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आने वाला है Indo-MIM का ₹3,811 करोड़ का आईपीओ, कैसा है कंपनी का बिजनेस और क्या है पूरा प्लान?

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड July 22, 2026, 14:02 IST

सारांश

Indo-MIM के IPO में 500 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि 3312 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। OFS के तहत मौजूदा प्रमोटर और निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।

Indo-MIM IPO

Indo-MIM IPO: आम निवेशक 23 जुलाई से 27 जुलाई तक आईपीओ में आवेदन कर सकेंगे।

Linkबेंगलुरु की प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी Indo-MIM का आईपीओ निवेशकों के लिए 23 जुलाई से खुलेगा। कंपनी का इरादा पब्लिक इश्यू के जरिए 3,811.21 करोड़ रुपये जुटाने का है। कंपनी ने आईपीओ के लिए 461 रुपये से 485 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशकों के पास इसमें 27 जुलाई तक निवेश का मौका रहेगा। यह एक मेनबोर्ड आईपीओ है, जिसके शेयरों की लिस्टिंग BSE और NSE पर होगी।
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Indo-MIM IPO का स्ट्रक्चर

Indo-MIM के आईपीओ में 500 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि 3312 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। OFS के तहत मौजूदा प्रमोटर और निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। आईपीओ का लॉट साइज 30 शेयर रखा गया है। यानी खुदरा निवेशकों को कम से कम 14,550 रुपये (485 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से) का निवेश करना होगा।

जानें पूरा IPO शेड्यूल

एंकर निवेशकों के लिए बोली 22 जुलाई को खुलेगी। आम निवेशक 23 जुलाई से 27 जुलाई तक आईपीओ में आवेदन कर सकेंगे। सब्सक्रिप्शन के बाद शेयरों का आवंटन 28 जुलाई को तय होने की संभावना है। सफल निवेशकों के डीमैट खाते में शेयर 29 जुलाई को आएंगे और कंपनी के शेयर 30 जुलाई को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे।

कौन बेच रहा है अपनी हिस्सेदारी?

ऑफर फॉर सेल के तहत Green Meadows Investments लगभग 6.05 करोड़ शेयर बेचेगी। वहीं अनुराधा कोडुरी करीब 54.59 लाख शेयर और IIT मद्रास लगभग 23.07 लाख शेयर बेचेंगे। कंपनी ने पहले अपने आईपीओ का आकार घटाया था। शुरुआती योजना के अनुसार फ्रेश इश्यू 1,000 करोड़ रुपये का होना था, जिसे बाद में घटाकर 500 करोड़ रुपये कर दिया गया।

जुटाई गई रकम का क्या होगा इस्तेमाल?

Indo-MIM फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि में से 400 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपने कर्ज को कम करने में करेगी। बाकी रकम का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। मई 2026 तक कंपनी पर कुल 1,212.3 करोड़ रुपये का कर्ज था।

कैसा है कंपनी का कारोबार?

साल 1996 में स्थापित Indo-MIM मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) तकनीक से प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स बनाती है। कंपनी के उत्पाद ऑटोमोबाइल, रक्षा, मेडिकल, एयरोस्पेस और कंज्यूमर सेक्टर में इस्तेमाल होते हैं। कंपनी डिजाइन, टूलिंग, फिनिशिंग और असेंबली जैसी पूरी सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा। इस दौरान उसका नेट प्रॉफिट 26% बढ़कर 533.5 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 26% बढ़कर 4,193 करोड़ रुपये हो गया। IPO के लिए HDFC Bank, Axis Capital, ICICI Securities, Kotak Mahindra Capital और SBI Capital Markets बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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