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4 min read | अपडेटेड November 05, 2026, 11:17 IST
सारांश
चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में देश के प्रमुख एक्सचेंजों के नतीजे घोषित हो गए हैं। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स का नेट प्रॉफिट 10% बढ़कर 454.6 करोड़ रुपये रहा। वहीं एनएसई का नेट प्रॉफिट 17.4% और बीएसई का तिमाही आधार पर 7.4% घटा है।

वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में एमसीएक्स, NSE और BSE के वित्तीय नतीजों में मिलाजुला असर दिखा।
देश के वित्तीय बाजार में सक्रिय तीनों प्रमुख एक्सचेंजों MCX, NSE और BSE ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी Q2 FY27 के कंसोलिडेटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। इस तिमाही में तीनों एक्सचेंजों के नतीजों में रोचक तुलना देखने को मिली है। जहां एक तरफ कमोडिटी एक्सचेंज MCX ने पिछली तिमाही के मुकाबले अपने मुनाफे और रेवेन्यू में मजबूत बढ़त बनाई है। वहीं दूसरी तरफ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE के तिमाही मुनाफे में नरमी देखने को मिली है। हालांकि BSE ने सालाना आधार पर अपने मुनाफे में जोरदार उछाल दर्ज किया है। आइए जानते हैं कि इस तिमाही में किस एक्सचेंज का वित्तीय रिपोर्ट कार्ड कैसा रहा है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX ने दूसरी तिमाही में शानदार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस दिखाई है। तिमाही दर तिमाही आधार पर एमसीएक्स का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 10% बढ़कर 454.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछली तिमाही में 413.4 करोड़ रुपये था। इसके साथ ही एक्सचेंज का रेवेन्यू 14% बढ़कर 702 करोड़ से 800 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। ऑपरेशनल मोर्चे पर कंपनी का EBITDA 23.8% उछलकर 612 करोड़ रुपये रहा, जो पहली तिमाही में 494 करोड़ रुपये था। इसके अलावा एमसीएक्स का EBITDA मार्जिन भी तिमाही आधार पर 70.4% से सुधरकर 76.4% के मजबूत स्तर पर पहुंच गया है।
देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE के लिए दूसरी तिमाही वित्तीय रूप से थोड़ी सुस्त साबित हुई है। पिछली तिमाही के मुकाबले NSE का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 17.4% फिसलकर 2,578 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पहली तिमाही में यह 3,120 करोड़ रुपये था। एक्सचेंज के रेवेन्यू में भी 10.8% की कमी आई और यह 4,560 करोड़ से घटकर 4,067 करोड़ रुपये रहा। NSE का EBITDA तिमाही आधार पर 13.3% गिरकर 3,079 करोड़ रुपये रहा, जो पहले 3,551 करोड़ रुपये था। वहीं EBITDA मार्जिन घटकर 75.7% पर आ गया। इसके साथ ही NSE अपनी इकाई नेशनल कोल ऑफ इंडिया में 40% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE ने दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर मजबूत आंकड़े दिए हैं। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले BSE का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 44.9% बढ़कर 809.15 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 558.43 करोड़ रुपये था। हालांकि पिछली तिमाही से तुलना करें तो मुनाफे में 7.4% की गिरावट आई है। ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 34.1% बढ़कर 1,432.66 करोड़ रुपये रहा, लेकिन तिमाही आधार पर इसमें 8.5% की कमी आई। BSE का EBITDA सालाना 42.4% बढ़कर 984 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 400 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 69% पर पहुंच गया।
BSE के ट्रांजैक्शन चार्जेस से होने वाला रेवेन्यू सालाना 42.04% बढ़कर 1,127.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पहले 794 करोड़ रुपये था। कॉरपोरेट्स को दी जाने वाली सेवाओं से रेवेन्यू 19.8% बढ़कर 165.9 करोड़ रुपये रहा। हालांकि क्लीयरिंग और सेटलमेंट फंड्स पर मिलने वाली ट्रेजरी इनकम 14.72% घटकर 36.5 करोड़ रुपये रह गई। बाजार में शेयर के प्रदर्शन की बात करें तो बुधवार को नतीजे आने से पहले BSE का शेयर 1.75% गिरकर 3,601.50 रुपये पर बंद हुआ था। इस दिन तक BSE का कुल मार्केट कैप 1.47 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस तरह तीनों एक्सचेंजों का कोर बिजनेस काफी सक्रिय बना हुआ है।
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