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4 min read | अपडेटेड November 04, 2026, 19:05 IST
सारांश
रेल मंत्रालय ने RPF और RPSF के ग्रुप सी कर्मचारियों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के 30 दिनों के नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को मंजूरी दी है। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को 6,908 रुपये मिलेंगे।

रेलवे ने ग्रुप सी कर्मचारियों के लिए 30 दिन के बोनस की घोषणा की।
रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। रेल मंत्रालय ने रेलवे सुरक्षा बल यानी RPF और रेलवे सुरक्षा विशेष बल यानी RPSF के ग्रुप 'सी' कर्मचारियों के लिए 30 दिनों के नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को मंजूरी दे दी है। यह एड-हॉक बोनस वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दिया जा रहा है। 2 नवंबर को जारी आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार, राष्ट्रपति ने ग्रुप 'C' के सभी पात्र RPF और RPSF जवानों को 30 दिनों के वेतन के बराबर बोनस देने की मंजूरी दी है। इस भुगतान के लिए कोई वेतन सीमा नहीं रखी गई है, जिससे सभी पात्र कर्मियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
सर्कुलर में बोनस की गणना का पूरा तरीका समझाया गया है। इस बोनस की गणना कर्मचारी के औसत मासिक वेतन या 7,000 रुपये की तय सीमा, दोनों में से जो भी कम हो, उसके आधार पर की जाएगी। यह 7,000 रुपये की मासिक सीमा 1 अप्रैल 2014 से लागू है। गणना के लिए कर्मचारी के मासिक औसत वेतन को महीने के औसत दिनों यानी 30.4 से भाग देकर एक दिन का बोनस निकाला जाता है। फिर उसे 30 दिनों से गुणा किया जाता है। जिन कर्मियों का मासिक वेतन 7,000 रुपये से अधिक है, उन पर 7,000 रुपये की सीमा लागू होगी। इस हिसाब से 30 दिनों का बोनस 6,907.89 रुपये बनता है, जिसे राउंड ऑफ करके पूरे 6,908 रुपये का भुगतान किया जाएगा। सभी भुगतान निकटतम रुपये में राउंड ऑफ किए जाएंगे।
इस बोनस का लाभ पाने के लिए कर्मचारियों को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। सबसे पहली शर्त यह है कि कर्मचारी को 31 मार्च 2026 को सेवा में होना अनिवार्य है। इसके अलावा संबंधित कर्मचारी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कम से कम छह महीने की निरंतर सेवा पूरी की हो। जिन कर्मचारियों ने छह महीने से लेकर एक साल के बीच सेवा पूरी की है, उन्हें प्रो-राटा आधार पर यानी सेवा अवधि के अनुपात में बोनस मिलेगा। पात्रता अवधि की गणना महीनों के आधार पर होगी और उसे निकटतम महीने में राउंड ऑफ किया जाएगा। ग्रुप 'सी' के सभी RPF और RPSF कर्मी, चाहे वे वर्दी में हों या बिना वर्दी के, और उनकी तैनाती कहीं भी हो, वे इसके हकदार होंगे।
सर्कुलर के अनुसार पूरी तरह अस्थाई एड-हॉक आधार पर नियुक्त कर्मचारी भी पात्र होंगे, बशर्ते उनकी सेवा में कोई रुकावट न आई हो और छह महीने की सेवा पूरी हो। विशेष मामले के तौर पर जो कर्मचारी 31 मार्च 2026 से पहले सेवानिवृत्त हो गए, मेडिकल आधार पर अलग हुए या जिनका निधन हो गया, वे भी पात्र होंगे यदि उन्होंने छह महीने की नियमित सेवा पूरी की हो। जो कर्मचारी राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों या सार्वजनिक उपक्रमों में प्रतिनियुक्ति पर गए हैं, उन्हें उधार लेने वाला संस्थान बोनस देगा। वहीं केंद्र सरकार में रिवर्स प्रतिनियुक्ति पर आए कर्मचारी भी तय शर्तों के तहत बोनस के पात्र माने जाएंगे।
सर्कुलर में छुट्टी और निलंबन के नियम भी तय किए गए हैं। हाफ-पे लीव, लीव नॉट ड्यू और स्टडी लीव की अवधि को पात्रता में गिना जाएगा। हालांकि असाधारण अवकाश और डाइज-नॉन अवधि को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। निलंबन के मामले में निर्वाह भत्ते को वेतन नहीं माना जाएगा और पात्रता सेवा में बहाली के फैसले पर निर्भर करेगी। इसके अलावा निश्चित मानदेय पर काम करने वाले पार्ट-टाइम कर्मचारियों को इस 30 दिन के बोनस का लाभ नहीं मिलेगा। मंत्रालय का यह फैसला जवानों के लिए काफी मददगार साबित होगा।
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