, 07:28 IST
सारांश
Reliance Industries ने अपनी सब्सिडियरी Jio Platforms के IPO के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है। आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 19 अक्टूबर को लगेगी।

Tata Technologies का नेट प्रॉफिट दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 5% घटकर 171.4 करोड़ रुपये रह गया।
15 अक्टूबर को शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), IDBI Bank, CSB Bank, Tata Technologies और HDB Financial Services समेत कई कंपनियों के शेयर खबरों के दम पर फोकस में रह सकते हैं। किसी कंपनी ने शानदार तिमाही नतीजे पेश किए हैं, तो किसी को कारोबार बढ़ाने की योजना या बड़े कॉर्पोरेट फैसले से जुड़ी खबर मिली है। आइए जानते हैं कि आज किन शेयरों पर निवेशकों की नजर रह सकती है और इसकी वजह क्या है।
HDB Financial Services ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 34% बढ़कर 780 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 581 करोड़ रुपये था। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 15.5% बढ़कर 2,534 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि एक साल पहले यह 2,193 करोड़ रुपये थी। इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 2 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।
IDBI Bank से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) ने ₹52,878 करोड़ में बैंक को Fairfax को बेचने की मंजूरी दी। इससे बैंक में सरकार की हिस्सेदारी घटकर 15% और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC) की हिस्सेदारी घटकर 19% रह जाएगी। अभी IDBI बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 45.5% है, जबकि LIC की हिस्सेदारी 49.2% है। नई वित्तीय बोलियों के लिए 75.99 रुपये प्रति शेयर का बेंचमार्क प्राइस तय किया गया था, जबकि सबसे ऊंची बोली 81 रुपये प्रति शेयर की आई, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
CSB Bank भी खबरों में है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के मुताबिक कोई प्रमोटर कई बैंकों में एक साथ कंट्रोलिंग हिस्सेदारी नहीं रख सकता। ऐसे में Fairfax को CSB Bank का दूसरे बैंक के साथ विलय करना होगा या उसमें अपनी हिस्सेदारी बेचनी पड़ सकती है। मंजूर किए गए पुनर्गठन ढांचे में दो साल के भीतर विलय का विकल्प शामिल है।
Reliance Industries ने अपनी सब्सिडियरी Jio Platforms के आईपीओ के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है। आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 19 अक्टूबर को लगेगी। इसमें पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक और Reliance Industries के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित रखने का प्रावधान है।
Tata Technologies का नेट प्रॉफिट दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 5% घटकर 171.4 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल यह 181 करोड़ रुपये था। हालांकि, कंपनी के सर्विसेज सेगमेंट के रेवेन्यू में कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर 26% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी को पूरे वित्त वर्ष में मजबूत दोहरे अंकों की ग्रोथ हासिल करने का भरोसा है।
Aeroflex Industries मार्च 2028 तक अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए 202 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी स्टेनलेस स्टील होज, होज असेंबली और लिक्विड कूलिंग सिस्टम का उत्पादन बढ़ाएगी। डेटा सेंटर और औद्योगिक क्षेत्रों से बढ़ती मांग को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। कंपनी के मुताबिक, पूरी क्षमता इस्तेमाल होने पर इस विस्तार से सालाना 500-550 करोड़ रुपये का अतिरिक्त रेवेन्यू मिल सकता है।
Bajaj Consumer Care का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 67.1% बढ़कर 70.2 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 42 करोड़ रुपये था। कंपनी का रेवेन्यू भी 25.7% बढ़कर 333 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, EBITDA में 70.8% की बढ़ोतरी हुई और यह 82 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 18.1% से बढ़कर 24.7% हो गया।
Morepen Laboratories को हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने कथित तौर पर अतिरिक्त GST रिफंड लेने के मामले में 117.94 करोड़ रुपये की वसूली से संबंधित कारण बताओ नोटिस रद्द कर दिया है।
दूसरी ओर, Capri Global Capital के बोर्ड ने विभिन्न माध्यमों से 4,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी दी है। कंपनी राइट्स इश्यू, प्राइवेट प्लेसमेंट, पब्लिक इश्यू और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) जैसे विकल्पों का इस्तेमाल कर सकती है।
Mangalore Refinery and Petrochemicals (MRPL) का नेट प्रॉफिट दूसरी तिमाही में करीब तीन गुना बढ़कर 1,881 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल यह 639 करोड़ रुपये था। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 37.1% बढ़कर 35,590 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, प्रॉफिट बिफोर टैक्स भी 975 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,519 करोड़ रुपये हो गया।
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