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  1. कुसुमगर लिमिटेड के शेयरों की मार्केट धाकड़ एंट्री, प्रति लॉट निवेशकों को मिला कितना प्रॉफिट?

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कुसुमगर लिमिटेड के शेयरों की मार्केट धाकड़ एंट्री, प्रति लॉट निवेशकों को मिला कितना प्रॉफिट?

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड July 15, 2026, 09:50 IST

सारांश

1990 में बनी कुसुमगर लिमिटेड, बुने हुए, कोटेड और लैमिनेटेड सिंथेटिक फैब्रिक, जिसे 'इंजीनियर्ड फैब्रिक्स' के तौर पर जाना जाता है, बनाती है। इसके प्रोडक्ट मुख्य रूप से पॉलियामाइड और पॉलिएस्टर फिलामेंट्स पर बेस्ड होते हैं, जिनमें पॉलीयुरेथेन केमिस्ट्री का इस्तेमाल किया जाता है।

कुसुमगर आईपीओ लिस्टिंग

कुसुमगर लिमिटेड के शेयरों का मार्केट में डेब्यू (Photo: Shutterstock)

कुसुमगर लिमिटेड के शेयर आज एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) और बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) पर लिस्ट हो गए हैं। सब्सक्रिप्शन के दौरान कुसुमगर आईपीओ का जिस तरह का रिऐक्शन मिला था, उसे देखकर पहले ही लग गया था कि इसकी लिस्टिंग दमदार होने वाली है। कुसुमगर लिमिटेड के शेयर एनएसई पर 35.80% यानी कि 150 रुपये के प्रीमियम के साथ 569 रुपये पर लिस्ट हुए हैं, वहीं बीएसई पर 36.99% यानी कि 155 रुपये के प्रॉफिट के साथ इसके शेयर 574 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुए हैं। इस तरह से प्रति शेयर निवेशकों को 150-155 रुपये का फायदा मिला है। एक लॉट में 35 शेयर थे, इस तरह से एनएसई पर प्रति लॉट 5,250 रुपये का प्रॉफिट मिला है।

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कुसुमगर आईपीओ 650 करोड़ रुपये का बुकबिल्ड इश्यू है, जिसमें कोई भी फ्रेश शेयर शामिल नहीं थे और 650 करोड़ रुपये के 1.55 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल पर थे। कुसुमगर आईपीओ का सब्सक्रिप्शन विंडो 8 जुलाई को खुला था, जबकि बोली लगाने की आखिरी डेट 10 जुलाई थी। 13 जुलाई को कुसुमगर आईपीओ का अलॉटमेंट फाइनलाइज कर दिया गया था।

कुसुमगर आईपीओ की डीटेल्स

प्राइस बैंडः 419 रुपये प्रति शेयर
लॉट साइजः 35 शेयर
रिटेल इन्वेस्टर के लिए मिनिमम इन्वेस्टमेंटः 14,665 रुपये (35 शेयर)
sNII के लिए मिनिमम इन्वेस्टमेंट और लॉटः 2,05,310 रुपये (14 लॉट, 490 शेयर)
bNII के लिए मिनिमम इन्वेस्टमेंट और लॉटः 10,11,885 रुपये (69 लॉट, 2,415 शेयर)

कैसा रहा था सब्सक्रिप्शन?

कुसुमगर IPO 135.80 गुना सब्सक्राइब हुआ। 10 जुलाई, 2026 को शाम 6:54:43 बजे (तीसरे दिन) तक, इस पब्लिक इश्यू को रिटेल कैटेगरी में 27.97 गुना, QIB (एंकर को छोड़कर) कैटेगरी में 299.51 गुना और NII कैटेगरी में 174.28 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

कुसुमगर लिमिटेड के बारे में

1990 में बनी कुसुमगर लिमिटेड, बुने हुए (woven), कोटेड और लैमिनेटेड सिंथेटिक फैब्रिक, जिसे 'इंजीनियर्ड फैब्रिक्स' के तौर पर जाना जाता है, बनाती है। इसके प्रोडक्ट मुख्य रूप से पॉलियामाइड और पॉलिएस्टर फिलामेंट्स पर बेस्ड होते हैं, जिनमें पॉलीयुरेथेन केमिस्ट्री का इस्तेमाल किया जाता है। 31 मार्च, 2026 तक, इसने 1,000 से ज्यादा अलग-अलग तरह के फैब्रिक (SKUs) डेवलप किए हैं और सिंथेटिक फंक्शनल और परफॉर्मेंस फैब्रिक के सेक्टर में मजबूत जगह बनाई है।

इसके प्रोडक्ट कई तरह के उद्योगों में इस्तेमाल होते हैं, जिनमें एयरोस्पेस और डिफेंस, इंडस्ट्रियल और ऑटोमोटिव, और आउटडोर और लाइफस्टाइल सेक्टर शामिल हैं। हाल के सालों में, कंपनी ने एयरोस्पेस और मिलिट्री में इस्तेमाल होने वाले फिनिश्ड प्रोडक्ट के सेक्टर में भी अपना एक्सपेंशन किया है, जैसे कि पैराशूट सिस्टम, स्टील्थ मटीरियल और रैपिड डिप्लॉयमेंट सिस्टम।

कितना बड़ा है कंपनी का बिजनेस?

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कुसुमगर लिमिटेड का रेवेन्यू 10% कम हुआ और टैक्स के बाद प्रॉफिट (PAT) में 12% की गिरावट आई। हालांकि कंपनी के नेटवर्थ में जबर्दस्त उछाल देखा गया। 31 मार्च 2025 को कंपनी की नेटवर्थ 247.60 करोड़ रुपये थी, जो 31 मार्च 2026 तक 502.95 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। कंपनी का मार्केट कैप 4,399.14 करोड़ रुपये है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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