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  1. 29 जुलाई से खुलेगा Manipal Health का IPO, कैसा है बिजनेस मॉडल? प्राइस बैंड समेत हर जरूरी बात

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29 जुलाई से खुलेगा Manipal Health का IPO, कैसा है बिजनेस मॉडल? प्राइस बैंड समेत हर जरूरी बात

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड July 28, 2026, 15:02 IST

सारांश

Manipal Health IPO: कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड 560 रुपये से 590 रुपये प्रति शेयर तय किया है। रिटेल निवेशकों को कम से कम 25 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। यानी ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से न्यूनतम निवेश 14,750 रुपये होगा।

Manipal Health IPO

Manipal Health IPO: इस पब्लिक इश्यू के जरिए कंपनी 9,275.22 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।

अगर आप हेल्थकेयर सेक्टर की किसी बड़ी कंपनी के IPO में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो Manipal Health Enterprises का IPO आपके लिए अहम हो सकता है। कंपनी का IPO 29 जुलाई 2026 (बुधवार) को खुलेगा और 31 जुलाई 2026 (शुक्रवार) तक निवेशक इसमें बोली लगा सकेंगे। इस पब्लिक इश्यू के जरिए कंपनी 9,275.22 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसमें 8,000 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1,275.22 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है।

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प्राइस बैंड और निवेश की डिटेल

कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड 560 रुपये से 590 रुपये प्रति शेयर तय किया है। रिटेल निवेशकों को कम से कम 25 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। यानी ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से न्यूनतम निवेश 14,750 रुपये होगा। कंपनी का प्री-IPO मार्केट कैप लगभग 77,605.68 करोड़ रुपये है। शेयरों की संभावित लिस्टिंग 5 अगस्त 2026 को NSE और BSE पर हो सकती है, जबकि अलॉटमेंट 3 अगस्त तक होने की उम्मीद है।

क्या है कंपनी का बिजनेस मॉडल?

साल 2010 में स्थापित Manipal Health Enterprises भारत की प्रमुख हेल्थकेयर सेवा प्रदाता कंपनियों में से एक है। कंपनी देशभर में मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, डे-केयर सेंटर, क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर का बड़ा नेटवर्क संचालित करती है। इसका बिजनेस मॉडल केवल अस्पताल चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों को इलाज, सर्जरी, डायग्नोस्टिक्स, इमरजेंसी, क्रिटिकल केयर और लंबी अवधि की मेडिकल सेवाएं एक ही नेटवर्क के तहत उपलब्ध कराता है।

कंपनी की आय का बड़ा हिस्सा अस्पतालों में भर्ती मरीजों (In-patient), ओपीडी सेवाओं (Out-patient), डायग्नोस्टिक टेस्ट, सर्जरी और अन्य चिकित्सा सेवाओं से आता है। भारत में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की बढ़ती मांग, स्वास्थ्य बीमा का विस्तार और बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों में अस्पताल नेटवर्क बढ़ाने की रणनीति कंपनी के कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है।

IPO से जुटाई गई रकम का क्या होगा?

कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपनी सहयोगी कंपनी Manipal Hospitals Private Limited के कर्ज को चुकाने या कम करने में करेगी। इसके अलावा Sahyadri Hospitals Private Limited में अल्पांश हिस्सेदारी खरीदने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए भी फंड का उपयोग किया जाएगा। कर्ज घटने से भविष्य में ब्याज का बोझ कम हो सकता है, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।

वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। इस दौरान कुल आय 26% बढ़कर 10,520.52 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष में 8,362.79 करोड़ रुपये थी। वहीं EBITDA बढ़कर 2,795.94 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले 2,247.07 करोड़ रुपये था। हालांकि, बढ़ते खर्च और अन्य लागतों की वजह से शुद्ध मुनाफा (PAT) घटकर 916.52 करोड़ रुपये रह गया, जो FY25 में 1,081.67 करोड़ रुपये था।

ऐसे में निवेशकों के लिए कंपनी का मजबूत हेल्थकेयर नेटवर्क और आय में लगातार वृद्धि सकारात्मक पहलू हैं, जबकि मुनाफे में आई गिरावट पर भी नजर रखना जरूरी होगा। IPO में निवेश का फैसला करने से पहले कंपनी के जोखिम, वैल्यूएशन और अपने निवेश लक्ष्य का आकलन जरूर करें।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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