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  1. IRFC ने हैदराबाद मेट्रो के लिए साइन की 13500 करोड़ की रीफाइनेंसिंग डील, करीब 3% तक उछल गए शेयर

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IRFC ने हैदराबाद मेट्रो के लिए साइन की 13500 करोड़ की रीफाइनेंसिंग डील, करीब 3% तक उछल गए शेयर

Upstox

2 min read | अपडेटेड May 25, 2026, 16:26 IST

सारांश

IRFC ने बताया कि उसने L&T मेट्रो रेल (हैदराबाद) के साथ 13,527 करोड़ रुपये का रीफाइनेंसिंग एग्रीमेंट साइन किया है, जो हैदराबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए है। रीफाइनेंसिंग का मतलब है पुराने महंगे कर्ज को नए और सस्ते कर्ज से बदलना।

IRFC

आज की तेजी के साथ IRFC का मार्केट कैप बढ़कर 1,31,273.14 करोड़ रुपये हो गया है।

इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) के शेयरों में आज 25 मई को करीब 3 फीसदी तक की तेजी देखी गई। यह स्टॉक आज BSE पर 101 रुपये प्रति शेयर के भाव पर पहुंच गया। दरअसल कंपनी ने बताया कि वह 13000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रीफाइनेंसिंग डील के जरिए शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग के क्षेत्र में कदम रख रही है। आज की तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1,31,273.14 करोड़ रुपये हो गया है। स्टॉक का 52-वीक हाई 148.90 रुपये और 52-वीक लो 87.05 रुपये है।

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IRFC के रीफाइनेंसिंग एग्रीमेंट के क्या हैं मायने?

IRFC ने बताया कि उसने L&T मेट्रो रेल (हैदराबाद) के साथ 13,527 करोड़ रुपये का रीफाइनेंसिंग एग्रीमेंट साइन किया है, जो हैदराबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए है। रीफाइनेंसिंग का मतलब है पुराने महंगे कर्ज को नए और सस्ते कर्ज से बदलना। इस डील के जरिए हैदराबाद मेट्रो के पुराने महंगे लोन को अब लंबे समय के लिए कम लागत वाले रुपये आधारित लोन से बदला जाएगा, जिससे प्रोजेक्ट की वित्तीय स्थिति बेहतर होगी।

IRFC के मुताबिक यह 20 साल का टर्म लोन है, जिसकी किस्तें हर तीन महीने चुकाई जाएंगी। खास बात यह है कि इस लोन पर कोई प्रोसेसिंग फीस, कमिटमेंट चार्जेज या प्रीपेमेंट पेनल्टी नहीं है, यानी उधार लेने वाली कंपनी पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

क्यों खास है यह डील?

यह डील इसलिए भी खास है क्योंकि इससे IRFC ने पहली बार पारंपरिक रेलवे फाइनेंसिंग से बाहर निकलकर अर्बन इन्फ्रा फाइनेंसिंग यानी शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग में कदम रखा है। कंपनी अब सिर्फ रेलवे तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि दूसरे इंफ्रा सेक्टर्स में भी विस्तार करना चाहती है।

इससे पहले L&T मेट्रो रेल (हैदराबाद) की 100% हिस्सेदारी तेलंगाना सरकार के पास ट्रांसफर की गई थी, जिसे हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड के जरिए संभाला जा रहा है। Hyderabad Metro Rail Phase-I प्रोजेक्ट 69.2 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 3 कॉरिडोर और 57 स्टेशन हैं। यह पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित होता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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