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4 min read | अपडेटेड July 18, 2026, 16:45 IST
सारांश
आईसीआईसीआई बैंक ने पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में बैंक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 13.9% बढ़कर 15,440.06 करोड़ रुपये हो गया है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में बढ़त और प्रोविजन में आई कमी से बैंक के मुनाफे को मजबूत सपोर्ट मिला है।
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ICICI Bank ने जारी किए तिमाही नतीजे।
देश के दूसरे सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बहुत ही शानदार प्रदर्शन किया है। 30 जून 2026 को खत्म हुई इस पहली तिमाही में बैंक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13.9% बढ़ गया है। इस बढ़ोतरी के साथ बैंक का नेट प्रॉफिट अब बढ़कर 15,440.06 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही में बैंक ने 13,557.60 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। बैंक के ऑपरेटिंग प्रॉफिट में हुई बढ़ोतरी और इसके प्रोविजन में आई बड़ी गिरावट की वजह से बैंक के मुनाफे को यह शानदार रफ्तार मिली है।
इस पहली तिमाही के दौरान आईसीआईसीआई बैंक की कंसोलिडेटेड कुल इनकम में 6.9% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह पिछले साल की इसी तिमाही के 74,576.03 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 79,689.22 करोड़ रुपये हो गई है। बैंक ने ब्याज के जरिए होने वाली कमाई में भी 6.4% की अच्छी ग्रोथ हासिल की है, जो अब बढ़कर 52,240.85 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वहीं बैंक की अन्य कमाई यानी अदर इनकम भी 7.7% बढ़कर 27,448.37 करोड़ रुपये रही है। नेट इंटरेस्ट इनकम यानी एनआईआई में भी 12.3% का शानदार उछाल देखा गया है और यह 25,989.90 करोड़ रुपये से बढ़कर 29,177.13 करोड़ रुपये हो गई है। इस दौरान बैंक का ब्याज पर होने वाला खर्च लगभग स्थिर रहा है।
बैंक के खर्चों की बात करें तो प्रोविजन और आकस्मिक खर्चों को छोड़कर कुल खर्च 7.2% बढ़कर 57,084.89 करोड़ रुपये रहा है। इस तिमाही में बैंक के ऑपरेटिंग खर्चे 12.8% बढ़े हैं और यह 34,021.17 करोड़ रुपये रहे हैं। प्रोविजन से पहले बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 6% बढ़कर 22,604.33 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। बैंक के लिए सबसे अच्छी बात यह रही कि इसके प्रोविजन और आकस्मिक खर्चों में 28.8% की भारी कमी आई है। यह पिछले साल के 1,822.33 करोड़ रुपये से घटकर केवल 1,297.20 करोड़ रुपये रह गया है। टैक्स से पहले बैंक का प्रॉफिट 9.3% बढ़कर 21,373.61 करोड़ रुपये रहा है, जबकि प्रति शेयर बेसिक अर्निंग बढ़कर 21.54 रुपये हो गई है।
आईसीआईसीआई बैंक के बिजनेस विस्तार में भी बहुत मजबूत ग्रोथ देखने को मिली है। 30 जून 2026 तक बैंक के कंसोलिडेटेड लोन यानी एडवांस में सालाना आधार पर 19.6% की बड़ी तेजी आई है और यह 17.29 ट्रिलियन रुपये पर पहुंच गया है। बैंक के डिपॉजिट भी 14% की शानदार ग्रोथ के साथ 18.70 ट्रिलियन रुपये हो गए हैं। इसके साथ ही बैंक का कुल एसेट बेस 12.5% बढ़कर 30.02 ट्रिलियन रुपये हो गया है। सेगमेंट के हिसाब से देखें तो रिटेल बैंकिंग से होने वाला प्रॉफिट 31.8% बढ़ा है, जबकि होलसेल बैंकिंग का प्रॉफिट 38.8% बढ़ा है। हालांकि ट्रेजरी प्रॉफिट में 23.6% और जनरल इंश्योरेंस प्रॉफिट में 46.1% की गिरावट आई है।
बैंक ने स्टैंडअलोन आधार पर अपनी एसेट क्वालिटी में भी बेहतरीन सुधार दिखाया है। बैंक का ग्रॉस एनपीए रेशियो सालाना आधार पर 29 बेसिस पॉइंट्स घटकर 1.38% पर आ गया है। वहीं नेट एनपीए रेशियो भी 6 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट के साथ महज 0.35% रह गया है। बैंक का स्टैंडअलोन नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी एनआईएम भी 4.36% हो गया है। इसके अलावा बैंक के बोर्ड ने मृगांक परांजपे को 1 अगस्त 2026 से 31 जुलाई 2031 तक के लिए एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त करने को मंजूरी दी है। साथ ही विदेशी बाजारों से बॉन्ड्स और नोट्स के जरिए 2.5 बिलियन डॉलर तक की रकम जुटाने की लिमिट को भी मंजूरी दे दी गई है।
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