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  1. नतीजों के बाद ICICI Bank और Yes Bank में तेजी, लेकिन HDFC Bank के शेयर लुढ़के, समझिए वजह

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नतीजों के बाद ICICI Bank और Yes Bank में तेजी, लेकिन HDFC Bank के शेयर लुढ़के, समझिए वजह

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड April 20, 2026, 11:04 IST

सारांश

ICICI Bank ने वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी से मार्च तिमाही में अपने शुद्ध मुनाफे में 8% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो बढ़कर ₹13,701 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा ₹12,629 करोड़ था।

शेयर सूची

HDFC Bank

HDFC Bank के शेयर नतीजों के बाद गिर गए, जबकि कंपनी का मुनाफा बढ़ा है।

ICICI Bank के शेयरों में आज 20 अप्रैल को 2 फीसदी तक की तेजी देखी गई और यह शेयर 1376.25 रुपये के भाव तक पहुंच गया। इसके साथ ही Yes Bank का शेयर भी 3 फीसदी तक बढ़कर 20.82 रुपये प्रति शेयर तक पहुंच गया। दूसरी तरफ HDFC Bank के शेयरों में 0.13 फीसदी की मामूली गिरावट देखी गई और यह 790 रुपये के स्तर पर आ गया। इन तीनों बैंकों ने हाल ही में FY26 की चौथी तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। आइए समझते हैं पूरा मामला।

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ICICI Bank

ICICI Bank ने वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी से मार्च तिमाही में अपने शुद्ध मुनाफे में 8% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो बढ़कर ₹13,701 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा ₹12,629 करोड़ था। तिमाही के दौरान बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) सालाना 1.99% बढ़कर ₹43275 करोड़ हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह ₹42,430 करोड़ थी।

मार्च तिमाही में ICICI Bank के खुदरा बैंकिंग सेगमेंट से होने वाली आय घटकर ₹40,608 करोड़ रह गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह ₹40,617 करोड़ थी। चौथी तिमाही में थोक बैंकिंग से होने वाली आय सालाना 7.3% बढ़कर ₹23,115 करोड़ हो गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह ₹21,536 करोड़ थी।

ICICI Bank की एसेट क्वालिटी में सुधार हो रहा है। ग्रॉस NPA चौथी तिमाही में 27 बेसिस पॉइंट घटकर 1.40% रह गईं, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 1.67% थीं।

Yes Bank के नतीजे

यस बैंक का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के मुकाबले 45% बढ़कर Q4FY26 में ₹1068 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹738 करोड़ था। यह पिछली तिमाही से 12% ज्यादा था। नेट इंटरेस्ट इनकम पिछले साल के मुकाबले 16% बढ़कर ₹2,638 करोड़ हो गई, जो पहले ₹2,276 करोड़ थी। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 7% ज्यादा थी।

यस बैंक ने बताया कि मार्जिन में सुधार की वजह डिपॉजिट की री-प्राइसिंग को पहले करना, CASA डिपॉजिट में लगातार बेहतर प्रदर्शन और ज्यादा लागत वाले उधार में लगातार कमी आना है। बैंक का ग्रॉस NPA रेशियो 1.5% से सुधरकर 1.3% हो गया, जबकि नेट NPA रेशियो 0.3% से घटकर 0.2% रह गया।

HDFC Bank के शेयर क्यों लुढ़के?

HDFC Bank के शेयर नतीजों के बाद गिर गए, जबकि कंपनी का मुनाफा बढ़ा है। दरअसल मार्केट को सिर्फ अच्छा रिजल्ट नहीं, बल्कि उम्मीद से बेहतर रिजल्ट चाहिए था। बैंक ने मार्च तिमाही में करीब 19,221 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दिखाया, जो पिछले साल से लगभग 9% ज्यादा है। ये बढ़त मुख्य रूप से कम प्रोविजन की वजह से आई, और एसेट क्वालिटी भी बेहतर हुई है। मतलब बैंक की हालत खराब नहीं है, बल्कि ठीक-ठाक मजबूत है।

लेकिन बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII), जो लोन से कमाई और डिपॉजिट पर दिए ब्याज का अंतर होता है, सिर्फ 3% बढ़ी। यही चीज निवेशकों को पसंद नहीं आई। लोन ग्रोथ भी एक वजह रही। बैंक के लोन करीब 12.1% बढ़े, जबकि डिपॉजिट 14.4% बढ़ गए। बैलेंस शीट के हिसाब से ये अच्छी बात है, लेकिन निवेशकों को उम्मीद थी कि मर्जर के बाद लोन ग्रोथ और तेज होगी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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