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क्या है 3F? ग्लोबल चुनौतियों के बीच क्यों वित्त मंत्री ने की लोगों से इस पर फोकस करने की अपील

Upstox

2 min read | अपडेटेड May 25, 2026, 15:41 IST

सारांश

निर्मला सीतारमण ने बताया कि डीजल और पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में कटौती से सरकार को एक लाख करोड़ रुपये के रेवेन्यू का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ उर्वरक की कीमतें भी अकल्पनीय स्तर पर पहुंच गई हैं, जबकि सोने की ऊंची कीमतें बाहरी क्षेत्र पर कुछ चुनौतियां पैदा कर रही हैं।

भारतीय अर्थव्यवस्था

वित्त मंत्री ने ‘ईंधन, उर्वरक और विदेशी मुद्रा’ पर ध्यान देने की आवश्यकता पर दिया बल (Photo: Shutterstock)

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को पश्चिम एशिया संकट के बीच ‘ईंधन, उर्वरक और विदेशी मुद्रा (Fuel, Fertiliser and Forex, 3F) पर अधिक ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत बनी हुई है। भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के 37वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन संरक्षण की अपीलों के बाद कुछ लोगों द्वारा निराशावादी और नकारात्मक माहौल बनाए जाने की आलोचना की और कहा कि देश में भय फैलाने की कोई गुंजाइश नहीं है और लोगों में विश्वास बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत की नीतिगत प्रतिक्रिया वृद्धि को बनाए रखने के लिए संतुलित तरीके से तैयार की गई है।

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वित्त मंत्री ने बताया कि डीजल और पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में कटौती से सरकार को एक लाख करोड़ रुपये के रेवेन्यू का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ उर्वरक की कीमतें भी अकल्पनीय स्तर पर पहुंच गई हैं, जबकि सोने की ऊंची कीमतें बाहरी क्षेत्र पर कुछ चुनौतियां पैदा कर रही हैं। सीतारमण ने कहा कि ऐसे समय में ईंधन, उर्वरक और विदेशी मुद्रा (3एफ) पर खास ध्यान देने की जरूरत है और प्रधानमंत्री के आह्वानों का संदर्भ भी इसी पृष्ठभूमि में है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग स्थिति को लेकर यह दावा कर रहे हैं कि सब कुछ ‘बर्बाद हो रहा है, जो सही नहीं है।’

सीतारमण ने कहा, ‘लोगों द्वारा किए जा रहे अच्छे कामों को भुला दिया जाता है और एक निराशावादी और नेगेटिव माहौल बनाया जाता है, जो बिल्कुल सही नहीं है।’ वित्त मंत्री ने कहा कि चुनौतियां मुख्य रूप से बाहरी कारणों से पैदा हुई हैं, जबकि भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति आज भी पॉजिटिव और मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘भारत भय फैलाने की स्थिति में नहीं है। हमें अपने शब्दों और कामों से लोगों में विश्वास पैदा करना चाहिए।’ सीतारमण ने यह भी कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के 8.1 लाख करोड़ रुपये के लंबित भुगतान का मामला उनकी कार्यशील पूंजी और वृद्धि को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने पब्लिक सेक्टर के उपक्रमों से कहा कि वे एमएसएमई को भुगतान करने में 45 दिन की समय-सीमा से अधिक विलंब न करें।

PTI इनपुट के साथ

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