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4 min read | अपडेटेड August 07, 2026, 13:26 IST
सारांश
L&T भारत की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनियों में से एक है। कंपनी EPC प्रोजेक्ट्स, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स और विभिन्न सर्विसेज के क्षेत्र में काम करती है। भारत के अलावा कई देशों में इसकी मौजूदगी है।
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लार्सन एंड टुर्बो (एल एंड टी) को ओएनजीसी से मिला बड़ा ऑफशोर ऑर्डर (Photo: Shutterstock)
इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को सरकारी तेल एवं गैस कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) से बड़ा ऑफशोर ऑर्डर मिला है। कंपनी ने शेयर मार्केट को दी जानकारी में बताया कि उसकी इकाई एल एंड टी एनर्जी हाइड्रोकार्बन ऑफशोर (LTEH Offshore) को भारत के पश्चिमी तट पर स्थित ONGC के दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का काम सौंपा गया है। इनमें पाइपलाइन रिप्लेसमेंट प्रोजेक्ट (PRP-X) और वेल हेड प्लेटफॉर्म प्रोजेक्ट शामिल हैं। इस ऑर्डर के बाद हालांकि शेयरों में कुछ खास हलचल देखने को नहीं मिली है। लेकिन पिछले एक सप्ताह में एल एंड टी के शेयर 2% से ज्यादा यानी कि करीब 90 रुपये प्रति शेयर के आस-पास तक उछले हैं। पिछले कुछ दिनों में कंपनी को कुछ बड़े ऑर्डर्स मिले हैं। इस ऑर्डर की बात करें तो हालांकि कंपनी ने ऑर्डर की सटीक वैल्यू का खुलासा नहीं किया है, लेकिन L&T की ऑर्डर कैटेगरी के अनुसार यह 'मेजर ऑर्डर' है, जिसकी अनुमानित कीमत 5,000 करोड़ रुपये से 10,000 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है।
L&T के मुताबिक PRP-X (पाइपलाइन रिप्लेसमेंट प्रोजेक्ट) के तहत समुद्र के भीतर बिछी कई पाइपलाइन को बदलने का काम किया जाएगा। इसके अलावा पाइपलाइन से जुड़े अन्य जरूरी बदलाव भी किए जाएंगे, ताकि ONGC के ऑफशोर ऑयल और गैस फील्ड्स का संचालन अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीके से हो सके। वहीं वेल हेड प्लैटफॉर्म्स प्रोजेक्ट के तहत कंपनी चार नए वेल हेड प्लैटफॉर्म तैयार करेगी। ये प्लैटफॉर्म समुद्र के भीतर तेल और गैस उत्पादन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन दोनों परियोजनाओं में इंजीनियरिंग, खरीद, निर्माण, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग (EPCIC) का पूरा काम एल एंड टी ही संभालेगी।
L&T एनर्जी हाइड्रोकार्बन ऑफशोर देश और विदेश में ऑफशोर ऑयल एवं गैस परियोजनाओं के लिए EPCIC सर्विसेज देने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी के पास आधुनिक इंजीनियरिंग क्षमता, अत्याधुनिक फैब्रिकेशन सुविधाएं और समुद्री जहाजों का अपना बेड़ा है। इसी वजह से वह जटिल समुद्री परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने का एक्सपीरियंस रखती है। पिछले चार दशकों में कंपनी ने फिक्स्ड प्लैटफॉर्म, सब-सी पाइपलाइन, ऑफशोर स्ट्रक्चर, ब्राउनफील्ड अपग्रेड और डी-कमीशनिंग जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। यही अनुभव उसे ONGC जैसे बड़े ग्राहकों का भरोसेमंद साझेदार बनाता है।
L&T एनर्जी हाइड्रोकार्बन ऑफशोर के प्रमुख पार्थसारथी चटर्जी ने कहा कि यह ऑर्डर कंपनी की तकनीकी क्षमता और प्रोजेक्ट एग्जिक्यूशन में ग्राहकों के भरोसे को दर्शाता है। उनके अनुसार कंपनी इन प्रोजेक्ट्स के जरिए भारत के ऑफशोर ऊर्जा ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ONGC जैसी बड़ी सरकारी कंपनी से लगातार ऑर्डर मिलना L&T के ऑर्डर बुक को मजबूत करता है। इससे आने वाले समय में कंपनी के रेवेन्यू और कारोबार को भी सहारा मिल सकता है।
L&T भारत की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनियों में से एक है। कंपनी EPC प्रोजेक्ट्स, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स और विभिन्न सर्विसेज के क्षेत्र में काम करती है। भारत के अलावा कई देशों में इसकी मौजूदगी है। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नई तकनीकों और गुणवत्ता पर लगातार निवेश कर रही है, जिससे पिछले कई दशकों से उसने अपने विभिन्न कारोबारों में मजबूत पहचान बनाई है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक बड़े ऑर्डर मिलने से किसी भी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की भविष्य की आय को मजबूती मिलती है। हालांकि केवल एक ऑर्डर के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। निवेशकों को कंपनी के ऑर्डर बुक, वित्तीय प्रदर्शन, प्रोजेक्ट निष्पादन क्षमता और सेक्टर की संभावनाओं को भी ध्यान में रखना चाहिए। L&T को मिला यह नया ऑर्डर इस बात का संकेत है कि कंपनी भारत के ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है। अगर कंपनी इन परियोजनाओं को तय समय और गुणवत्ता के साथ पूरा करती है, तो इसका सकारात्मक असर उसके कारोबार और निवेशकों के भरोसे दोनों पर देखने को मिल सकता है।
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