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Muhurat Trading 2026: दिवाली पर बाजार में आजमाना चाहते हैं किस्मत, इन 5 बातों का जरूर रखें ध्यान

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड November 08, 2026, 11:56 IST

सारांश

मुहूर्त ट्रेडिंग शेयर बाजार का एक विशेष सत्र है, जिसका आयोजन हर साल दिवाली के आसपास किया जाता है। इस दौरान निवेशक और ट्रेडर्स शुभ समय में शेयरों की खरीद-बिक्री करते हैं। साल 2026 में मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन आज 08 नवंबर को किया गया है।

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मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान अपने पूरे पोर्टफोलियो में बड़े बदलाव करने से बचना चाहिए।

दिवाली के मौके पर देशभर में लोग रोशनी और खुशियों का त्योहार मनाते हैं। इस खास मौके पर शेयर बाजार में भी हर साल मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन किया जाता है। यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की ओर से दिवाली के दिन आयोजित होने वाला एक विशेष कारोबारी सत्र होता है। आमतौर पर यह एक घंटे का होता है। इसे हिंदू नववर्ष और नए कारोबारी साल की शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन निवेश या कारोबार शुरू करने से सालभर समृद्धि और खुशहाली आती है। हालांकि, शुभ अवसर होने के बावजूद निवेशकों को इस दौरान सोच-समझकर फैसले लेने चाहिए।

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क्या होती है मुहूर्त ट्रेडिंग?

मुहूर्त ट्रेडिंग शेयर बाजार का एक विशेष सत्र है, जिसका आयोजन हर साल दिवाली के आसपास किया जाता है। इस दौरान निवेशक और ट्रेडर्स शुभ समय में शेयरों की खरीद-बिक्री करते हैं। साल 2026 में मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन आज 08 नवंबर को किया गया है। NSE और BSE के आधिकारिक सर्कुलर के मुताबिक, यह सत्र दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक चलेगा।

इस सत्र में निवेश करना कई लोगों के लिए एक परंपरा है। लेकिन निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि सिर्फ शुभ दिन पर निवेश करने से मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती। इसके लिए सही रणनीति और जोखिम को समझना भी जरूरी है।

मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान इन 5 बातों का रखें ध्यान

निवेश में अनुशासन बनाए रखें

मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान अपने पूरे पोर्टफोलियो में बड़े बदलाव करने से बचना चाहिए। बार-बार शेयर खरीदने और बेचने से जोखिम बढ़ सकता है और लंबे समय के वित्तीय लक्ष्य भी प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए अपनी निवेश रणनीति पर टिके रहें। अगर पोर्टफोलियो में बदलाव जरूरी है, तो सोच-समझकर छोटे बदलाव करें।

अपने निवेश पर नजर रखें

अगर आपने शेयर, गोल्ड और दूसरे एसेट में निवेश किया है, तो समय-समय पर उनके प्रदर्शन की समीक्षा करना जरूरी है। बाजार में होने वाले बदलावों को समझें और जरूरत के मुताबिक फैसले लें। अगर आपके लिए सभी निवेश पर नजर रखना मुश्किल है, तो किसी भरोसेमंद फाइनेंशियल एडवाइजर की मदद ले सकते हैं।

घबराहट में शेयर न बेचें

मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अगर किसी वजह से शेयर बाजार में गिरावट आती है, तो घबराकर अपने शेयर नुकसान में बेचने से बचें। लंबे समय के निवेशकों के लिए धैर्य रखना जरूरी है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर गिरते शेयर को बिना जांचे लंबे समय तक अपने पास रखा जाए। कंपनी के फंडामेंटल और निवेश के कारणों की समीक्षा जरूर करें।

पोर्टफोलियो में विविधता रखें

अपने पूरे पैसे को किसी एक शेयर या एसेट में लगाने के बजाय अलग-अलग जगह निवेश करना बेहतर हो सकता है। इक्विटी, गोल्ड और डेट जैसे विकल्पों में निवेश बांटने से जोखिम को संतुलित करने में मदद मिलती है। अगर किसी एक एसेट में खराब प्रदर्शन होता है, तो दूसरे एसेट से उसकी भरपाई हो सकती है।

अच्छे शेयरों का बास्केट बनाएं

निवेशकों को अपना पूरा पैसा किसी एक कंपनी के शेयर में लगाने के बजाय 4-5 अच्छी कंपनियों का बास्केट बनाने पर विचार करना चाहिए। इसमें निवेश की रकम को अलग-अलग शेयरों में बांटा जा सकता है। इससे किसी एक शेयर के खराब प्रदर्शन का पूरे पोर्टफोलियो पर असर कम हो सकता है। हालांकि, शेयर चुनते समय कंपनी का कारोबार, फंडामेंटल, वैल्यूएशन और भविष्य की संभावनाओं को जरूर देखना चाहिए।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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